
New Income Tax Rules 2026 : इनकम टैक्स विभाग ने शनिवार को ‘Income Tax Rules, 2026’ का नया ड्राफ्ट सार्वजनिक कर दिया है। यह नया ड्राफ्ट अगले वित्तीय वर्ष, यानी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। सरकार का उद्देश्य टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को सरल और आम टैक्सपेयर्स के लिए सहज बनाना है।
इस ड्राफ्ट के माध्यम से विभाग ने नियमों और फॉर्म्स की संख्या में भारी कटौती की है। पहले लागू ‘Income Tax Rules, 1962’ में कुल 511 नियम और 399 फॉर्म्स मौजूद थे, लेकिन नए ड्राफ्ट में इसे घटाकर केवल 333 नियम और 190 फॉर्म्स कर दिया गया है। इस कदम से टैक्स सिस्टम को ज्यादा आसान, सरल और user-friendly बनाने की कोशिश की गई है। विभाग ने उन नियमों और प्रावधानों को हटा दिया है जिनकी अब कोई आवश्यकता नहीं रही। इसके साथ ही कई समान और मिलते-जुलते नियमों को आपस में merge किया गया है। इससे टैक्स नियमों की जटिलता कम होगी और आम टैक्सपेयर के लिए उन्हें समझना और लागू करना आसान होगा।
फॉर्म और गाइडलाइंस होंगे ज्यादा user-friendly
Income Tax Rules 2026 Draft PDF : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में स्पष्ट किया था कि इनकम टैक्स नियम और फॉर्म आम नागरिकों के लिए सरल बनाने की दिशा में redesign किए जाएंगे। नए ड्राफ्ट में फॉर्म्स को पूरी तरह नया रूप दिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अब फॉर्म्स की भाषा और design को ऐसा बनाया गया है कि टैक्सपेयर बिना किसी परेशानी के खुद इन्हें भर सके। पुराने नियमों में मौजूद administrative और legal जटिलताओं को कम करने के लिए गाइडलाइंस को भी सरल और स्पष्ट बनाया गया है। इसका मतलब है कि अब आम आदमी के लिए इनकम टैक्स compliance आसान और stress-free हो जाएगा।

सुझाव देने की अंतिम तिथि
CBDT Income Tax Rules 2026 : सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने इस ड्राफ्ट को पब्लिक डोमेन में डाल दिया है। आम लोग, टैक्स एक्सपर्ट्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स अगले 15 दिनों तक, यानी 22 फरवरी 2026 तक इस ड्राफ्ट पर अपने सुझाव दे सकते हैं। सरकार का मानना है कि जनता की राय लेने से अंतिम नियम अधिक प्रभावी और समावेशी (inclusive) होंगे। सुझावों के आधार पर ही नए इनकम टैक्स नियमों को officially notify किया जाएगा। Income Tax Rules 2026 changes
नए इनकम टैक्स बिल की 4 प्रमुख बातें
- Assessment Year का नाम बदलकर Tax Year किया गया: नए बिल में असेसमेंट ईयर को अब टैक्स ईयर के रूप में उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही बिल के पन्नों की संख्या 823 से घटकर 622 रह गई है। हालांकि, chapters की संख्या अभी भी 23 है। सेक्शन संख्या 298 से बढ़ाकर 536 कर दी गई है और शेड्यूल्स 14 से बढ़ाकर 16 कर दिए गए हैं।
- क्रिप्टो एसेट्स का स्पष्ट उल्लेख: अब किसी भी undisclosed income में crypto assets को शामिल किया जाएगा, ठीक वैसे ही जैसे नकदी (cash), bullion और ज्वेलरी को शामिल किया जाता है। इसका उद्देश्य digital transactions को भी transparent और कानूनी तरीके से monitor करना है।
- Taxpayers’ Charter का समावेश: बिल में अब Taxpayers’ Charter को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य टैक्सपेयर्स के अधिकारों को सुरक्षित करना और टैक्स administration को और अधिक transparent बनाना है। यह चार्टर न केवल taxpayers के हितों की रक्षा करेगा, बल्कि टैक्स अधिकारियों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट रूप से define करेगा।
- Salary-related deductions को simplify किया गया: सैलरी से संबंधित deductions, जैसे कि standard deduction, gratuity, और leave encashment, अब एक ही जगह consolidated तरीके से दिखाए जाएंगे। पुराने नियमों में जिन मुश्किल explanations और complex provisions की वजह से टैक्सपेयर को परेशानी होती थी, उन्हें हटाकर सबकुछ आसान और समझने योग्य बनाया गया है।
विशेषज्ञों की राय
Tax Filing 2026 simplified rules : Tax experts का कहना है कि नए नियमों के आने से compliance का बोझ कम होगा और टैक्सपेयर्स के लिए प्रक्रिया ज्यादा सहज और आसान हो जाएगी। खासकर छोटे टैक्सपेयर और salaried individuals अब बिना किसी confusion के खुद अपने tax forms भर पाएंगे। इसके अलावा, crypto और digital transactions का regulation करने से financial transparency बढ़ेगी और black money flow पर भी control किया जा सकेगा।
