
NPS Health Pension : नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वाले लाखों लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहतभरी खबर सामने आई है। अब NPS केवल रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन प्राप्त करने का माध्यम भर नहीं रहेगा, बल्कि यह आपके मेडिकल इमरजेंसी के समय भी आर्थिक सहारा बनेगा। पेंशन फंड नियामक संस्था PFRDA (Pension Fund Regulatory and Development Authority) ने एक नई पहल करते हुए NPS Health Pension Scheme शुरू की है, जिसका मुख्य उद्देश्य बढ़ते इलाज खर्च के बीच आम नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
यह योजना इस सोच के साथ लाई गई है कि जब बीमारी अचानक दस्तक देती है, तब सबसे बड़ी चिंता इलाज के खर्च की होती है। ऐसे में वर्षों की बचत या तो कर्ज में चली जाती है या पूरी तरह समाप्त हो जाती है। इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए NPS को स्वास्थ्य जरूरतों से जोड़ने का यह अभिनव प्रयास किया गया है।
क्यों जरूरी महसूस हुआ यह बदलाव?
आज के दौर में स्वास्थ्य सेवाओं की लागत तेजी से बढ़ रही है। सामान्य बीमारी में भी हजारों रुपये खर्च हो जाते हैं, जबकि गंभीर बीमारी या सर्जरी की स्थिति में लाखों रुपये का खर्च आम बात हो गई है। मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह एक बड़ी आर्थिक चुनौती बन जाती है। कई बार लोग इलाज टालते हैं या कर्ज लेने पर मजबूर हो जाते हैं।
PFRDA ने इसी सामाजिक और आर्थिक चुनौती को समझते हुए NPS को केवल भविष्य की पेंशन तक सीमित न रखकर, वर्तमान की स्वास्थ्य जरूरतों से जोड़ने का फैसला किया है। यह बदलाव NPS को एक अधिक उपयोगी और जीवन से जुड़ी योजना बनाता है।
अभी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू
NPS health expenses new rule : PFRDA ने 27 जनवरी 2026 को जारी सूचना में बताया कि NPS Health Pension Scheme को फिलहाल Pilot Project के रूप में सीमित दायरे में लागू किया गया है। इसे एक विशेष Sandbox System के तहत संचालित किया जाएगा, ताकि इसकी कार्यप्रणाली, प्रभाव और उपयोगिता का विस्तृत आकलन किया जा सके। यह योजना NPS के अंतर्गत एक विशेष सेक्टर स्कीम के रूप में काम करेगी और परीक्षण के बाद इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जा सकता है।

कौन जुड़ सकता है इस योजना से?
Nps health pension eligibility : इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें कोई भी भारतीय नागरिक शामिल हो सकता है।
- यदि आपके पास पहले से NPS का Common Account है, तो आप सीधे इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
- यदि आपका NPS खाता नहीं है, तो पहले NPS अकाउंट खोलना आवश्यक होगा।
- यह योजना पूरी तरह Voluntary (स्वैच्छिक) है, यानी इसमें शामिल होना अनिवार्य नहीं है।
निवेश और योगदान की व्यवस्था कैसी होगी?
NPS Health Pension Scheme में सब्सक्राइबर अपनी सुविधा और क्षमता के अनुसार निवेश कर सकेंगे।
- इसमें निवेश की कोई अलग तय सीमा नहीं रखी गई है।
- NPS के मौजूदा नियम और गाइडलाइंस लागू रहेंगी।
- जमा राशि को पेंशन फंड, तय निवेश नियमों के अनुसार विभिन्न इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करेगा।
इससे आपकी राशि सुरक्षित भी रहेगी और बढ़ती भी रहेगी।
इलाज के लिए_attach कैसे निकाल सकेंगे पैसा?
PFRDA NPS medical withdrawal rules : यह इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण और उपयोगी पहलू है।
अब सब्सक्राइबर अपने मेडिकल खर्च के लिए NPS से धन निकाल सकेंगे, जो पहले संभव नहीं था।
योजना के तहत:
- आप अपने कुल योगदान का अधिकतम 25% तक निकाल सकते हैं।
- निकासी की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी।
- पहली निकासी तभी संभव होगी, जब खाते में कम से कम ₹50,000 जमा हों।
यानी यह सुविधा केवल एक बार के लिए नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर कई बार ली जा सकेगी।
गंभीर बीमारी में पूरी राशि निकालने की छूट
PFRDA ने गंभीर बीमारियों की स्थिति को विशेष रूप से ध्यान में रखा है।
यदि किसी गंभीर बीमारी के इलाज में होने वाला खर्च आपके NPS अकाउंट में जमा कुल राशि के 70% से अधिक हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में सब्सक्राइबर को पूरी जमा राशि एक साथ निकालने की अनुमति दी जाएगी।
यह प्रावधान उन परिस्थितियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जब बड़े ऑपरेशन, कैंसर ट्रीटमेंट, हार्ट सर्जरी या अन्य महंगे इलाज की जरूरत पड़ती है।
🧮 NPS Health Pension Calculator – निकालने की प्रक्रिया
NPS Health Pension प्रावधान के तहत आप अपने medical treatment के लिए NPS खाते से आंशिक निकासी (partial withdrawal) कर सकते हैं। नियम के अनुसार आप अपने कुल योगदान (Total Contribution) का अधिकतम 25% तक निकाल सकते हैं। नीचे आसान कैलकुलेशन प्रक्रिया दी गई है।
✅ Step 1: अपना Total Contribution जानें
सबसे पहले अपने NPS खाते में अब तक जमा कुल स्वयं का योगदान (subscriber contribution) देखें।
लॉगिन करें: CRA/NPS Portal → Transaction Statement / Holding Statement
ध्यान दें: 25% की गणना आमतौर पर subscriber contribution पर होती है, न कि market value पर।
✅ Step 2: 25% का कैलकुलेशन करें
Formula:
निकासी योग्य राशि = कुल स्वयं का योगदान × 25 ÷ 100
उदाहरण:
| Total Contribution | 25% Eligible Withdrawal |
|---|---|
| ₹2,00,000 | ₹50,000 |
| ₹5,00,000 | ₹1,25,000 |
| ₹8,00,000 | ₹2,00,000 |
| ₹12,00,000 | ₹3,00,000 |
✅ Step 3: Minimum Balance शर्त
पहली निकासी के लिए आपके NPS खाते में कम से कम ₹50,000 जमा होना जरूरी है।
✅ Step 4: Serious Illness Case (70% Rule)
यदि किसी गंभीर बीमारी में इलाज का खर्च आपके NPS खाते में मौजूद कुल राशि के 70% से अधिक है, तो आप पूरी राशि (100%) निकाल सकते हैं।
Formula:
अगर इलाज खर्च > (Total Corpus × 70%)
तो Full Withdrawal Allowed
उदाहरण:
- Total Corpus = ₹6,00,000
- 70% = ₹4,20,000
- इलाज खर्च = ₹4,50,000
➡️ आप पूरा ₹6,00,000 निकाल सकते हैं।
✅ Step 5: कितनी बार निकाल सकते हैं?
- निकासी की संख्या पर कोई लिमिट नहीं
- जरूरत के अनुसार multiple withdrawals संभव
✅ Step 6: कैसे अप्लाई करें?
- CRA/NPS Portal में लॉगिन करें
- Partial Withdrawal विकल्प चुनें
- Reason में Medical Treatment / Health चुनें
- Required documents अपलोड करें (Hospital papers / Estimate)
- Submit request
अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न
NPS में कितना पेंशन मिलेगा?
एनपीएस (National Pension System) में मिलने वाली पेंशन आपकी कुल जमा राशि, निवेश अवधि, चुनी गई एसेट एलोकेशन (Equity, Corporate Bond, Government Securities), और रिटायरमेंट के समय खरीदी गई Annuity Plan पर निर्भर करती है। आमतौर पर जितना अधिक और जितने लंबे समय तक निवेश करेंगे, उतनी अधिक पेंशन बनती है। औसतन 8%–12% वार्षिक रिटर्न के अनुमान पर और 60 वर्ष की आयु में Annuity खरीदने पर आपकी मासिक पेंशन तय होती है।
एनपीएस स्कीम कौन ले सकता है?
कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी आयु 18 से 70 वर्ष के बीच है, एनपीएस खाता खोल सकता है। इसमें सरकारी कर्मचारी, निजी कर्मचारी, स्वरोजगार करने वाले और आम नागरिक सभी शामिल हो सकते हैं। NRI भी निर्धारित शर्तों के साथ इसमें जुड़ सकते हैं।
मृत्यु के बाद एनपीएस पेंशन का क्या होता है?
सब्सक्राइबर की मृत्यु के बाद एनपीएस में जमा पूरी राशि नॉमिनी (Nominee) या परिवार को दे दी जाती है। यदि Annuity Plan लिया हुआ है, तो चुने गए विकल्प (जैसे Joint Life Annuity) के अनुसार जीवनसाथी को पेंशन मिलती रहती है या शेष राशि परिवार को मिलती है।
मुझे 50000 रुपये मासिक पेंशन कैसे मिलेगी?
₹50,000 मासिक पेंशन पाने के लिए आपको रिटायरमेंट तक बड़ा कॉर्पस (लगभग 1.2 से 1.5 करोड़ रुपये या अधिक) बनाना होगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपकी उम्र क्या है, आप हर महीने कितना निवेश करते हैं, और आपको औसतन कितना रिटर्न मिलता है। लंबी अवधि तक नियमित निवेश, Equity Exposure, और सही Annuity विकल्प चुनना जरूरी है।
NPS में रिटायरमेंट के बाद कितना पैसा मिलता है?
60 वर्ष की आयु पर आप अपनी कुल राशि का अधिकतम 60% एकमुश्त (Lump Sum) निकाल सकते हैं, जो टैक्स-फ्री होता है। शेष 40% राशि से Annuity खरीदना अनिवार्य है, जिससे आपको मासिक पेंशन मिलती है।
क्या मैं 100% एनपीएस राशि निकाल सकता हूं?
सामान्य रिटायरमेंट (60 वर्ष) पर 100% राशि नहीं निकाल सकते। केवल 60% Lump Sum निकासी की अनुमति है। हालांकि, यदि कुल कॉर्पस 5 लाख रुपये या उससे कम है, तो 100% राशि निकालने की अनुमति है। कुछ विशेष परिस्थितियों (जैसे गंभीर बीमारी) में आंशिक निकासी के नियम अलग हो सकते हैं।
NPS के नुकसान क्या हैं?
एनपीएस में बाजार जोखिम (Market Risk) होता है क्योंकि निवेश शेयर और बॉन्ड में होता है। Annuity रेट्स कम हो सकते हैं जिससे पेंशन अपेक्षा से कम मिले। रिटायरमेंट से पहले निकासी पर सख्त नियम हैं। साथ ही, Annuity से मिलने वाली पेंशन टैक्सेबल होती है।
एनपीएस किसे चुनना चाहिए?
जो लोग लंबी अवधि की रिटायरमेंट प्लानिंग करना चाहते हैं, टैक्स बचत चाहते हैं, और बाजार आधारित निवेश से बेहतर रिटर्न की उम्मीद रखते हैं, उनके लिए एनपीएस उपयुक्त है। खासकर युवा निवेशकों के लिए यह अधिक लाभकारी है।
सबसे बढ़िया पेंशन प्लान कौन सा है?
“सबसे बढ़िया” पेंशन प्लान व्यक्ति की जरूरत, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि पर निर्भर करता है। एनपीएस कम लागत (Low Cost), टैक्स बेनिफिट और बाजार आधारित रिटर्न के कारण एक मजबूत विकल्प माना जाता है। इसके अलावा EPF, PPF और निजी पेंशन प्लान भी अपनी-अपनी जरूरत के अनुसार अच्छे हो सकते हैं।
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