
personal loan app scam : आज के डिजिटल दौर में Online Personal Loan लेना बेहद आसान हो गया है। मोबाइल फोन पर एक एप डाउनलोड कीजिए, PAN Card, Aadhaar और Bank Statement अपलोड कीजिए और कुछ ही मिनटों में पैसा सीधे आपके खाते में आ जाता है।
हालांकि यह सुविधा जितनी तेज और आसान लगती है, उतनी ही खतरनाक और जोखिम भरी भी हो सकती है।
अक्सर लोग जल्दबाजी में यह नहीं समझ पाते कि लोन के बदले वे सिर्फ ब्याज ही नहीं, बल्कि अपना निजी डेटा (Personal Data) भी दांव पर लगा रहे होते हैं।
सिर्फ आमदनी नहीं, आपकी पूरी जिंदगी का डेटा मांगते हैं ये एप्स
जब आप किसी Digital Loan App पर अप्लाई करते हैं, तो आप केवल अपनी इनकम या नौकरी की जानकारी नहीं देते।
आप अनजाने में अपनी पहचान, खर्च करने की आदतें, लोकेशन हिस्ट्री और फोन कॉन्टैक्ट्स तक का एक्सेस दे देते हैं।
कई एप्स इतनी गहराई तक परमिशन मांगते हैं कि वे आपके फोन के हर कोने तक झांक सकते हैं। यही से डेटा चोरी और मानसिक उत्पीड़न (Harassment) की शुरुआत होती है।
बैंक और रैंडम लोन एप में जमीन-आसमान का फर्क
loan app harassment : अधिकतर लोग यह जांच ही नहीं करते कि वे लोन किस प्लेटफॉर्म से ले रहे हैं।
एक तरफ Bank या RBI-Registered NBFC (Non-Banking Financial Company) होती है, जो सख्त नियमों और रेगुलेशन के तहत काम करती है।
👉 बैंकों की विशेषताएं:
- RBI के नियमों से बंधे
- नियमित Audit
- ग्राहक डेटा की सुरक्षा अनिवार्य
वहीं दूसरी ओर कई Instant Loan Apps सिर्फ बिचौलिये (Middlemen) होते हैं।
इनका असली बिजनेस लोन देना नहीं, बल्कि आपका डेटा इकट्ठा करना होता है।
डेटा बिकता है, यहीं से शुरू होती है परेशानी
ऐसे कई एप्स आपका डेटा लेकर उसे आगे Third Party, Marketing Companies या दूसरे फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म्स को बेच देते हैं।
इससे आपका डेटा कई हाथों से होकर गुजरता है और प्राइवेसी पूरी तरह खतरे में पड़ जाती है।
यही कारण है कि एक बार लोन अप्लाई करने के बाद:
- अनचाहे कॉल्स
- स्पैम मैसेज
- फर्जी ऑफर्स
तेजी से बढ़ने लगते हैं।

कॉन्टैक्ट, कॉल लॉग और गैलरी का एक्सेस देना जरूरी नहीं
अधिकांश Loan Apps आपके फोन से:
- Contacts
- Call Logs
- Photos/Gallery
- Live Location
का एक्सेस मांगते हैं।
हकीकत यह है कि Credit Score Check या Loan Approval के लिए इनकी कोई जरूरत नहीं होती।
👉 पुराने मामलों में देखा गया है कि:
- EMI मिस होने पर
- एप्स ने रिश्तेदारों और दोस्तों को फोन किए
- शर्मिंदा करने वाले मैसेज भेजे
- सोशल प्रेशर बनाकर पैसे वसूलने की कोशिश की
हालांकि Regulators ने इस पर सख्ती की है, लेकिन यह खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
अगर कोई एप बिना वजह इतनी परमिशन मांग रहा है, तो समझ जाइए कि कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है।
लोन रिजेक्ट होने के बाद भी सुरक्षित नहीं रहता आपका डेटा
Digital loan risk : अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि अगर लोन अप्रूव नहीं हुआ, तो उनका डेटा डिलीट हो गया होगा।
लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है।
👉 हकीकत यह है कि:
- आपके डॉक्यूमेंट्स
- ID Proof
- बैंक डिटेल्स
सालों तक इन कंपनियों के Server पर सेव रहती हैं।
प्राइवेसी पॉलिसी के नाम पर खुली छूट
कई Loan Apps अपनी Privacy Policy में चालाक शब्दों का इस्तेमाल करती हैं, जैसे:
- Business Purpose
- Analysis
- Partner Sharing
इन शब्दों के जरिए वे खुद को आपका डेटा पार्टनर्स और वेंडर्स के साथ शेयर करने की कानूनी छूट दे लेती हैं।
इसी वजह से एक बार लोन अप्लाई करने के बाद यूजर को:
- लगातार कॉल
- SMS
- WhatsApp मैसेज
परेशान करने लगते हैं।
जल्दबाजी में ‘Agree’ पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी
Online loan fraud India : जब किसी को पैसों की सख्त जरूरत होती है, तो वह:
- Privacy Policy
- Terms & Conditions
पढ़े बिना ही ‘Agree’ बटन पर क्लिक कर देता है।
“बिना सवाल के लोन”, “Instant Approval” और “5 मिनट में पैसा” जैसे वादे आकर्षक तो लगते हैं, लेकिन इसके पीछे आपकी डिजिटल सुरक्षा की कुर्बानी छिपी होती है।
👉 याद रखें:
Digital Loan की Speed, आपकी Security पर भारी पड़ सकती है।
अगर डेटा का गलत इस्तेमाल हो रहा है तो क्या करें?
Mobile loan app risk : अगर कोई Loan Company या App:
- धमकी भरे फोन कर रही है
- आपके रिश्तेदारों को कॉल या मैसेज भेज रही है
तो घबराएं नहीं, बल्कि ये कदम उठाएं:
✅ तुरंत करें ये काम:
- सभी कॉल और मैसेज के Screenshots लें
- एप की सभी Permissions बंद करें
- Loan App को Uninstall कर दें
✅ इसके बाद शिकायत करें:
- कंपनी के Complaint Portal पर
- RBI Ombudsman में
- नजदीकी Cyber Cell या Cyber Crime Portal पर
यह केवल खराब व्यवहार नहीं, बल्कि कानूनी अपराध (Legal Offence) है।
निष्कर्ष
Online Personal Loan सुविधा जरूर है, लेकिन अंधविश्वास नहीं।
पैसों की जरूरत में अपनी प्राइवेसी और सम्मान को दांव पर न लगाएं।
लोन लेने से पहले कंपनी की विश्वसनीयता जांचें, परमिशन पर नजर रखें और सोच-समझकर ही ‘Agree’ पर क्लिक करें।
👉 क्योंकि पैसा दोबारा कमाया जा सकता है,
लेकिन चोरी हुआ डेटा और टूटा भरोसा वापस नहीं आता।
