
Petrol diesel price hike today : देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है। शुक्रवार 15 मई से नई दरें लागू हो गई हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब ₹3 प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। करीब दो साल बाद ईंधन कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। नई कीमतें लागू होने के बाद आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
Petrol price in Delhi राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹97.77 प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल ₹90.67 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में अब CNG ₹79.09 प्रति किलो की दर से मिलेगी। राजस्थान में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी जयपुर में पेट्रोल ₹107.97 प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जबकि डीजल ₹93.23 प्रति लीटर हो गया है। Fuel prices raised श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा कीमत दर्ज की गई, जहां पेट्रोल ₹109.46 प्रति लीटर और डीजल ₹94.74 प्रति लीटर बिक रहा है। राज्य के कई जिलों में पेट्रोल की कीमत में करीब ₹3.25 प्रति लीटर और डीजल में लगभग ₹3.02 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। अचानक हुए इस इजाफे से वाहन चालकों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों Petrol price today और आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है।

राजस्थान में पेट्रोल की नई कीमतें
| जिला | पुरानी कीमत | नई कीमत | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| अजमेर | ₹104.36 | ₹107.61 | ₹3.25 |
| कोटा | ₹104.26 | ₹107.51 | ₹3.25 |
| चित्तौड़गढ़ | ₹104.38 | ₹107.62 | ₹3.24 |
| श्रीगंगानगर | ₹106.21 | ₹109.46 | ₹3.25 |
| उदयपुर | ₹105.54 | ₹108.79 | ₹3.25 |
| जयपुर | ₹104.72 | ₹107.97 | ₹3.25 |
राजस्थान में डीजल की नई कीमतें
| जिला | पुरानी कीमत | नई कीमत | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| अजमेर | ₹89.88 | ₹92.90 | ₹3.02 |
| कोटा | ₹89.79 | ₹92.81 | ₹3.02 |
| चित्तौड़गढ़ | ₹89.92 | ₹92.93 | ₹3.01 |
| श्रीगंगानगर | ₹91.72 | ₹94.74 | ₹3.02 |
| उदयपुर | ₹90.96 | ₹93.98 | ₹3.02 |
| जयपुर | ₹90.21 | ₹93.23 | ₹3.02 |
आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?
Petrol price today : पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव सीधे आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ जाएगी, जिसका असर सब्जियों, फल, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर दिखाई देगा।
मालभाड़ा बढ़ने की संभावना
ट्रक और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ सकता है। इससे दूसरे राज्यों से आने वाले खाद्य पदार्थ और जरूरी वस्तुएं महंगी हो सकती हैं।
खेती की लागत बढ़ेगी
डीजल से चलने वाले ट्रैक्टर, पंपिंग सेट और कृषि उपकरणों पर खर्च बढ़ेगा। इससे खेती की लागत में इजाफा होगा और आने वाले समय में अनाज व खाद्य सामग्री की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
बस और ऑटो किराए में बढ़ोतरी संभव
सार्वजनिक परिवहन, स्कूल बस, टैक्सी और ऑटो किराए में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है। इसका सीधा असर दैनिक यात्रियों पर पड़ेगा।
आखिर क्यों बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?
Petrol price hike : विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी इसकी सबसे बड़ी वजह है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के चलते ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले तक क्रूड ऑयल करीब 70 डॉलर प्रति Petrol price hike बैरल के आसपास था, लेकिन अब इसकी कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इससे तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया।
तेल कंपनियों को हो रहा भारी नुकसान
Fuel prices raised सरकार का कहना है कि इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां लंबे समय से नुकसान में चल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30 हजार करोड़ तक का घाटा झेलना पड़ रहा था। कंपनियों का दावा है कि मौजूदा बढ़ोतरी के बावजूद वे अभी पूरी तरह घाटे से बाहर नहीं निकल पाई हैं।
क्या आगे भी बढ़ सकते हैं दाम?
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि फिलहाल हुई ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, कंपनियों को पूरी तरह ‘ब्रेक-ईवन’ स्थिति में आने के लिए पेट्रोल की कीमत में लगभग ₹28 प्रति लीटर और डीजल में करीब ₹32 प्रति लीटर तक अतिरिक्त बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है।
पड़ोसी देशों में पहले ही बढ़ चुके थे दाम
सरकार अब तक यह तर्क देती रही थी कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया। जबकि पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें पहले ही 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ चुकी थीं।
हालांकि अब भारत में भी कंपनियों ने दाम बढ़ाने का फैसला लिया है।
2024 के बाद पहली बड़ी बढ़ोतरी
देश में मार्च 2024 के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने जनता को राहत देते हुए ₹2 प्रति लीटर की कटौती की थी।
हालांकि तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर तय होती हैं और तेल कंपनियां हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक और आर्थिक कारणों से लंबे समय तक कीमतों को स्थिर रखा गया था।
अब नई बढ़ोतरी के बाद महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रही, तो आने वाले महीनों में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है।



