
Petrol Diesel Price : 5 मई 2025 की सुबह देश भर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गईं। हालांकि, आम आदमी को इस बार भी राहत की उम्मीद टूट गई है, क्योंकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। यह स्थिति पिछले कई महीनों से बनी हुई है। 5 फरवरी 2025 को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर थीं, और अब 5 मई को भी इनमें कोई संशोधन नहीं हुआ है। आखिरी बार मार्च 2024 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2-2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली थी। लेकिन उसके बाद से लेकर अब तक, यानी करीब 14 महीनों से, केंद्रीय तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में आम आदमी महंगे पेट्रोल और डीजल की मार झेलने को मजबूर है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं। लेकिन लंबे समय से कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, जिसके चलते लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। खास तौर पर तब, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 60 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे आ गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे ट्विटर और फेसबुक पर लोग अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि जब कच्चा तेल इतना सस्ता हो गया है, तो सरकार और तेल कंपनियां आम आदमी को राहत क्यों नहीं दे रही हैं?
दिल्ली और अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें
Fuel Price Update देश के प्रमुख शहरों में 5 मई 2025 को पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल (रुपये प्रति लीटर) | डीजल (रुपये प्रति लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 94.72 | 87.62 |
| मुंबई | 103.44 | 89.97 |
| कोलकाता | 103.94 | 90.76 |
| चेन्नई | 100.85 | 92.44 |
| बेंगलुरु | 102.86 | 91.02 |
| लखनऊ | 94.65 | 87.76 |
| नोएडा | 94.87 | 88.01 |
| गुरुग्राम | 95.19 | 88.05 |
| चंडीगढ़ | 94.24 | 82.40 |
| पटना | 105.18 | 92.04 |
| जयपुर | 105.40 | 90.82 |
| उदयपुर | 105.51 | 90.93 |
| राजसमंद | 105.61 | 91.02 |
इन कीमतों को देखें तो साफ है कि अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी भिन्न हैं। इसका मुख्य कारण राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) है, जो हर राज्य में अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिए, पटना में पेट्रोल की कीमत 105.18 रुपये प्रति लीटर है, जो देश के अन्य शहरों की तुलना में काफी ज्यादा है। वहीं, चंडीगढ़ में डीजल की कीमत 82.40 रुपये प्रति लीटर है, जो सबसे कम है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, फिर भी राहत नहीं
Fuel Rates India Today अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल ही में भारी गिरावट देखी गई है। 5 मई 2025 को कच्चा तेल 60 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे आ गया है, जो पिछले चार सालों का सबसे निचला स्तर है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस बात को उठाया है कि जब कच्चा तेल इतना सस्ता हो गया है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्यों नहीं घटाई जा रही हैं? कुछ यूजर्स ने अनुमान लगाया है कि कीमतों में 2 से 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती हो सकती है, लेकिन तेल कंपनियों ने अभी तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है।
दरअसल, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स, और तेल कंपनियों का डीलर कमीशन शामिल है। हालांकि कच्चा तेल सस्ता होने से तेल कंपनियों का मार्जिन बढ़ा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियां पिछले सालों के नुकसान की भरपाई करने के बाद ही कीमतों में कटौती करेंगी।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां तय करती हैं कीमतें
Crude Oil Price Impact Fuel India देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) तय करती हैं। इनमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL), और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) जैसी कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां हर सुबह 6 बजे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें अपडेट करती हैं। मार्च 2024 में आखिरी बार कीमतों में बदलाव किया गया था, जब पेट्रोल और डीजल 2-2 रुपये प्रति लीटर सस्ते किए गए थे। लेकिन उसके बाद से कीमतें स्थिर हैं, जिसके चलते आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ता जा रहा है।

घर बैठे चेक करें पेट्रोल-डीजल की कीमतें
How to Check Petrol Diesel Price आपको अपने शहर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें जानने के लिए पेट्रोल पंप तक जाने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे ही आसानी से ये जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके लिए दो आसान तरीके हैं:
- वेबसाइट के जरिए: आप इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, या भारत पेट्रोलियम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने शहर की ताजा कीमतें चेक कर सकते हैं।
- SMS के जरिए: अगर आप इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक हैं, तो अपने शहर का RSP कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर SMS भेज सकते हैं। वहीं, BPCL के ग्राहक RSP लिखकर 9223112222 नंबर पर SMS भेजकर कीमतें जान सकते हैं।
यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो रोजाना अपनी गाड़ी में ईंधन भरवाते हैं और कीमतों में होने वाले बदलावों पर नजर रखना चाहते हैं।
आम आदमी की परेशानी और सरकार पर सवाल
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें आम आदमी के लिए बड़ी समस्या बन चुकी हैं। सोशल मीडिया पर कई लोग सरकार और तेल कंपनियों से सवाल कर रहे हैं कि जब कच्चा तेल इतना सस्ता हो गया है, तो कीमतें क्यों नहीं घटाई जा रही हैं? कुछ लोगों का कहना है कि सरकार ने पेट्रोल और डीजल से भारी टैक्स के जरिए करोड़ों रुपये की कमाई की है, लेकिन आम जनता को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी (GST) के दायरे में लाने से कीमतों में एकरूपता आ सकती है और आम आदमी को राहत मिल सकती है। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। राज्यों के बीच इस मुद्दे पर सहमति न बन पाने के कारण पेट्रोल और डीजल अभी भी जीएसटी से बाहर हैं, जिसके चलते अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कीमतें देखने को मिलती हैं।
भविष्य में राहत की उम्मीद?
हालांकि अभी कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट ने उम्मीद की किरण जगाई है। कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर कच्चा तेल इसी तरह सस्ता रहा, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 से 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती हो सकती है। लेकिन यह कटौती कब होगी, यह तेल कंपनियों और सरकार की नीतियों पर निर्भर करता है।
फिलहाल, आम आदमी को महंगे पेट्रोल और डीजल के साथ ही अपनी जिंदगी चलानी पड़ रही है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें न केवल गाड़ी चलाने वालों को प्रभावित करती हैं, बल्कि इसका असर रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ता है। ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से सब्जियों, अनाज और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं, जिससे महंगाई और बढ़ती है।
5 मई 2025 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिसके चलते आम आदमी को राहत की उम्मीद एक बार फिर टूट गई है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद तेल कंपनियों ने कीमतें स्थिर रखी हैं। ऐसे में लोग सरकार और तेल कंपनियों से सवाल कर रहे हैं कि आखिर राहत कब मिलेगी? जब तक कीमतों में कटौती नहीं होती, तब तक आम आदमी को महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी। भविष्य में कीमतों में कमी की उम्मीद तो है, लेकिन यह कब हकीकत में बदलेगी, यह देखना बाकी है।



