
PM Kisan Samman Nidhi : देश के करोड़ों किसान भाइयों-बहनों की निगाहें केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजना पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) की 21वीं किस्त पर टिकी हुई हैं। हर साल मिलने वाले 6,000 रुपये (तीन समान किस्तों में 2,000-2,000 रुपये) का यह लाभ न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि खेती-बाड़ी के लिए एक बड़ा सहारा भी साबित होता है। लेकिन इस बार कुछ खास बातें हैं – कुछ राज्यों में पहले ही किस्त पहुंच चुकी है, जबकि कुछ किसानों को पात्रता की जांच के कारण इंतजार करना पड़ेगा। आइए, इस पूरे अपडेट को विस्तार से समझते हैं, ताकि आप अपनी स्थिति का सही आकलन कर सकें।
21वीं किस्त का इंतजार
PM Kisan Aadhaar seeding process : किसान परिवारों के बीच 21वीं किस्त को लेकर उत्सुकता चरम पर है। हाल ही में पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और कुछ अन्य राज्यों में बेमौसम बारिश तथा बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। इन राज्यों के किसानों को सरकार ने त्वरित राहत के रूप में समय से पहले ही 21वीं किस्त जारी कर दी है। इससे न केवल प्रभावित किसानों को तुरंत सहायता मिली, बल्कि बाकी राज्यों के किसानों में भी उम्मीद की किरण जगी है।
विशेषज्ञों और सरकारी सूत्रों के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव के दो चरणों वाले मतदान प्रक्रिया के आसपास ही 21वीं किस्त की आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक कोई स्पष्ट तारीख की पुष्टि नहीं की है। लेकिन एक अच्छी खबर यह है कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में शीघ्र ही 2,000 रुपये की अगली किस्त जमा कर दी जाएगी।”
मंत्री ने सभी राज्य सरकारों से अपील की है कि वे आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding), ई-केवाईसी (e-KYC) और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा करें। इन प्रक्रियाओं में देरी ही किस्त वितरण में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। यदि ये कदम समय पर उठाए जाते हैं, तो लाखों किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है। योजना के तहत अब तक 20 करोड़ से अधिक किसान परिवार लाभान्वित हो चुके हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
इस बार किसानों को नहीं मिलेगी किस्त
PM Kisan Samman Nidhi KYC : योजना की पारदर्शिता और दुरुपयोग रोकने के लिए कृषि विभाग ने कुछ संदिग्ध मामलों की पहचान की है। ये वे मामले हैं जो पीएम-किसान योजना के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निम्नलिखित श्रेणियों के किसानों को 21वीं किस्त तब तक प्राप्त नहीं होगी, जब तक उनका भौतिक सत्यापन (Physical Verification) पूरा न हो जाए:
- जमीन का मालिकाना हक 1 फरवरी 2019 के बाद प्राप्त करने वाले किसान: योजना के नियमों के अनुसार, केवल वे किसान पात्र हैं जिनकी जमीन का स्वामित्व 1 फरवरी 2019 से पहले का हो। यदि कोई किसान इस तारीख के बाद जमीन का मालिक बना है, तो उसका आवेदन जांच के दायरे में आ जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाभ केवल वास्तविक छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचे।
- एक परिवार के एक से अधिक सदस्यों को लाभ मिलना: योजना में प्रावधान है कि एक परिवार इकाई (Family Unit) को केवल एक ही लाभ मिलना चाहिए। लेकिन कई मामलों में पति-पत्नी दोनों, या एक वयस्क सदस्य के साथ नाबालिग बच्चे को अलग-अलग लाभ मिल रहा है। यह दुरुपयोग माना जा रहा है, और ऐसे सभी खातों को अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया गया है। विभाग ने जोर देकर कहा कि एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति को 6,000 रुपये का लाभ मिलेगा।
इन संदिग्ध मामलों की संख्या हजारों में है, और विभाग ने इन्हें पीएम किसान पोर्टल के माध्यम से चिन्हित किया है। प्रभावित किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे तुरंत अपनी स्थिति की जांच करें। यदि कोई गलती हो, तो सुधार (Correction) के लिए आवेदन करें। भौतिक सत्यापन में स्थानीय पटवारी या राजस्व अधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, जो जमीन के रिकॉर्ड और परिवार की संरचना की पुष्टि करेंगे।
पीएम किसान योजना का सफर
PM Kisan list 2025 check online पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को हुई थी, और तब से यह किसानों की जीवनरेखा बन चुकी है। योजना के तहत छोटे और सीमांत किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक की प्रगति पर एक नजर:
| किस्त संख्या | वित्तीय वर्ष | लाभार्थी किसान (करोड़) | कुल राशि (करोड़ रुपये) |
|---|---|---|---|
| 1 से 19 | 2019-2024 | 9.50 से अधिक | 2,20,000+ |
| 20वीं किस्त | अप्रैल-जुलाई 2025 | 9.71 | 19,420 |
| अगस्त-नवंबर 2024 | 2024-25 | 9.59 | 19,180 |
- कुल लाभार्थी: अब तक 11 करोड़ से अधिक किसान परिवार।
- कुल वितरित राशि: 2.5 लाख करोड़ रुपये से ऊपर।
- डिजिटल वितरण: 99% से अधिक भुगतान DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से।
20वीं किस्त में 9.71 करोड़ किसानों के खातों में 2,000 रुपये पहुंच चुके हैं, जो योजना की सफलता का प्रमाण है। लेकिन 21वीं किस्त के लिए आधार सीडिंग और ई-केवाईसी में अभी भी लाखों आवेदन लंबित हैं। राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कैंप लगाकर इन प्रक्रियाओं को तेज करें।
यदि आपकी किस्त अटकी है, तो क्या करें?
यदि आपको लगता है कि आपकी 21वीं किस्त में देरी हो रही है, तो घबराएं नहीं। सरकारी हेल्पलाइन और पोर्टल आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार हैं। यहां एक सरल गाइड है:
- स्थिति चेक करें:
- पीएम किसान पोर्टल (pmkisan.gov.in) पर जाएं।
- ‘अपनी स्थिति जानें’ सेक्शन में अपना मोबाइल नंबर, आधार या रजिस्ट्रेशन आईडी दर्ज करें।
- किसान ई-मित्र चैटबॉट (WhatsApp/Telegram पर उपलब्ध) से तुरंत पूछताछ करें।
- हेल्पलाइन पर कॉल करें:
- टोल-फ्री नंबर: 1800-11-55266 (24×7 उपलब्ध)।
- हेल्पलाइन नंबर: 155261।
- लैंडलाइन नंबर्स: 011-23381092, 011-23382401।
- नई हेल्पलाइन: 011-24300606।
- वैकल्पिक नंबर: 0120-6025109।
- ईमेल: pmkisan-ict@gov.in (समस्या का विवरण भेजें, स्क्रीनशॉट संलग्न करें)।
- सुधार आवेदन करें:
- यदि आधार या बैंक डिटेल्स में गलती हो, तो पोर्टल पर ‘सुधार फॉर्म’ भरें।
- नजदीकी CSC सेंटर (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाकर ई-केवाईसी पूरा करें।
- स्थानीय सहायता लें:
- जिला कृषि कार्यालय या पटवारी से संपर्क करें।
- PM Kisan Mitra हेल्पडेस्क ऐप डाउनलोड करें।
ये कदम उठाने से आपकी समस्या जल्द हल हो जाएगी। याद रखें, अधिकांश देरी तकनीकी कारणों से होती है, न कि पात्रता से।
कृषि मंत्री की अपील
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “पीएम किसान योजना न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि किसानों का आत्मविश्वास बढ़ाने का माध्यम भी है। हमारा लक्ष्य है कि हर पात्र किसान को बिना किसी विलंब के लाभ मिले। राज्य सरकारें आधार सीडिंग और ई-केवाईसी को प्राथमिकता दें, ताकि डिजिटल इंडिया के सपने को साकार किया जा सके।”
मंत्री ने यह भी बताया कि योजना के तहत लगभग 2.5 करोड़ किसानों को अभी भी पात्रता सत्यापन की आवश्यकता है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर कैंपेन चलाया जा रहा है, जिसमें आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन के दस्तावेज अपडेट करवाए जा रहे हैं।

पीएम किसान योजना
- लाभ: वार्षिक 6,000 रुपये (तीन किस्तें: जनवरी, अप्रैल, अक्टूबर)।
- पात्रता: छोटे/सीमांत किसान परिवार (2 हेक्टेयर तक जमीन), आयकर दाता/संस्थागत भूमि धारक बाहर।
- वितरण: DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में।
- कवरेज: पूरे देश के सभी किसान (जम्मू-कश्मीर को छोड़कर, अब शामिल)।
- ऑनलाइन सुविधाएं: पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, सुधार, स्थिति जांच।
यह योजना न केवल किसानों को वित्तीय स्थिरता प्रदान करती है, बल्कि खरीफ और रबी फसल के लिए उर्वरक, बीज और अन्य इनपुट्स खरीदने में मदद करती है।
PM Kisan Beneficiary Status चेक करने की प्रक्रिया
यदि आप जानना चाहते हैं कि आपकी PM Kisan योजना की किस्त (₹2000) आई है या नहीं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करें 👇
🔹 Step 1:
सबसे पहले PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं:
👉 https://pmkisan.gov.in
🔹 Step 2:
होमपेज पर आपको “Farmers Corner” नाम का सेक्शन दिखाई देगा।
उसमें से “Beneficiary Status” ऑप्शन पर क्लिक करें।
🔹 Step 3:
अब एक नया पेज खुलेगा जिसमें आपको निम्न में से कोई एक जानकारी भरनी होगी:
- Aadhaar Number, या
- Account Number, या
- Mobile Number
इनमें से कोई एक विवरण दर्ज करें और “Get Data” बटन पर क्लिक करें।
🔹 Step 4:
अब आपके सामने पूरी जानकारी दिखाई देगी —
- आपकी रजिस्टर्ड डिटेल्स,
- पिछली किस्त की स्थिति,
- बैंक खाते में राशि जमा हुई या नहीं,
- अगली किस्त की स्थिति (Pending/Approved/Rejected)।
🔹 Step 5 (वैकल्पिक):
आप PM Kisan Mobile App या UMANG App से भी यही प्रक्रिया अपनाकर स्टेटस चेक कर सकते हैं।
