
Rain Alert : राजस्थान में बंगाल की खाड़ी से आए शक्तिशाली डिप्रेशन सिस्टम ने मौसम को पूरी तरह से बदल दिया है। भारी बारिश के कारण कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों पर पानी की धाराएं, बांधों का ओवरफ्लो होना और गांवों का संपर्क टूटना, यह सब इस मॉनसून की तीव्रता को दर्शाता है। शनिवार को जोधपुर, नागौर, पाली, अजमेर, सिरोही और जालौर जिलों में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि आठ अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट लागू है। जयपुर में शुक्रवार शाम से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार सुबह तक रुक-रुक कर जारी रहा, जिससे शहर की सड़कों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर उपखंड में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। मायापुर डूंगरी, टापरी गुजरान और भाई-भाई की ढाणी जैसे गांवों का उपखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। बनास नदी में उफान के कारण ओलवाड़ा मार्ग पर दो फीट पानी बह रहा है, जिससे सवाई माधोपुर-ओलवाड़ा मार्ग बंद हो गया। निगोह नदी की पुलिया पर पानी का तेज बहाव होने से हल्के वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। कुछ दुपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने की कोशिश कर रहे हैं। करेल गांव में मकानों में दो-दो फीट पानी भर गया है, जिससे लोगों का जीवन और मुश्किल हो गया है।
स्कूलों में छुट्टियां और बांधों का हाल
Rajasthan ka Mosam : मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए कोटा, बारां, झालावाड़, अजमेर, बूंदी और राजसमंद में शनिवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। नागौर के निजी स्कूलों ने भी बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवकाश की घोषणा की है। कोटा बैराज के तीन गेट सात-सात फीट तक खोले गए हैं, जिससे 25,383 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बैराज की कुल भराव क्षमता 854 फीट है, और वर्तमान में जलस्तर 852.40 फीट तक पहुंच चुका है। टोंक के धुआंकला में 1956 में निर्मित मोती सागर बांध भी ओवरफ्लो हो गया है, जिसकी भराव क्षमता 17 फीट है।
अजमेर में बाढ़ जैसे हालात
Mosam : अजमेर में शुक्रवार रात से लगातार बारिश के कारण शहर की सड़कें नदियों में तब्दील हो गई हैं। दरगाह बाजार इलाके में तेज जल प्रवाह के कारण कई लोग बह गए, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बचाव कार्यों में स्थानीय प्रशासन और SDRF की टीमें जुटी रहीं। वैशाली नगर में एक कार नाले में बह गई, जिसके ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई। क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया। इसके अलावा, एक ई-रिक्शा आधे घंटे तक पानी में फंसा रहा। आनासागर झील से पानी की निकासी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके चलते बजरंगगढ़ से फव्वारा सर्किल तक का रास्ता बंद कर दिया गया है। इससे लोगों को 500 मीटर की दूरी तय करने के लिए दो किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।

टोंक में नदी में फंसे लोगों का रेस्क्यू
Aaj ka Mosam : टोंक के टोडारायसिंह क्षेत्र के गोलेड़ा गांव के पास बनास नदी में शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे 17 लोग फंस गए थे। ये लोग जरेली गांव में एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली से लौट रहे थे। अचानक नदी में पानी बढ़ने से ट्रैक्टर असंतुलित हो गया। ड्राइवर ट्रैक्टर को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब रहा, लेकिन बाकी लोग नदी के ऊंचे हिस्से (टापू) पर फंस गए। SDRF की टीम ने रात करीब 1:30 बजे पहुंचकर एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित निकाल लिया।
बांध टूटने और डूबने की घटनाएं
Heavy Rain in Rajasthan : राजसमंद में भारी बारिश के कारण एक तालाब का बांध टूट गया, जिससे सात लोग, जिनमें तीन स्कूली बच्चे शामिल थे, पानी के तेज बहाव में फंस गए। जोधपुर के अरना-झरना क्षेत्र में एक युवक की डूबने से मौत हो गई। सीकर में 13 साल के एक बच्चे की भी डूबने से जान चली गई। पिछले चार दिनों में बारिश से संबंधित हादसों में राजस्थान में 23 लोगों की मौत हो चुकी है। टोंक के दूनी तहसील के बानोली गांव में एक कच्चे तालाब का बांध टूट गया, जिससे नीचे बने एक अन्य एनिकट के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है।
बारिश का आंकड़ा और प्रभाव
पिछले 24 घंटों में नागौर के मेड़ता और टोंक के दूनी में सबसे ज्यादा 9-9 इंच बारिश दर्ज की गई। सवाई माधोपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, पाली, जोधपुर, धौलपुर, ब्यावर और अजमेर के कई इलाकों में 4 से 7 इंच तक बारिश हुई। इस मॉनसून सीजन में अब तक राजस्थान में औसत से 109% अधिक बारिश हो चुकी है। 1 जून से 17 जुलाई तक सामान्यतः 131.8 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 275.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
बांधों और जलाशयों की स्थिति
टोंक के ईसरदा बांध के 28 में से 26 गेट खोलकर 7,199 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। धौलपुर के पार्वती डैम से भी 5,502 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। राजसमंद का नंदसमंद बांध ओवरफ्लो हो गया है, और इसके 10 में से 5 गेट खोल दिए गए हैं। अजमेर की वरुण सागर झील और फॉयसागर झील भी अपनी पूरी क्षमता पर पहुंच गई हैं। बीसलपुर बांध में पिछले 24 घंटों में 19 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई है, और यह अब 81.19% तक भर चुका है।
तापमान में गिरावट और भविष्य का पूर्वानुमान
भारी बारिश के कारण कई शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। बारां में 27.8 डिग्री, डूंगरपुर में 28.5 डिग्री, और सिरोही में 23.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, 21 और 22 जुलाई को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना है।
बारिश का अलर्ट इन जिलों में
🌧️ 19 जुलाई 2025 – बारिश का अलर्ट
🔶 ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) वाले जिले:
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना है:
- जोधपुर
- नागौर
- पाली
- अजमेर
- जालौर
- सिरोही
🟡 येलो अलर्ट (Yellow Alert) वाले जिले:
हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है:
- चूरू
- सीकर
- बीकानेर
- भीलवाड़ा
- राजसमंद
- उदयपुर
- बाड़मेर
- जैसलमेर
🌧️ 20 जुलाई 2025 – बारिश का अलर्ट
🟡 येलो अलर्ट (Yellow Alert) वाले जिले:
इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना:
- बीकानेर
- जैसलमेर
- बाड़मेर



