
Rain Alert : राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश का दौर रविवार को कुछ हद तक थम गया। जयपुर, अजमेर, टोंक, दौसा, कोटा, भरतपुर जैसे कई जिलों में आसमान साफ रहा और लोगों को बारिश से राहत मिली। हालांकि, मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। सोमवार (21 जुलाई) को पांच जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसके तहत नागौर, बाड़मेर, सिरोही, जालोर और जोधपुर में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
पिछले कुछ दिनों की भारी बारिश ने राजस्थान के कई हिस्सों में तबाही मचाई है। नदियां, तालाब और बांध उफान पर हैं, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बाड़मेर में एक दुखद घटना में कपड़ा व्यापारी मांगीलाल (30) की गोमरखधाम में कुंड में डूबने से मौत हो गई। वह अपने चार दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गया था, लेकिन कुंड में गहरा पानी होने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की, और स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। इसी तरह, सिरोही के आबूरोड में बनास नदी में तेज बहाव के बीच दो दोस्त, संजय और पर्वत, नहाते समय डूब गए। ये दोनों माउंट आबू के मांचगांव के निवासी थे। प्रशासन और स्थानीय लोग उनकी तलाश में जुटे हैं, लेकिन तेज बहाव के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।
नागौर में बाढ़ का प्रकोप
Rajasthan ka Mosam : नागौर जिले में इस साल मानसून ने खूब मेहरबानी दिखाई है। भारी बारिश के कारण नदियां और तालाब लबालब हो गए हैं। मेड़ता के लाडवा में लूणी नदी के उफान के कारण जसनगर रपट से गुजरने वाला नेशनल हाईवे-458 को मिट्टी डालकर बंद करना पड़ा। इससे जसनगर का लाम्बिया, जैतारण, पाली और ब्यावर से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। रविवार को एक बाइक सवार, हनुमान माली, लूणी नदी के तेज बहाव में बहने लगा, लेकिन स्थानीय लोगों की तत्परता से उसे बचा लिया गया।
रियांबड़ी में लाम्पोलाई तालाब के ओवरफ्लो होने से सैकड़ों मछलियां सड़क पर तैरती नजर आईं। यह नजारा देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह का दृश्य कई सालों बाद देखने को मिला है।
टोंक और जयपुर में बांधों की स्थिति
Mosam : टोंक के बरवास उप तहसील क्षेत्र में छान बास सूर्या पंचायत का इस्लामपुरा बांध रविवार शाम 4 बजे टूट गया। इस बांध की भराव क्षमता सात फीट है, जो 600 बीघा रबी फसल की सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है। सरपंच प्रतिनिधि आरडी गुर्जर ने बताया कि बांध के आसपास अतिक्रमण के कारण पिछले चार साल से पाल टूटने की समस्या बनी हुई है। जल संसाधन विभाग को पहले ही मरम्मत की मांग की गई थी, लेकिन कार्रवाई न होने से स्थिति बिगड़ गई। बांध टूटने से नयागांव में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
जयपुर के दूदू में एनीकट की पाल टूटने से कई ढाणियों का संपर्क कट गया। कानोता डैम में पानी की चादर चल रही है, और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सिक्योरिटी तैनात की गई है। टोंक का बीसलपुर बांध अपनी पूर्ण भराव क्षमता (315.50 मीटर) के करीब पहुंच गया है। रविवार शाम तक इसका जलस्तर 315.0 मीटर था, जो कुल क्षमता का 89.14% है। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले एक-दो दिन में बांध ओवरफ्लो हो सकता है।
कोटा और बूंदी में बाढ़ जैसे हालात
Weather update : कोटा के रामगंजमंडी में 17 जुलाई को हुई 26 इंच बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। प्रशासन ने 20 जुलाई को ड्रोन सर्वे कर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया और जेसीबी व एलएनटी की मदद से पानी निकासी का काम शुरू किया। कोटा बैराज के दो गेट रविवार सुबह खोले गए ताकि पानी को नियंत्रित किया जा सके।
बूंदी के दुगारी गांव में जलजमाव के कारण एक गर्भवती महिला, अनिता (45), को जेसीबी की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। भारी बारिश के कारण रास्तों में पानी भरा होने से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। ग्रामीणों की सूझबूझ और जेसीबी की सहायता से उसे सुरक्षित उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया।

जोधपुर और जालोर में बारिश का असर
Rain Storm Alert : जोधपुर के बालेसर में पिछले 24 घंटे में 61 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सबसे अधिक है। शनिवार रात गुलजारपुरा में एक जर्जर मकान ढह गया, लेकिन समय रहते परिवार ने मकान खाली कर दिया था, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। बालेसर में 20 साल पुराना अमृतनगर बांध और शेरगढ़ में 40 साल पुराना बांध टूट गया, जिससे आसपास के इलाकों में जलभराव हो गया। प्रशासन ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
जालोर के भाद्राजून में शनिवार की तेज बारिश के बाद मेवानाला झरना पूरे वेग से बह रहा है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण पिकनिक मनाने वालों की भीड़ यहां उमड़ पड़ी। जिले में 24 घंटे में 24.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
उदयपुर और धौलपुर में पानी की निकासी
Heavy Rain Alert : उदयपुर में स्वरूपसागर झील के चार गेट रविवार शाम 7:18 बजे 3-3 इंच खोले गए, ताकि सीसारमा नदी से आ रहे पानी को नियंत्रित किया जा सके। इससे आयड़ नदी में पानी की आवक बढ़ी है। धौलपुर में पार्वती बांध से पानी छोड़ा गया, जिससे राजाखेड़ा क्षेत्र की पार्वती (उतंगन) नदी में जलस्तर बढ़ गया। गनहैदी और नादोली की रपटें पूरी तरह जलमग्न हो गईं, और आवागमन ठप हो गया।
मौसम का तापमान और राहत
रविवार को श्रीगंगानगर में सबसे अधिक तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य जिलों में तापमान इस प्रकार रहा: चूरू (33.2), फलोदी (33), पिलानी (34), कोटा (33), अलवर (33.2), सीकर (32), जैसलमेर-बाड़मेर (31.7), बीकानेर (31.6), जयपुर (31.1), अजमेर (30.7), दौसा (32.6), चित्तौड़गढ़ (31.7), बारां (32), और भीलवाड़ा (30.4 डिग्री सेल्सियस)। कई जिलों में हल्की धूप और बादल छाए रहे, जिससे लोगों को भारी बारिश से कुछ राहत मिली।
बारिश से हुए हादसों में बढ़ती मौतें
पिछले एक हफ्ते में बारिश से संबंधित हादसों में 25 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं। अजमेर के किशनगढ़ में चार लड़कियां तालाब में डूब गईं, जिनमें से तीन की मौत हो गई। सवाई माधोपुर में एक चार साल का बच्चा नाले में गिरकर मर गया। टोंक में एक बाइक सवार युवक का शव 15 घंटे बाद बरामद हुआ। जोधपुर और बूंदी में भी डूबने की घटनाएं सामने आई हैं।
राजस्थान में इस साल मानसून ने कई क्षेत्रों में तबाही मचाई है, लेकिन कुछ इलाकों में यह राहत भी लेकर आया है। बांधों और तालाबों का जलस्तर बढ़ने से सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ी है, लेकिन बाढ़ और हादसों ने प्रशासन और लोगों के सामने नई चुनौतियां खड़ी की हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है, और प्रशासन ने भी बचाव कार्यों को तेज कर दिया है।
🌧️ 21 जुलाई 2025 को येलो अलर्ट वाले जिले
इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है:
- चित्तौड़गढ़
- प्रतापगढ़
- डूंगरपुर
- बांसवाड़ा
- उदयपुर
🔸 ये सभी जिले राजस्थान के दक्षिणी हिस्से में स्थित हैं।
🌧️ 22 जुलाई 2025 को येलो अलर्ट वाले जिले
इन जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है:
- अलवर
- भरतपुर
- दौसा
- बूंदी
- कोटा
- बारां
- झालावाड़
🔸 ये जिले राजस्थान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्से में आते हैं।



