
Rain Alert : राजस्थान का मौसम एक बार फिर से रोमांचक मोड़ ले चुका है। उत्तर-पश्चिम भारत पर सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं, और मौसम विभाग ने सोमवार (3 नवंबर) को 11 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मंगलवार (4 नवंबर) को इस सिस्टम का असर और अधिक गहराने की संभावना है, जिससे बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। यह बेमौसम वर्षा जहां एक ओर सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए राहत की किरण बन सकती है, वहीं दूसरी ओर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाकर चिंता का सबब भी बन रही है। विशेष रूप से चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा क्षेत्र में जावदा निमड़ी गांव के किसानों ने भारी नुकसान की शिकायत की है, जहां सरसों, गेहूं और चने की फसलें पानी में डूब गईं।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश का मौसम मुख्य रूप से ड्राय रहा, लेकिन रात के तापमान में गिरावट ने सर्दी की आमद का संकेत दे दिया है। दिन में साफ आसमान और चटक धूप ने गर्मी का अहसास कराया, जबकि रातें ठंडी हो चली हैं। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण 3-4 नवंबर को दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान में मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी जिलों में हल्की फुहारें पड़ने की संभावना है। इसके बाद 5 नवंबर से मौसम साफ होने लगेगा, लेकिन सर्द हवाओं का दौर जारी रहेगा। आइए, इस रिपोर्ट में हम मौसम के हर पहलू – अलर्ट वाले जिलों की सूची, तापमान के आंकड़े, किसानों पर प्रभाव, रात की ठंडक और आने वाले दिनों की भविष्यवाणी – को विस्तार से समझते हैं।

11 जिलों में यलो अलर्ट
Rajasthan ka Mosam : मौसम विभाग ने सोमवार को निम्नलिखित 11 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है, जहां हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है:
- चित्तौड़गढ़
- उदयपुर
- राजसमंद
- डूंगरपुर
- बांसवाड़ा
- प्रतापगढ़
- भीलवाड़ा
- कोटा
- बूंदी
- बारां
- झालावाड़

Weather Update Rajasthan : मंगलवार को यह अलर्ट और विस्तारित हो सकता है, जिसमें जयपुर, अजमेर, टोंक और सवाई माधोपुर जैसे अतिरिक्त जिले शामिल हो सकते हैं। विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के साथ-साथ अरब सागर से नमी की आमद ने यह स्थिति पैदा की है। ऊंचाई वाले इलाकों जैसे माउंट आबू में हल्की ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। किसानों से अपील की गई है कि वे फसलों को ढकें और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में जावदा निमड़ी गांव के किसान रामलाल मीणा ने बताया, “रविवार रात अचानक बारिश शुरू हुई, जो सुबह तक चली। सरसों की फसल तैयार थी, लेकिन पानी भरने से सड़ने लगी। पिछले साल भी बेमौसम बारिश से नुकसान हुआ था, सरकार से मुआवजे की मांग करेंगे।” इसी तरह, उदयपुर और डूंगरपुर के आदिवासी इलाकों में मक्का और उड़द की फसल प्रभावित हुई है।
