
Rain Alert Rajasthan : राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर 4 अप्रैल को भी बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने आज 29 जिलों में तेज बारिश, आंधी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। 3 अप्रैल को हुई बारिश के बाद पूरे प्रदेश में मौसम सुहाना तो हुआ है, लेकिन इसके साथ ही किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। कई इलाकों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जबकि खेतों और मंडियों में रखी फसलें भीगने से नुकसान की खबरें सामने आई हैं। शुक्रवार को बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर समेत कई जिलों में ओले गिरे। वहीं राजधानी जयपुर में देर शाम आए तेज अंधड़ और बारिश के कारण अलग-अलग हादसों में दो लोगों की जान चली गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से दिन के तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है।
फिलहाल नहीं थमेगा बारिश और आंधी का दौर
Rajasthan weather update : मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, मौजूदा सिस्टम का असर 4 अप्रैल को भी जारी रहेगा। इसके चलते उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। उन्होंने बताया कि 5 और 6 अप्रैल को मौसम गतिविधियों में कुछ कमी जरूर देखने को मिल सकती है, लेकिन 7 अप्रैल को एक और मजबूत सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश में फिर से बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है।
जयपुर में अंधड़ बना जानलेवा, दो लोगों की मौत
Rajasthan heavy rain forecast : राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे शुरू हुआ आंधी-बारिश का सिलसिला देर रात लगभग 11 बजे तक जारी रहा। तेज हवाओं और बारिश ने शहर के कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जवाहर नगर इलाके में दर्दनाक हादसे में बाइक सवार एक व्यक्ति के ऊपर बिजली का पोल गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान मुकेश नगर निवासी 50 वर्षीय रामजीलाल महावर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वे बिजली पोल से जुड़े कार्य करते थे। वहीं दूसरा हादसा जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में हुआ, जहां तेज हवा के कारण ग्रेनाइट का भारी पत्थर एक बुजुर्ग व्यक्ति पर गिर पड़ा। इस हादसे में भी बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।
बारिश और ओलों से रबी की फसलें चौपट होने का खतरा
Rajasthan IMD alert : जयपुर के आसपास के कई इलाकों में शुक्रवार शाम बारिश के साथ ओले गिरने से रबी की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी और कटाई के बाद खुले में रखी फसलें भीगने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मार्च के बाद भी पश्चिमी विक्षोभ लगातार सक्रिय बने हुए हैं, जो सामान्य स्थिति से अलग है। आमतौर पर मार्च के बाद ऐसे सिस्टम कमजोर पड़ने लगते हैं, लेकिन इस बार 13 मार्च से लगातार मौसम प्रणाली सक्रिय हो रही है। मार्च के अंत तक 5 और अप्रैल के पहले सप्ताह तक 6 सिस्टम सक्रिय हो चुके हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इतने कम अंतराल में लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होना असामान्य है। इसी वजह से मौसम का पैटर्न बदला हुआ नजर आ रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। राजस्थान के कई जिलों में सरसों, गेहूं और चने की फसल को सबसे अधिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मंडियों में खुले में रखी उपज भी बारिश के कारण भीग गई है, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों की चिंता बढ़ गई है।
पिछले 24 घंटे में इन जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि
Rajasthan mausam update : पिछले 24 घंटों के दौरान बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, जैसलमेर, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, बाड़मेर, जोधपुर, जालोर, जयपुर, अजमेर, अलवर और टोंक समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो अजमेर में 17.6 एमएम, हनुमानगढ़ में 11.5 एमएम, झुंझुनूं में 12.2 एमएम, नागौर में 4 एमएम, श्रीगंगानगर में 1.4 एमएम, जोधपुर में 1.5 एमएम, सीकर में 3 एमएम और पिलानी में 1.9 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई।

7 डिग्री तक गिरा तापमान, दिन में महसूस हुई ठंडक
तूफानी बारिश और ओलावृष्टि के बाद राज्य के अधिकांश शहरों के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। श्रीगंगानगर सहित कई शहरों में अधिकतम तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया। मौसम में आई इस नरमी के कारण शुक्रवार को कई शहरों में दिन के समय भी हल्की ठंडक महसूस की गई। हालांकि प्रदेश में शुक्रवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान चित्तौड़गढ़ और अलवर में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।



