
Rajasthan bus strike today : राजस्थान में परिवहन विभाग की कार्रवाई के विरोध में निजी बस ऑपरेटर्स ने सोमवार रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite Strike) शुरू कर दी। बस संचालकों का दावा है कि राज्यभर में लगभग 35 हजार कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, स्टेज कैरिज और लोक परिवहन (Public Transport) बसों का संचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मंगलवार सुबह से इसका असर जयपुर, कोटा सहित कई शहरों में साफ दिखाई दिया, जहां बस स्टैंड पर यात्रियों की लंबी लाइनें लग गईं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं कुछ स्थानों पर यात्रियों को वैकल्पिक साधनों की तलाश में निजी वाहन या महंगी कैब सेवा लेनी पड़ी।
कई शहरों में ठप रहा संचालन, रोडवेज पर बढ़ा दबाव
Private bus operators strike Rajasthan 2026 : प्राइवेट बसें बंद होने के बाद रोडवेज बसों (State Transport) में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों का लोड बढ़ने पर अतिरिक्त बसें और अतिरिक्त राउंड चलाए जाएंगे। जयपुर के दुर्गापुरा, ट्रांसपोर्ट नगर और 200 फीट बायपास स्थित बस स्टैंड पर सुबह से यात्रियों की भीड़ जमा रही। कई लोग पांच-पांच घंटे तक बसों का इंतजार करते नजर आए। उधर कोटा के बालाजी मार्केट बस स्टैंड से सुबह एक भी निजी बस रवाना नहीं हुई। बस मालिकों ने दावा किया कि सभी ऑपरेटर्स हड़ताल में पूरी तरह शामिल हैं।
टैक्सी यूनियन ने भी दिया समर्थन
Taxi union support bus strike Rajasthan : निजी बस संचालकों के समर्थन में टैक्सी ऑपरेटर्स भी आ गए हैं। हालांकि किसी बड़े संगठन ने आधिकारिक घोषणा नहीं की, लेकिन कई शहरों में टैक्सी चालकों ने भी सीमित सेवाएं दीं। बस संचालकों का कहना है कि रोजाना करीब 15 लाख यात्री इन बसों से सफर करते हैं। ऐसे में हड़ताल से आम लोगों को भारी परेशानी होना तय है।

पीएम की अजमेर रैली के लिए भी बसें देने से इनकार
Why buses stopped in Rajasthan today : बस एसोसिएशन ने 28 फरवरी को अजमेर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रस्तावित रैली के लिए भी बसें उपलब्ध कराने से साफ मना कर दिया है। अजमेर में करीब 200 निजी बसें हड़ताल में शामिल बताई जा रही हैं, जिनमें स्लीपर, स्टेज कैरिज और लोक परिवहन बसें शामिल हैं। जहां अधिकतर जिलों में हड़ताल का असर दिखा, वहीं जोधपुर में निजी बसों का संचालन सामान्य रहा। केवल कुछ एसोसिएशन से जुड़े बस मालिकों ने ही बसें बंद रखीं, बाकी रूट पर सेवाएं जारी रहीं।
चक्का जाम की चेतावनी
Rajasthan contract carriage bus protest : ऑल राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि सचिवालय में सरकार के साथ हुई वार्ता में कोई सहमति नहीं बन पाई। उन्होंने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो ऑपरेटर्स सड़कों पर उतरकर राज्यव्यापी चक्का जाम करेंगे। कोटा में बस संचालकों ने पड़ोसी राज्यों से आने वाली बसों को भी नहीं चलने देने की चेतावनी दी है।
हड़ताल की वजह — भारी चालान और नए नियम
बस मालिकों का कहना है कि परिवहन विभाग मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 153 के तहत भारी चालान बना रहा है।
यह धारा 2025 में लागू की गई है, जिसके तहत इन स्थितियों में कार्रवाई होती है:
- वाहन की बॉडी में बिना अनुमति बदलाव
- ओवरलोडिंग
- सेफ्टी नियमों का उल्लंघन
- फिटनेस सर्टिफिकेट की शर्तों का पालन न होना
- वाहन की लंबाई-ऊंचाई तय मानकों से अलग होना
संचालकों का कहना है कि पुराने वाहनों पर यह नियम लागू करना व्यावहारिक नहीं है।
त्योहार और मेले से बढ़ी परेशानी
आने वाले होली पर्व और खाटूश्याम मेले के कारण पहले ही यात्रियों की संख्या अधिक है। जयपुर सिंधी कैंप से प्रतिदिन 1100 से ज्यादा बसें संचालित होती हैं, जिनमें से 100 से अधिक बसें खाटूश्याम के लिए चलाई जा रही हैं। निगम ने करीब 200 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने का दावा किया है।
बस स्टैंड पर बैठे यात्रियों ने बताया कि उन्हें न तो बसों की जानकारी मिल रही है और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था। कई लोग धूप में सड़क किनारे इंतजार करते दिखे। छात्र, मजदूर, नौकरीपेशा और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
