
Rajasthan caste census 2026-2027 : देश की पहली डिजिटल जातिगत जनगणना (Caste Census) का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। राजस्थान में 1 जनवरी 2026 से लेकर 31 मार्च 2027 तक करीब 15 महीने चलने वाली इस मेगा जनगणना के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। सबसे बड़ी बात — इस दौरान प्रदेश में लाखों सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों के ट्रांसफर पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। अगर कोई कर्मचारी जनगणना ड्यूटी से मना करता है या जाति की जानकारी छुपाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी — जुर्माना से लेकर जेल तक की सजा हो सकती है।
2 लाख से ज्यादा कर्मचारी लगेंगे ड्यूटी में
Rajasthan 2 lakh employees duty : राजस्थान में जनगणना के लिए करीब 2 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी और अधिकारी लगाए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:
- लगभग 1.60 लाख प्रगणक (Enumerators) — जो घर-घर जाकर डाटा कलेक्ट करेंगे
- 30-40 हजार सुपरवाइज़र और चार्ज ऑफिसर
- कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, शिक्षक, नगर निगम-पалिका के कर्मचारी
क्षेत्रीय जनगणना निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने बताया, “चुनाव ड्यूटी की तरह ही जनगणना ड्यूटी भी अनिवार्य होती है। कोई भी कर्मचारी इससे बच नहीं सकता। मना करने पर सीधे कानूनी एक्शन होगा।”

ट्रांसफर पर डेढ़ साल की रोक, प्रशासनिक सीमाएं होंगी सील
Rajasthan transfer ban employees : 1 जनवरी 2026 से पूरे राजस्थान में प्रशासनिक यूनिट्स फ्रीज (Freeze) हो जाएंगी। इसका मतलब:
- कोई नया जिला, उपखंड, तहसील, ग्राम पंचायत या वार्ड नहीं बन सकेगा
- कोई भी सीमा परिवर्तन नहीं होगा
- गांवों-ढाणियों के नाम या वर्तनी में बदलाव पर भी रोक
- यह रोक मई-जून 2027 तक रहेगी, जब तक गृह मंत्रालय नई अधिसूचना जारी न कर दे
विशेष परिस्थितियों में ही ट्रांसफर की छूट मिलेगी, वो भी बहुत सीमित स्तर पर।
पहली बार पूरी तरह डिजिटल + जातिगत जनगणना
Digital caste census Rajasthan : इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। हर प्रगणक को टैबलेट दिया जाएगा, जिसमें रियल-टाइम डाटा अपलोड होगा। सबसे अहम बात — हर व्यक्ति से उसकी जाति और उपजाति की पूरी जानकारी लेना अनिवार्य होगा। अगर कोई व्यक्ति या परिवार जाति बताने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
दो फेज में होगी जनगणना
- पहला फेज (House Listing & Housing Census) अप्रैल 2026 से सितंबर 2026
- मकानों की लिस्टिंग
- सुविधाओं (पानी, बिजली, शौचालय आदि) का ब्योरा
- एक प्रगणक अधिकतम 150 घर या 700-850 की आबादी कवर करेगा
- दूसरा फेज (Population Enumeration) 9 फरवरी 2027 से 20 फरवरी 2027
- हर व्यक्ति की गिनती
- 28 फरवरी 2027 को बेघरों (Homeless) की गिनती
फरवरी 2026 से शुरू होगी बड़े स्तर पर ट्रेनिंग
फरवरी 2026 से जनगणना कर्मियों की बड़े पैमाने पर ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। सबसे पहले संभागीय आयुक्त, कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदारों की ट्रेनिंग होगी। फिर प्रगणकों और सुपरवाइज़रों का नंबर आएगा। टैबलेट हैंडलिंग, डाटा एंट्री और सॉफ्टवेयर की पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी।

शहरों में कौन होगा मुख्य जनगणना अधिकारी?
- नगर निगम आयुक्त → Principal Census Officer
- अतिरिक्त आयुक्त → City Census Officer
- जोन उपायुक्त / ईओ → Charge Census Officer
- राजस्व अधिकारी → Additional Charge Officer
गांवों-ढाणियों की लिस्ट फाइनल करने का काम तेज
Rajasthan administrative boundaries freeze : जयपुर, बीकानेर और भरतपुर संभाग के गांवों-ढाणियों की लिस्ट फाइनल हो चुकी है। बाकी संभागों का काम तेजी से चल रहा है। हर गांव, ढाणी, बस्टी का हिंदी और अंग्रेजी में सही नाम और वर्तनी चेक की जा रही है। कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार से साइन करवाए जा रहे हैं।
हर जिले के लिए अलग Census Handbook तैयार हो रही है, जिसमें जिले की पूरी फैक्ट-फाइल होगी। 19 दिसंबर 2025 तक इसका अंतिम परीक्षण पूरा कर लिया जाएगा।
आखिरी बात — कोई बच नहीं सकता!
जनगणना देश का सबसे बड़ा प्रशासनिक और सामाजिक अभियान है। इस बार जातिगत आंकड़े जुटाने का राजनीतिक और सामाजिक महत्व और भी बढ़ गया है। इसलिए सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। जाति छुपाने की कोशिश की, ड्यूटी से भागे या गलत जानकारी दी — तो सीधे कानून का डंडा तैयार है।
तैयार रहिए — 2026-27 राजस्थान की सबसे बड़ी जनगणना होने जा रही है, और इसमें हर सरकारी कर्मचारी की भागीदारी अनिवार्य है!
