
Rajasthan electricity tariff 2026 : राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (RERC) ने राज्य की तीनों बिजली वितरण कंपनियों—जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम—के लिए वर्ष 2026-27 का नया टैरिफ आदेश जारी कर दिया है। आयोग ने घरेलू उपभोक्ताओं के मूल बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, हालांकि सरचार्ज और अन्य शुल्क पहले की तरह लागू रहेंगे। इस आदेश की सबसे बड़ी खास बात यह है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशनों पर लगने वाला फिक्स्ड चार्ज हटा दिया गया है, जिससे चार्जिंग लागत कम होने की उम्मीद है। नया टैरिफ 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है। इसमें सरचार्ज व्यवस्था को जारी रखते हुए सोलर, उद्योग और अन्य श्रेणियों से जुड़े कई प्रावधानों में बदलाव किए गए हैं, जिनका असर अलग-अलग उपभोक्ता वर्गों पर पड़ेगा।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए क्या बदला
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की मूल दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार:
- 50 यूनिट तक खपत पर 4.75 रुपए प्रति यूनिट
- 50 से 150 यूनिट तक 6 रुपए प्रति यूनिट
- 150 से 500 यूनिट तक 7 रुपए प्रति यूनिट
- 500 यूनिट से अधिक खपत पर 7.50 रुपए प्रति यूनिट
देने होंगे।
फिक्स्ड चार्ज भी पहले की तरह यथावत रखा गया है। यानी उपभोक्ताओं पर सीधे तौर पर बिजली दर बढ़ने का बोझ नहीं डाला गया है। हालांकि बिजली कंपनियों के पुराने घाटे की भरपाई के लिए रेगुलेटरी सरचार्ज जारी रहेगा, जिसे उपभोक्ताओं को पहले की तरह चुकाना होगा।
अलग-अलग श्रेणियों पर लागू होंगे सरचार्ज
Rajasthan new electricity rates : आयोग ने कुछ अतिरिक्त सरचार्ज भी निर्धारित किए हैं, जो बिजली बिल में अलग से जोड़े जाएंगे। ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं पर 1.48 रुपए प्रति यूनिट का क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज लागू रहेगा। इसके अलावा 0.50 रुपए प्रति यूनिट का अतिरिक्त सरचार्ज भी देना होगा।
रेगुलेटरी सरचार्ज के तहत:
- 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर 0.70 रुपए प्रति यूनिट
- इससे अधिक खपत करने वाले अन्य उपभोक्ताओं पर 1 रुपए प्रति यूनिट
का अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।
इसके अलावा, जो उपभोक्ता ग्रीन एनर्जी का विकल्प चुनेंगे, उन्हें सामान्य दर के ऊपर 0.05 रुपए प्रति यूनिट अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
EV चार्जिंग स्टेशनों को बड़ी राहत
RERC tariff order 2026 : राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोग ने पहली बार EV चार्जिंग स्टेशनों पर लगने वाला फिक्स्ड चार्ज पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब तक इन कनेक्शनों पर 150 रुपए प्रति KVA तक फिक्स्ड चार्ज लिया जाता था, जिसे अब हटा दिया गया है। इससे चार्जिंग स्टेशनों की परिचालन लागत कम होगी और इसका लाभ सीधे तौर पर EV उपयोगकर्ताओं तक पहुंच सकता है। EV चार्जिंग स्टेशनों के लिए 6 रुपए प्रति यूनिट की दर तय की गई है और इस श्रेणी में अब कोई फिक्स्ड चार्ज नहीं लगेगा। इससे राज्य में EV इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

समय के अनुसार भी लगेगा बिजली शुल्क
Rajasthan power tariff update : 10 किलोवॉट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ डे (TOD) प्रणाली लागू रहेगी। इसके तहत दिन के अलग-अलग समय पर बिजली दरों में बदलाव होगा:
- सुबह 6 बजे से 8 बजे तक: 5% अतिरिक्त चार्ज
- दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक: 10% की छूट
- शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक: 10% अतिरिक्त चार्ज
इस व्यवस्था का उद्देश्य बिजली खपत को संतुलित करना है।
स्ट्रीट लाइट को TOD से छूट, बड़े उपभोक्ताओं को भी राहत
Rajasthan electricity bill news : आयोग ने स्ट्रीट लाइट कनेक्शनों को टाइम ऑफ डे नियमों से बाहर रखा है। इससे नगरीय निकायों को बिजली खर्च में राहत मिलेगी। इसके साथ ही, जिन उपभोक्ताओं की डिमांड 50 KVA से अधिक हो जाती है और जिनकी सप्लाई HT से LT में शिफ्ट करनी पड़ती है, उन्हें भी राहत दी गई है। पहले ऐसी छूट केवल दो बार तक उपलब्ध थी, जिसे अब बढ़ाकर तीन बार कर दिया गया है। इसके बाद सप्लाई व्यवस्था बदलने पर उपभोक्ता को स्वयं का ट्रांसफार्मर लगाना होगा।
मीडियम इंडस्ट्री को 30 पैसे प्रति यूनिट की राहत
मध्यम श्रेणी के औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में राहत दी गई है। पहले यह दर 6.30 रुपए प्रति यूनिट थी, जिसे घटाकर अब 6 रुपए प्रति यूनिट कर दिया गया है। इससे इस श्रेणी के उद्योगों को सीधे 30 पैसे प्रति यूनिट का लाभ मिलेगा। लार्ज इंडस्ट्री के लिए बिजली दर 6.50 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित की गई है, जबकि फिक्स्ड चार्ज 380 रुपए प्रति KVA रहेगा।
मीडियम इंडस्ट्री के लिए भी लगभग इसी तरह की दरें लागू होंगी।
वहीं, स्मॉल इंडस्ट्री के लिए:
- 500 यूनिट तक खपत पर 6 रुपए प्रति यूनिट
- इससे अधिक पर भी यही दर लागू रहेगी।
मिक्स्ड लोड (कॉमर्शियल + अन्य) श्रेणी के लिए 7.50 रुपए प्रति यूनिट की दर तय की गई है।
वोल्टेज और नेटवर्क चार्ज भी तय
उच्च वोल्टेज पर बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं को 3% से 5% तक की छूट दी जाएगी। इसके अलावा, व्हीलिंग चार्ज वोल्टेज स्तर के अनुसार 0.01 रुपए से 1.93 रुपए प्रति यूनिट तक तय किए गए हैं।
डिस्कॉम का घाटा घटाने पर जोर
आयोग ने स्पष्ट कहा है कि डिस्कॉम का पुराना घाटा अगले 7 वर्षों में समाप्त किया जाना चाहिए। इसके लिए एक प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने की सलाह दी गई है, ताकि सरचार्ज से मिलने वाली राशि का उपयोग केवल घाटा कम करने में ही हो।
आयोग ने राज्य सरकार को यह भी सुझाव दिया है कि:
- सब्सिडी समय पर जारी की जाए
- विशेष टास्क फोर्स बनाई जाए
- UDAY योजना के तहत लिए गए ऋण पर ब्याज कम किया जाए
- किसानों के लिए लोड सुधार योजना लाई जाए
- पावर सेक्टर में बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए
इसके साथ ही डिजिटल स्किल डेवलपमेंट, सेफ्टी नियमों के पालन और जोधपुर डिस्कॉम को अतिरिक्त सहायता देने पर भी जोर दिया गया है।
बेस टैरिफ नहीं बढ़ा, लेकिन बिल पर हल्का असर संभव
आयोग ने इस बार बेस टैरिफ में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन सरचार्ज और अन्य शुल्कों के जरिए डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति सुधारने की कोशिश की गई है। ऐसे में उपभोक्ताओं के कुल बिजली बिल पर मामूली असर देखने को मिल सकता है।
सोलर उपभोक्ताओं को भी राहत
रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने नेट बिलिंग व्यवस्था को जारी रखा है। इससे सोलर उपभोक्ताओं को पहले की तरह राहत मिलती रहेगी और अक्षय ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा।



