
Rajasthan ka Mosam : राजस्थान में रविवार को मौसम के कई रंग देखने को मिले। एक ओर भरतपुर में सुबह से रिमझिम बारिश का दौर जारी है, वहीं जयपुर, टोंक, दौसा और करौली सहित कई जिलों में आसमान पर काले बादलों ने डेरा जमा रखा है। कई स्थानों पर हल्की हवा और फुहारें मौसम को सुहावना तो बना रही हैं, लेकिन उमस ने आमजन को परेशान कर दिया है। राजधानी जयपुर समेत 9 जिलों के लिए मौसम विभाग ने Yellow Alert जारी किया है। यह अलर्ट सीकर, झुंझुनूं, अलवर, करौली, धौलपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, जयपुर और भरतपुर जिलों के लिए है।
मानसून की गति सुस्त, गर्मी और उमस में इजाफा
Rain Alert : राज्य में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। इससे मानसून की चाल धीमी पड़ गई है। परिणामस्वरूप प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है। शनिवार को जयपुर, अजमेर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभाग के अधिकांश जिलों में आसमान पूरी तरह साफ रहा और हल्की धूप निकली, जिससे इन क्षेत्रों में उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया।
शनिवार को जो तापमान दर्ज किया गया, उसमें 1 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी गई। बीकानेर में पारा 6.5 डिग्री बढ़कर 37.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, वहीं गंगानगर में 6.4 डिग्री की बढ़त के साथ तापमान 33.1 डिग्री, हनुमानगढ़ में 5.6 डिग्री की वृद्धि के साथ 34.5 डिग्री, चूरू में 3.5 डिग्री की बढ़त के साथ 34.2 डिग्री और जैसलमेर में 2.8 डिग्री चढ़कर 36.7 डिग्री दर्ज किया गया।
जयपुर में बादलों की दस्तक, फुहारों का दौर जारी
Weather Update : राजधानी जयपुर में रविवार सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए रहे। हल्की हवा के साथ रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही, जिससे सुबह के समय मौसम खुशनुमा महसूस हुआ। हालांकि, बाद में जैसे ही धूप निकली, उमस में जबरदस्त इजाफा हुआ। लोगों ने पसीने और चिपचिपाहट से राहत पाने के लिए शीतल पेय और ठंडी चीजों की ओर रुख किया। भरतपुर में रविवार सुबह से ही हल्की बारिश की रिमझिम फुहारें जारी हैं। इससे जहां एक ओर तापमान में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर गर्मी और उमस से राहत मिली है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तेज गर्मी और उमस से लोग परेशान थे, लेकिन इस बारिश से मौसम में ठंडक आई है।
टोंक में बारिश के आसार कम, बीसलपुर बांध से पानी की निकासी
Aaj ka Mosam : टोंक जिले में रविवार को बादल तो छाए हैं लेकिन बारिश की संभावना कम ही जताई गई है। मौसम विभाग ने इसे ‘dry day’ घोषित किया है। हालांकि, बीसलपुर बांध से पानी की निकासी का क्रम जारी है। रविवार सुबह बांध के गेट नंबर 11 को बंद कर दिया गया है। फिलहाल गेट नंबर 9 और 10 को एक-एक मीटर तक खोलकर बनास नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। जल स्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है।
आफत बनकर आई बारिश, मकान ढहे, जानमाल का नुकसान
Rain Storm Alert : भरतपुर के भुसावर उपखंड के दीवली ग्राम पंचायत के बौराज गांव में 1 अगस्त की रात भारी बारिश के चलते एक कच्चा मकान धराशायी हो गया। इस दर्दनाक हादसे में 70 वर्षीय टुंडा राम मीणा और उनकी पत्नी 60 वर्षीय जग्गो देवी की मलबे में दबकर मौत हो गई। तेज आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। इसी प्रकार बीकानेर जिले के नोखा में शुक्रवार रात 12 बजे दो मकान अचानक 30 फीट गहरे गड्ढे में धंस गए। गनीमत रही कि हादसे में एक महिला और तीन बच्चों की जान बच गई। इस घटना के बाद प्रशासन ने आसपास के सात मकानों को एहतियातन खाली करवा लिया है। हनुमानगढ़ जिले के गोलूवाला क्षेत्र के सिहागान गांव में भी बारिश के दौरान एक मकान का हिस्सा गिर गया। हालांकि वह हिस्सा खाली था और कोई जनहानि नहीं हुई।
नागौर में स्कॉर्पियो नदी में समाई
नागौर के रियांबड़ी कस्बे में आलनियावास रोड पर बह रही लूणी नदी के तेज बहाव में एक स्कॉर्पियो गाड़ी डूब गई। जानकारी के अनुसार गाड़ी सड़क के गड्ढे में फंस गई थी और पानी के बहाव ने उसे अपने साथ बहा लिया। गनीमत रही कि समय रहते गाड़ी में सवार लोग बाहर निकलने में सफल रहे।
पिछले 24 घंटों में कहां कितनी बारिश हुई?
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक वर्षा बारां जिले के छीपाबड़ौद में दर्ज की गई, जहां 24 मिमी बारिश हुई। अन्य प्रमुख स्थानों पर बारिश इस प्रकार रही:
- भीलवाड़ा (कोटड़ी): 10 मिमी
- गंगानगर (लालगढ़): 14 मिमी
- झुंझुनूं (मलसीसर, पिलानी): 6-6 मिमी
- सवाई माधोपुर (मलारना डूंगर): 6 मिमी
- कोटा: 9.6 मिमी
- हनुमानगढ़ (फेफाना): 10 मिमी
ट्रफ लाइन उत्तर की ओर खिसकी, बारिश में कमी का कारण
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून ट्रफ लाइन अभी अपने सामान्य स्थान से उत्तर दिशा की ओर खिसक गई है। यह ट्रफ रेखा फिलहाल फिरोजपुर, अंबाला, शाहजहांपुर, बाराबंकी, गोरखपुर होते हुए गुजर रही है। ट्रफ के इस स्थानांतरण के कारण राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त माह में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो सकता है और अच्छी वर्षा होने की संभावना है।
औसत से 91% अधिक वर्षा, 18 जिलों में कोटा पूरा
इस साल एक जून से 1 अगस्त 2025 तक राजस्थान में औसतन 221.4 मिमी बारिश होनी थी, जबकि अभी तक 422.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यानी अब तक प्रदेश में सामान्य से 91 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। इसके साथ ही 18 जिलों ने अपना बारिश का वार्षिक कोटा पूरा कर लिया है।

प्रमुख बांधों से पानी की निकासी जारी
राज्य के प्रमुख बांधों में जलस्तर बढ़ने के कारण लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। कोटा बैराज के दो गेट शनिवार सुबह चार से पांच फीट तक खोले गए, जिससे लगभग 11,087 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। नवनेरा बांध के पांच गेटों को खोलकर 12,303 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। इसी तरह टोंक के बीसलपुर बांध में तीन गेट एक-एक मीटर तक खोलकर लगभग 18,030 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। अलवर जिले का प्रसिद्ध सिलीसेढ़ बांध भी अब लगभग भरने को है। पिछले सप्ताह हुई झमाझम बारिश के कारण बांध में ढाई फीट तक पानी आया है और अब मात्र 6 इंच की क्षमता शेष रह गई है। अगर आगामी दिनों में हल्की बारिश भी होती है, तो बांध पूरी तरह भर जाएगा।
🌧 3 अगस्त 2025 (शनिवार) – येलो अलर्ट वाले जिले
- सीकर
- झुंझुनूं
- जयपुर
- अलवर
- भरतपुर
- करौली
- धौलपुर
- दौसा
- सवाई माधोपुर
📌 कुल जिले: 9
🌧 4 अगस्त 2025 (रविवार) – येलो अलर्ट वाले जिले
- सीकर
- झुंझुनूं
- जयपुर
- अलवर
- भरतपुर
- करौली
- धौलपुर
- दौसा
- टोंक (नया जुड़ा)
- सवाई माधोपुर
📌 कुल जिले: 10
🌧 5 अगस्त 2025 (सोमवार) – येलो अलर्ट वाले जिले
- सीकर
- झुंझुनूं
- जयपुर
- अलवर
- भरतपुर
- करौली
- धौलपुर
- दौसा
📌 टोंक और सवाई माधोपुर हटे
📌 कुल जिले: 8
🌧 6 अगस्त 2025 (मंगलवार) – येलो अलर्ट वाले जिले
- अलवर
- भरतपुर
- करौली
- धौलपुर
- दौसा
- सवाई माधोपुर
📌 सीकर, झुंझुनूं, जयपुर सूची से बाहर
📌 कुल जिले: 6



