
Rajasthan LPG Cylinder New Rule : राजस्थान सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश में बिना OTP सत्यापन और डिलीवरी डायरी में एंट्री के घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में गैस कंपनियों और एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से फर्जी बुकिंग, सिलेंडर डाइवर्जन और कालाबाजारी पर रोक लगेगी तथा वास्तविक उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार को सचिवालय में घरेलू गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर विभागीय अधिकारियों और गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में प्रदेश में रसोई गैस की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था, डिलीवरी सिस्टम और निगरानी तंत्र की समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और बुकिंग के बाद तीन से चार दिनों के भीतर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक स्थलों पर भी गैस सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
OTP और डायरी एंट्री अब अनिवार्य
Rajasthan gas cylinder new rule : बैठक में सामने आया कि कुछ एजेंसियों पर बिना OTP और बिना डिलीवरी रिकॉर्ड दर्ज किए सिलेंडर देने के मामले सामने आए हैं। सरकार ने इसे गंभीर मानते हुए अब सख्ती बढ़ा दी है। सुमित गोदारा ने कहा कि प्रदेश में संचालित करीब 1300 गैस एजेंसियों के माध्यम से घरेलू गैस आपूर्ति की जा रही है, लेकिन कुछ स्थानों पर सिलेंडर डाइवर्जन की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे मामलों से वास्तविक उपभोक्ताओं की आपूर्ति प्रभावित होती है। इसे रोकने के लिए अब बिना OTP सत्यापन और डायरी में एंट्री के सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी।
एजेंसियों को जागरूकता फैलाने के निर्देश
LPG cylinder OTP rule Rajasthan : मंत्री ने गैस कंपनियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि OTP सत्यापन और डायरी एंट्री की अनिवार्यता को लेकर सभी गैस एजेंसियों में पोस्टर और बैनर के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि उपभोक्ताओं को पहले से जानकारी रहे और डिलीवरी के समय किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।

कालाबाजारी और डाइवर्जन पर सख्त नजर
Rajasthan domestic gas delivery rule : सरकार ने साफ किया है कि एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी, डाइवर्जन और अवैध भंडारण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय निगरानी समितियां पहले से इस दिशा में सक्रिय हैं और आगे भी सख्ती से निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने गैस कंपनियों के फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।
रोज एक गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण
Rajasthan gas agency new order : बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि गैस कंपनियों के फील्ड ऑफिसर प्रतिदिन कम से कम एक गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण की रिपोर्ट जिओटैगिंग के साथ विभाग को भेजनी होगी। दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित गैस एजेंसियों की निगरानी को प्राथमिकता देने के लिए भी कहा गया है, ताकि वहां भी डाइवर्जन और फर्जी डिलीवरी पर प्रभावी रोक लग सके।
सरकार का दावा: एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में किसी तरह की कमी नहीं है और नियमित मॉनिटरिंग के जरिए स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
विभाग ने कहा- सप्लाई सामान्य, बुकिंग भी सुचारू
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने कहा कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों के डाइवर्जन को रोकने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रतिदिन डिलीवर किए जा रहे सिलेंडरों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। विभागीय अधिकारी लगातार व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर मिल सके।
बैठक में गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भी बताया कि प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है। लगातार आपूर्ति होने और उपभोक्ताओं के आश्वस्त होने के कारण अब बुकिंग ओवरलोड भी कम हुआ है। इससे गैस कंपनियों के सर्वर सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और बुकिंग प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हुई है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा
नए नियम के बाद अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेते समय OTP सत्यापन सुनिश्चित करना होगा। साथ ही डिलीवरी का रिकॉर्ड एजेंसी की डायरी में दर्ज किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी डिलीवरी, गलत वितरण और घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग जैसी गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लगेगी।



