
Rajasthan weather update : राजस्थान में मंगलवार सुबह से मौसम ने अचानक करवट ले ली। नए वेदर सिस्टम के एक्टिव होते ही प्रदेश के कई इलाकों, खासकर रेगिस्तानी जिलों में रुक-रुककर बारिश का दौर शुरू हो गया। कई जगह रात से ही बादलों की गरज, बिजली की चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। नागौर जिले में तो चने के आकार के ओले भी गिरे।
इस बदले मौसम का असर राजधानी जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी साफ दिखाई दिया। सुबह शहर के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई, वहीं ठंडी हवा चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम केंद्र जयपुर ने आज प्रदेश के 17 जिलों में बारिश, तेज आंधी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में 20 से 50 एमएम तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 8 अप्रैल को भी इस सिस्टम का असर बना रहेगा, जबकि 9 अप्रैल से मौसम साफ होने और गर्मी फिर से बढ़ने की संभावना है। जैसलमेर जिले के चांधन इलाके में मंगलवार सुबह तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद यहां तापमान में गिरावट महसूस की गई और मौसम में हल्की ठंडक घुल गई। आमतौर पर इस समय तक यहां गर्मी का असर तेज होने लगता है, लेकिन इस बार बार-बार बदलते मौसम के कारण हालात कुछ अलग बने हुए हैं।
रेगिस्तानी जिलों में तेज बरसात, मंडियां भी बंद
Rajasthan rain alert : मौसम केंद्र की चेतावनी के बीच मंगलवार सुबह से जयपुर में ठंडी हवाएं चलती रहीं। सुबह करीब 8 बजे शहर के कई हिस्सों में बारिश भी हुई। दूसरी ओर बीकानेर, जैसलमेर और श्रीगंगानगर समेत रेगिस्तानी जिलों के कई इलाकों में तेज बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में बारिश से पहले तेज बिजली चमकी और बादल गरजे। उधर, नागौर और मेड़ता में खराब मौसम और तेज बारिश की चेतावनी को देखते हुए मंडियों में अवकाश घोषित कर दिया गया। नागौर जिले में देर रात से ही रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है।
प्रदेशभर से मौसम बदलने की तस्वीरें
Rajasthan aandhi barish alert : शेखावाटी क्षेत्र के कई जिलों में सुबह से ही बारिश का दौर बना रहा। सीकर शहर में भी सुबह हुई बरसात के बाद मौसम सुहावना हो गया, लेकिन लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई।
नागौर जिले के चुई गांव में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे चने के आकार के ओले गिरे। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई, क्योंकि इस समय खेतों में खड़ी फसल पर ओलावृष्टि का सीधा असर पड़ सकता है।
फलोदी में भी सुबह करीब 7 बजे तेज बारिश हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
जयपुर में मंगलवार को बारिश और आंधी को लेकर पहले ही अलर्ट जारी किया गया था। सुबह से चल रही ठंडी हवा और रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी ने राजधानी का मौसम बदल दिया।
श्रीगंगानगर के 17 एसडीएस क्षेत्र में भी सुबह से घने बादल छाए रहे। तड़के करीब 5 बजे बिजली चमकी और कई स्थानों पर मौसम में अचानक ठंडक महसूस की गई।

सीकर में तेज बारिश से लोगों को परेशानी
Rajasthan mausam samachar : सीकर में सुबह 9 बजे के बाद तेज बारिश शुरू हुई। तेज हवा के साथ हुई बरसात के कारण ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले सुबह से ही शहर के ऊपर घने बादल छाए हुए थे। जयपुर जिले में भी सुबह से रुक-रुककर बारिश होती रही। इस बदलाव के कारण तापमान में करीब 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। जैसलमेर जिले के कई इलाकों में सुबह हुई बारिश के बाद तापमान में कमी आई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन दिनों यहां आमतौर पर हीटवेव जैसा असर महसूस होता है, लेकिन इस वर्ष उसका प्रभाव कमजोर नजर आ रहा है। हवा में हल्की ठंडक बनी हुई है।
बारिश के अलर्ट के कारण मंडियों में छुट्टी
Rajasthan western disturbance : नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों में आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। नागौर जिले के कई क्षेत्रों में रात से ही बारिश का दौर जारी है। मंगलवार सुबह डेगाना में भी ओलावृष्टि हुई। वहीं, डीडवाना में सुबह से बूंदाबांदी का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए नागौर और मेड़ता मंडी में आज अवकाश घोषित किया गया है।
इस साल कमजोर मानसून की आशंका
पिछले करीब 20 दिनों में 6 वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने के कारण राजस्थान में गर्मी सामान्य रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर आने वाले मानसून सीजन पर भी पड़ सकता है। सरकारी और निजी मौसम एजेंसियों के डेटा मॉडल यह संकेत दे रहे हैं कि इस बार परिस्थितियां सामान्य से कुछ अलग हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मानसून कई फैक्टर पर निर्भर करता है। इनमें सबसे अहम है धरती और समुद्र के तापमान का संतुलन। आमतौर पर जब गर्मी तेज पड़ती है और समुद्र का तापमान सामान्य से नीचे रहता है, तब मानसून बेहतर रहता है। लेकिन इस बार बार-बार हो रही बारिश से धरती का तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। वहीं समुद्र का तापमान फिलहाल सामान्य है, लेकिन धीरे-धीरे उसमें बढ़ोतरी हो रही है। मौसम जानकारों के अनुसार जुलाई-अगस्त के बीच अल-नीनो के सक्रिय होने की संभावना 60 से 80 फीसदी तक है। इसका असर मानसून में बारिश कम होने के रूप में दिखाई दे सकता है। खासतौर पर जुलाई वह महीना होता है, जब मानसून सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है।
मानसून का पूर्वानुमान आज जारी होगा
इस साल मानसून की स्थिति को लेकर निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट आज यानी 7 अप्रैल को अपना पूर्वानुमान जारी करेगी। वहीं, आईएमडी की ओर से 15 अप्रैल तक मानसून को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा की जा सकती है। सोमवार, 6 अप्रैल को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में सुबह तेज धूप रही। हालांकि श्रीगंगानगर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि झुंझुनूं, सीकर और चूरू के कुछ हिस्सों में भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी देखने को मिली। तेज धूप निकलने के कारण तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की गई। बीकानेर में अधिकतम तापमान रविवार की तुलना में सोमवार को 3.1 डिग्री बढ़कर 34.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। सोमवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान चित्तौड़गढ़ में दर्ज किया गया, जहां पारा 36.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।
बीकानेर में बादल गरजे, फिर तेज बरसात
बीकानेर में मंगलवार तड़के करीब 3 बजे ठंडी हवा के साथ बादलों की गर्जना शुरू हुई। इसके बाद सुबह 4 बजे बारिश का दौर शुरू हुआ। हल्की बारिश के बाद करीब 7:30 बजे तेज बरसात हुई।
श्रीगंगानगर में ठंडक का एहसास
सीमा से सटे जिलों में मंगलवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। श्रीगंगानगर जिले के अधिकतर इलाकों में सुबह तेज हवा के साथ मौसम बदला और कई जगह बिजली भी चमकी। इस अचानक बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली और ठंडक का एहसास हुआ।



