
Rajsamand fish tender controversy : राजसमंद. जिले के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित 84 तालाबों से मत्स्याखेट के लिए मत्स्य विभाग राजसमंद द्वारा अपनाई गई टेंडर प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई। टेंडर खोलने में सामान्य वित्त एवं लेखा नियमों को दरकिनार कर दिया। तय समय पर लिफाफे खोले, मगर न तो प्रत्येक फर्म द्वारा भरी दर व तालाब के नाम का अनाउंस किया और न ही लिफाफे में कितनी दर, किसने भरी स्पष्ट हुआ एवं न ही टेंडर के परिणाम घोषित किए गए। इस तरह मत्स्य विभाग की पूरी टेंडर प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई है। प्रभावित संवेदकों ने मत्स्य निदेशक जयपुर तक शिकायत की है। इस तरह निविदा पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
जानकारी के अनुसार मत्स्य विभाग द्वारा राजसमंद जिले के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित 84 तालाबों में मत्स्याखेट के लिए 15 अप्रैल 2026 को मत्स्य ठेका निविदा जारी की। इसके तहत 28 अप्रैल 1 बजे तक निविदा विक्रय, उसी दिन दोपहर 2 बजे तक निविदा जमा कराने और ढाई बजे से निविदा खोलने का समय तय किया गया। राजसमंद में कृषि उपज मंडी स्थित कृषि विभाग के आत्मा परियोजना कार्यालय के सभागार में निविदा खोलने की कार्रवाई की गई, मगर सामान्य वित्त एवं लेखा नियमों की पालना नहीं हो पाई। नियमानुसार टेंडर खोलते वक्त प्रत्येक बंद लिफाफे को खोलकर उसे पढ़कर सुनाया जाना था, मगर यह प्रक्रिया नहीं अपनाई। क्योंकि 125 निविदा आवेदन बिके थे, जिसमें से 106 निविदाएं जमा हुई। फिर 106 निविदा के लिफाफे खाेलकर रख दिए और किस निविदादाता ने किस तालाब के लिए कितनी राशि भरी है, यह अनाउंस नहीं किया गया और शाम 6 बजे कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया। उसके बाद बुधवार अपराह्न 3 बजे टेंडर कमेटी सदस्यों ने मत्स्य कार्यालय के मुख्य द्वार पर जिनके नाम निविदा खुली है, उनके नाम बोल दिए, जिससे पूरी निविदा प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई।
ये है टेंडर कमेटी मेम्बर
Rajsamand fisheries tender scam : तालाब मत्स्याखेट टेंडर के लिए विशेष कमेटी गठित की गई। इसमें मत्स्य विभाग उदयपुर उप निदेशक दीपिका, मत्स्य अधिकारी राजसमंद डॉ. शीतल नरुका, मत्स्य अधिकारी चित्तौड़गढ़ रवि कुमार पटेल व कनिष्ठ लेखाकार सौरभ को शामिल किया गया।

टेंडर के यह है सामान्य लेखा नियम
Rajasthan fisheries department tender issue : जीएफ एंड एआर विभाग के सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियमों की समस्त विभागों को पालना करनी होती है। राज्य सरकार के सामान्य वित्त एवं लेखा नियम 52 (ii) के अनुसार टेंडर खोलने के खास नियम है। इसके तहत निविदादाता, फर्मो या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एसआर फार्म 12 में तैयार की जाएगी और कार्रवाई के साथ संलग्न की जाएगी। निविदा में प्रत्येक आवेदन में उल्लेखित दर और अन्य विवरण पढ़कर सबको सुनाया जाएगा, जिसमें किसी निविदाता को अगर कोई आपत्ति होती है, तो खड़े होकर बोल सकता है, ताकि निविदा खोलने की पक्रिया पारदर्शी रहे।
इन तालाबों के मत्स्याखेट के टेंडर
Rajsamand pond fishing contract tender बरजाल भीम, देवीसागर भीम, भोपालसागर भीम, खारावाला भीम, फुलसागर भीम, मोडा काकर भीम, लालपुरा भीम, अजीतगढ़ रपट, कुशलपुरा भीम, लाखागुड़ा भीम, नवलियापग भीम, टोगी बड़ा तालाब, टोगी रोड तालाब, अजानिया तालाब, खातड़ाई भीम, बारला चौड़ा तालाब भीम, तरका तालाब भीम, शिव सागर भीम, नकाला आडावाला भीम, बग्गड़ भीम, अजीतगढ़ टेंक, नदी नाला भीम, बड़ा तालाब भीम, रातड़ाई भीम, भूरिया भाटा, कड़िया देह, छापली तालाब, भूतेला देवगढ़, कणवेरा देवगढ़, बिलाखी नाड़ी देवगढ़, कालेसरिया एनिकट, अनोपपुरा एनिकट देवगढ़, सोलंकियो की नाड़ी, सोपरी एनिकट, मियाला एनिकट, टेगी देवगढ़, देवीसागर, झाकरा देवगढ़, कुंआरिया देवगढ़, वाणिया हाटड़ी देवगढ़, डेडबारा का नाका देवगढ़, माद तालाब, डेलरा देवगढ़, भादला आमेट, आगरिया तालाब, केनपुरिया आमेट, सालमसागर आमेट, जिलोला तालाब, मनोहरसागर सरदारगढ़, गुगली की फुट आमेट, गोवलिया पिकअप आमेट, आईडाणा तालाब, झौर तालाब, सालमपुरा आमेअ, हाकियावास आमेट, टणका एनिकट, लीकी ओल्ड आमेट, गुजरिया की नाड़ी आमेट, डीडवाना आमेट, देवाजी का गुड़ा, रिछेड़, साथिया, बड़गांव, उमरवास, थोरिया, जवालिया, गोवल, काकरवा, तलादरी, धानीन, जवारिया, गांवगुड़ा, कुंठवा तालाब, दड़वल, नीली बावड़ी खमनोर, ढिल्ली तालाब, चराणा, मेहन्दुरिया, छापरी, जुणदा, धनेरियागढ़, चौकड़ी व घोड़च तालाब।
लाखों के टेंडर में ऑनलाइन प्रक्रिया क्यों नहीं
Fisheries tender irregularities Rajasthan राजसमंद जिले में 84 तालाब के टेंडर की राशि लाखों में होने के बावजूद ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाई गई, जबकि तालाब मत्स्याखेट की निविदा प्रक्रिया ऑनलाइन रहती, तो ऑफलाइन की अपेक्षा महंगे टेंडर होते और सरकार को ज्यादा राजस्व प्राप्त होता। सामान्य वित्त व लेखा नियमों में यह स्पष्ट है कि लाखों का टेंडर हो, तो ऑनलाइन निविदा करनी चाहए। इससे मत्स्य विभाग और टेंडर कमेटी के सदस्यों की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई।
कमेटी के निर्णय से बदली घोषणा
84 तालाबों में मत्स्याखेट के लिए टेंडर खोले गए। बहुत ज्यादा फार्म आ गए थे, जिसकी वजह से अनाउंसमेंट नहीं कर पाए। फिर कमेटी ने सामूहिक निर्णय लिया कि दूसरे दिन घोषणा करेंगे। फिर नियमानुसार ही निविदाएं खोली और नोट किए हैं। मैंने कोई मनमानी नहीं की है। कमेटी का निर्णय था और नियमों के तहत कार्रवाई की है। प्रत्येक निविदा की जांच करनी होती है, जो कार्रवाई लंबी चलने की वजह से शाम 6 बजे कार्रवाई को स्थगित किया और बुधवार को फिर से सभी आवेदनों की जांच की गई।
डॉ. शीतल नरुका, जिला मत्स्य अधिकारी राजसमंद



