
Rajsamand Leopard Attack : राजसमंद जिले के झोर गांव में रविवार सुबह उस वक्त खौफ पसर गया, जब झाड़ियों में छिपा एक लेपर्ड अचानक 87 वर्षीय बुजुर्ग जगरूप कीर पर टूट पड़ा। खेत में अकेले बैठे जगरूप पर लेपर्ड ने पहले सिर के पीछे से झपट्टा मारा, फिर पंजों से चेहरा नोच डाला। सबसे दिल दहला देने वाली बात, लेपर्ड ने उनकी एक आंख ही फोड़कर निकाल ली।
बुजुर्ग के बेटे किशन कीर ने बताया, “पिता रोज की तरह सुबह करीब 7:30 बजे खेत पर गए थे। कुछ देर काम करने के बाद वे विश्राम कर रहे थे। तभी पास की झाड़ियों से लेपर्ड ने उन पर झपट्टा मार दिया। सिर फट गया, चेहरा लहूलुहान हो गया और एक आंख… वो तो पूरी तरह से चली गई।” पिता के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर लेपर्ड घबरा कर भाग निकला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। किशन सुबह करीब 8:30 बजे खेत पर पहुंचे तो सामने का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। “पिता जमीन पर पड़े कराह रहे थे। चेहरा, सिर, पीठ – हर तरफ खून ही खून। कपड़े पूरी तरह लाल हो चुके थे। मैं चीखते-चिल्लाते भाइयों को फोन किया।”

शरीर पर 10 से ज्यादा गहरे घाव
Jhorr village leopard incident किशन ने तुरंत भाइयों बालू कीर और सोहन कीर को बुलाया। तीनों मिलकर बुजुर्ग को राजसमंद के आरके गवर्नमेंट हॉस्पिटल ले गए। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने बताया कि लेपर्ड के पंजों और दांतों से सिर, पीठ, चेहरा और शरीर के आगे के हिस्सों पर दस से ज्यादा गहरे घाव हो गए हैं। एक आंख पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए जगरूप कीर को तुरंत उदयपुर के हायर सेंटर रेफर कर दिया, जहां अभी उनका इलाज चल रहा है। Leopard movement in villages
गांव में दहशत, पिंजरा लगाने की मांग
Elderly man injured by leopard : घटना के बाद झोर गांव में भारी दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में लेपर्ड की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने मांग की है कि तुरंत पिंजरा लगाकर लेपर्ड को पकड़ा जाए, ताकि गांव पर मंडराते खतरे को टाला जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतज़ाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। Leopard attack news
