
राजसमंद । Rajsamand sand mining update : लंबे समय से बजरी की किल्लत और महंगी दरों का सामना कर रहे आमजन के लिए राहत भरी खबर है। जिले में करीब दो साल से अटकी वैध बजरी खनन की प्रक्रिया अब शुरू हो गई है, जिससे बाजार में बजरी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बनास नदी क्षेत्र में 75 और 37 हेक्टेयर की दो बड़ी लीज शुरू होने के साथ ही प्रति टन 500 रुपए तक भाव कम हो गए हैं।
पहले जो बजरी 1000 रुपए प्रति टन मिल रही थी, उसकी कीमत अब गिरकर 500 रुपए रह गई है। खनन विभाग ने इन लीजों को कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) की स्वीकृति दे दी है और वे ब्रिज भी चालू कर दिए हैं। इससे न केवल आम नागरिकों के लिए घर बनाना सस्ता होगा, बल्कि सरकारी और निजी निर्माण कार्यों की लागत में भी बड़ी कमी आएगी। वर्तमान में दो लीज पर काम शुरू हो चुका है और 60 हेक्टेयर की तीसरी लीज इसी सप्ताह प्रारंभ होने की उम्मीद है।
12 में से केवल 3 लीज को मंजूरी, 9 अब भी प्रक्रिया में
Bajri price drop : खनन विभाग ने करीब दो साल पहले जिले में बजरी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए 12 छोटी लीजों का आवंटन किया था। विभाग का मुख्य लक्ष्य कीमतों को नियंत्रित करना था, लेकिन पर्यावरण स्वीकृति (ईसी) मिलने में हुई देरी ने इस पूरी योजना को अटका दिया। फिलहाल पीपली आचार्यान, मोही और भाटोली क्षेत्र की तीन लीजों को ही सभी वैधानिक स्वीकृतियां मिल पाई हैं। विभाग ने इन 12 लीजों की नीलामी से करोड़ों रुपए का राजस्व तो जमा कर लिया था, लेकिन काम शुरू न होने से निवेशक और जनता दोनों परेशान थे। विभाग के अनुसार शेष 9 लीजों की स्वीकृति प्रक्रिया अभी जारी है, जिनके शुरू होने पर कीमतें और भी कम हो सकती हैं।

तीन टन बजरी पर 1500 रुपए की बचत
Banas river sand mining lease : वैध खनन शुरू होने का सीधा असर परिवहन की दरों पर पड़ा है। अब तक बजरी की कृत्रिम कमी और अवैध खनन के कारण जो ट्रैक्टर-ट्रॉली 3000 रुपए में मिल रही थी, उसकी कीमत अब 1500 रुपए के करीब आ गई है। इसी तरह 25 हजार रुपए में मिलने वाले डंपर का रेट अब 30000 रुपए तक पहुंच गया है। इससे प्रति 3 टन की लोडिंग पर ग्राहकों को 1500 से 2000 रुपए तक की सीधी बचत हो रही है।
सस्ती बजरी मिलने पर लोग अवैध सप्लाई लेना बंद करेंगे
Bajri rate reduced : वैध लीज बंद रहने के दौरान जिले के खमनोर, नाथद्वारा, केलवा और नमाणा जैसे क्षेत्रों में अवैध खनन एक बड़ी समस्या बन गया था। पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीमें लगातार कार्रवाई कर ट्रैक्टर और डंपर जब्त कर रही थीं, लेकिन मांग अधिक होने के कारण यह कारोबार थम नहीं रहा था। प्रशासन को उम्मीद है कि वैध केंद्रों से सस्ती बजरी मिलने पर लोग अवैध सप्लाई लेना बंद कर देंगे, जिससे माफियाओं पर लगाम लगेगी।
तीन लीजों को पर्यावरण स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही कंसेंट टू ऑपरेट जारी कर दिया है। वैध खनन शुरू होते ही अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और आमजन को सस्ती दरों पर बजरी उपलब्ध हो सकेगी। Sand supply shortage
ललित बाछरा, एमई द्वितीय, खनन विभाग राजसमंद



