
Rashtramata Pannadhay Vanasthali : राजसमंद जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बृजमोहन बैरवा ने मंगलवार को ग्राम पंचायत कालिंजर स्थित राष्ट्रमाता पन्नाधाय वनस्थली और निर्माणाधीन पौधशाला का निरीक्षण किया। उनके साथ कुंभलगढ़ पंचायत समिति के विकास अधिकारी बृजमोहन शर्मा और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर विकास कार्यों का जमीनी स्तर पर अवलोकन किया और स्थानीय प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
🌿 Rashtramata Pannadhay Vanasthali Rajsamand : ट्रस्ट द्वारा 25 हेक्टेयर में विकसित की जा रही है हरित क्रांति
ग्राम पंचायत कालिंजर के अंतर्गत मादरेचो का गुड़ा क्षेत्र में स्थित वनस्थली में आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट द्वारा पर्यावरणीय संरक्षण की दिशा में एक प्रशंसनीय पहल की गई है। ट्रस्ट द्वारा कुल 25 हेक्टेयर भूमि पर सघन वृक्षारोपण किया जा रहा है, जिसमें फलदार, छायादार एवं आयुर्वेदिक औषधीय पौधे लगाए जा रहे हैं। अब तक यहां लगभग 11,000 पौधे लगाए जा चुके हैं, जो भविष्य में इस क्षेत्र को हराभरा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Rajsamand News : पौधशाला में तैयार हो रही हैं कई प्रजातियों की नर्सरी
सीईओ बृजमोहन बैरवा ने वनस्थली के निकट निर्माणाधीन ग्रामीण पौधशाला का भी निरीक्षण किया, जहाँ विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने पौधे तैयार करने की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा और इसकी सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण रोजगार, पर्यावरण सुरक्षा और पारिस्थितिकी संतुलन के लिए बेहद उपयोगी मॉडल बन सकती है।
Rajasthan eco-development initiatives : राष्ट्रमाता पन्नाधाय समेत कई महान नारियों के नाम पर विकसित होंगी वॉटिकाएं
वनस्थली में भविष्य में विशेष वाटिकाएं भी विकसित की जाएंगी, जिनमें छायादार एवं फलदार वृक्षों के साथ-साथ औषधीय पौधों की उपस्थिति होगी। प्रस्तावित योजनाओं में राष्ट्रमाता पन्नाधाय, अहिल्याबाई होलकर, माता गायत्री देवी, माता यशोदा, माता जीजाबाई, साडू माता तथा विश्व की पहली महिला सेनापति रामप्यारी गुर्जरी के नाम पर वॉटिकाएं तैयार की जाएंगी। यह योजना न केवल पर्यावरणीय महत्व रखती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सांस्कृतिक व ऐतिहासिक प्रेरणा भी देगी।
Ashapura Manav Kalyan Trust tree plantation : ग्रामीणों ने उठाई सिंचाई की समस्या, प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई
इस अवसर पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सीईओ को बताया कि पौधों की सिंचाई के लिए जल की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि पास के नाले पर Check Dam बनाकर वर्षा जल को संरक्षित कर सिंचाई के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। इस पर गंभीरता दिखाते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने तुरंत 20 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस परियोजना को जल्द से जल्द क्रियान्वित किया जाए। सीईओ बृजमोहन बैरवा ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि इस तरह की हरित परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्र में स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा करती हैं। उन्होंने पौधशाला, वृक्षारोपण, जैविक खाद निर्माण जैसे कई रोजगार-उन्मुख मॉड्यूल्स अपनाने के सुझाव दिए।
आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट के मुख्य सलाहकार मोहनलाल वर्मा, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष – राजस्थान गुर्जर महासभा भंवर सिंह चौहान, समन्वयक शंकर सिंह चंदाना सहित ट्रस्ट के अन्य सदस्यों ने अधिकारियों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही, पूर्व सरपंच शंकरलाल गुर्जर, प्रशासक मंजू देवी गुर्जर, पंचायत सचिव मीठालाल एवं अन्य ग्रामीण जन भी इस दौरान उपस्थित रहे।
