
Ravindra Singh Bhati vs Chotu Singh Rawna controversy : राजस्थान की राजनीति और सामाजिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना विधायक रविंद्र सिंह भाटी और गायक छोटू सिंह रावणा के बीच चल रहा विवाद अब सोशल मीडिया की सीमाएं पार कर सार्वजनिक मंचों तक पहुंच गया है। बीती रात राजसमंद क्षेत्र के मेंघटिया कला गांव में आयोजित भजन संध्या में कुछ युवाओं ने पहुंचकर रविंद्रसिंह भाटी के समर्थन में जयकारे लगाए और छोटूसिंह रावणा के खिलाफ नारे लगाए। हालांकि करीब दस मिनट के विरोध प्रदर्शन के बाद सभी युवा वापस लौट गए। उसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
Chotu Singh Rawna : बताया जा रहा है कि सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए पहुंचे छोटू सिंह रावणा के सामने ही कुछ युवाओं ने रावणा के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। साथ ही विधायक रविंद्र सिंह भाटी के समर्थन में जोरदार जयकारे लगाए। देखते ही देखते कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया और वहां मौजूद लोगों के बीच असहज स्थिति पैदा हो गई। भजन संध्या के बीच अचानक नारेबाजी और जयकारे लगने से गर्मा दिया। हालांकि आयोजन से जुड़े लोग व ग्रामवासियों ने पहुंचकर समझाइश की। इस तरह करीब 10 मिनट के विरोध प्रदर्शन के बाद सभी युवा वापस कार्यक्रम स्थल से लौट गए। हालांकि विरोध प्रदर्शन के दौरान छोटूसिंह रावणा बोले कि यह भजन संध्या है और भजन सुनने चाहिए। नारेबाजी व प्रदर्शन के लिए बहुत जगह पड़ी है, वहां किया जा सकता है। हालांकि मौके पर पुलिस के जवान भी अलर्ट थे। हालांकि सभी युवा कुछ देर नारेबाजी व जयकारे लगाते हुए स्वत: हट गए, तो फिर से भजन संध्या शुरू हुई। इस घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। वायरल वीडियो के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है और अब यह विवाद महज व्यक्तिगत बयानबाजी तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि समर्थकों की खुली प्रतिक्रिया के रूप में सामने आने लगा है। गौरतलब है कि छोटू सिंह रावणा और विधायक रविंद्र सिंह भाटी के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद लगातार सुर्खियों में है। शुरुआत सोशल मीडिया पर हुई टिप्पणी से हुई, लेकिन देखते ही देखते यह मामला राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी मोड़ लेता गया। राजसमंद जिले में बिजनोल पंचायत के मेंघटिया कला गांव में भजन संध्या के बीच छोटूसिंह रावणा के विरुद्ध नारे और रविंद्रसिंह भाटी के समर्थन में जयकारे लगाने के घटनाक्रम को इस बात का संकेत माना जा रहा है कि यह विवाद अब जन-चर्चा और सार्वजनिक आयोजनों तक पहुंच चुका है।
आखिर कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
Latest update on Bhati vs Rawna controversy : इस पूरे मामले की जड़ एक सोशल मीडिया टिप्पणी को माना जा रहा है। बताया गया कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक बच्चे का वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने विधायक रविंद्र सिंह भाटी से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। उसके बाद भाटी ने उस बच्चे से कॉल कर बात की। इसके बाद एक अन्य वीडियो आया, जिसमें एक कैंसर पीड़ित बच्चा भावुक होकर कहता दिखाई दिया कि उसने विधायक भाटी को कई बार कॉल और मैसेज किए, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। इस वीडियो पर लोक गायक छोटू सिंह रावणा ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि अगर आप ‘रील स्टार’ होते तो कई नेता आपके पास पहुंच जाते।

छोटू सिंह रावणा ने विधायक पर धमकी देने का लगाया आरोप
Rajasthan viral news : छोटू सिंह रावणा का आरोप है कि उनके सोशल मीडिया कमेंट से नाराज होकर विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने उन्हें रात करीब 11 बजे फोन किया और जान से मारने की धमकी दी। रावणा का दावा है कि बातचीत के दौरान उन्हें कहा गया कि पहले भी दो बार छोड़ दिया गया है, लेकिन इस बार सावधान रहना। इस आरोप को गंभीर मानते हुए छोटू सिंह रावणा ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार, यह मामला केवल व्यक्तिगत नाराजगी का नहीं, बल्कि दबाव और धमकी का भी है। शिकायत के बाद यह विवाद और गहरा गया और मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया।
विधायक भाटी समेत पांच लोगों पर दर्ज हुआ मामला
Ravindra Singh Bhati viral : छोटू सिंह रावणा की शिकायत के आधार पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी सहित पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बताया गया कि इस पूरे प्रकरण की जांच अब सीआईडी-सीबी को सौंपी गई है। यही वजह है कि इस विवाद ने स्थानीय राजनीति से निकलकर पूरे राजस्थान में सियासी हलचल पैदा कर दी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला अब केवल आरोप-प्रत्यारोप का नहीं रहा, बल्कि कानूनी जांच का विषय बन गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और दोनों पक्षों के बयानों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

रविंद्र सिंह भाटी ने भी दी अपनी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद विधायक रविंद्र सिंह भाटी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार व्यक्ति को किसी विषय पर टिप्पणी करने से पहले वास्तविकता को समझना चाहिए। उनका कहना था कि किसी को भी राजनीतिक टूल नहीं बनना चाहिए। भाटी ने यह भी कहा कि जब कोई जरूरतमंद उनके पास आता है तो वे उसे मना नहीं करते और ऐसे विषयों को गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि कुछ लोग एक विशेष नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।
छोटू सिंह रावणा का पलटवार, कहा- एक कमेंट से हलचल मच गई
दूसरी ओर छोटू सिंह रावणा ने भी अपने बयान में कहा कि यदि वे राजनीति में आते हैं तो इससे किसी को डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि अगर वे उनके स्तर के नहीं हैं, तो फिर उनके एक कमेंट से इतनी बड़ी हलचल क्यों मच गई। रावणा ने कहा कि उन्होंने तो केवल एक बच्चे के पक्ष में संवेदनात्मक टिप्पणी की थी, लेकिन उसके बाद जिस तरह की प्रतिक्रिया सामने आई, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर टिप्पणी में तीखे शब्द होते, तो शायद मामला और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता था।
सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बढ़ी हलचल
इस विवाद ने राजस्थान की राजनीति, समाज और युवाओं के बीच खासा प्रभाव डाला है। रविंद्र सिंह भाटी युवाओं के बीच मजबूत पकड़ रखने वाले जनप्रतिनिधि माने जाते हैं, वहीं छोटू सिंह रावणा लोकगायन और सामाजिक प्रभाव के कारण बड़ी पहचान रखते हैं। ऐसे में दोनों चर्चित चेहरों के बीच टकराव ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब यह टकराव केवल सोशल मीडिया पोस्ट, टिप्पणी या बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज और समर्थकों की भावनात्मक भागीदारी के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी दिखाई देने लगा है। राजसमंद के जागरण कार्यक्रम में हुआ घटनाक्रम इस विवाद की गंभीरता को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
आगे क्या होगा, इस पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल इस पूरे मामले में सीआईडी-क्राइम ब्रांच की जांच अहम मानी जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किस पक्ष की भूमिका कितनी गंभीर रही। हालांकि, अभी से इतना साफ है कि यह विवाद आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति और सामाजिक माहौल में चर्चा का बड़ा विषय बना रहेगा। जागरण जैसे मंच पर समर्थकों का आमने-सामने आ जाना इस बात का संकेत है कि मामला अब भावनात्मक और सार्वजनिक रूप भी ले चुका है। यदि यह तनाव समय रहते शांत नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक गहराने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।



