
Robbery caught : जोधपुर जिले में सरदारपुरा थाना क्षेत्र में हुई करीब एक करोड़ रुपये की सनसनीखेज चोरी का जोधपुर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शादी वाले घर को निशाना बनाकर 90 लाख रुपये से ज्यादा के सोने-चांदी के जेवरात और 12.40 लाख रुपये नकद उड़ाने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने अलग-अलग शहरों से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी का अधिकांश माल बरामद कर लिया गया है। इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी आपस में जीजा–साला हैं और चोरी का माल छिपाने में ससुर ने मदद की।
Jodhpur police : पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के मुताबिक, 25 जनवरी को सरदारपुरा चतुर्थ रोड निवासी भरत मेहता ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उस समय मेहता परिवार मुंबई में था। पड़ोसी के फोन से पता चला कि घर का मुख्य ताला टूटा हुआ है और दरवाजा खुला पड़ा है। सूचना मिलते ही मेहता ने अपने रिश्तेदारों को घर भेजा और पुलिस को खबर करने को कहा।
Rajasthan police Alert : सरदारपुरा की यह वारदात केवल एक बड़ी चोरी का मामला नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि अपराधी कितनी प्लानिंग के साथ काम करते हैं। दिनभर रेकी, रात में बाइक चोरी, फिर उसी बाइक से चोरी और बाद में बहाना बनाकर फरार। लेकिन पुलिस की सतर्कता, सीसीटीवी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से जीजा–साला और ससुर की यह साजिश ज्यादा दिन नहीं चल सकी। शादी की खुशियों के बीच आई इस बड़ी वारदात ने इलाके में दहशत जरूर फैलाई, लेकिन पुलिस की तत्परता ने यह भरोसा भी दिलाया कि अपराधी कितनी भी चालाकी कर लें, कानून के हाथ लंबे होते हैं।
शादी की तैयारियों के बीच खाली पड़ा था घर
stolen jewelry recovered : 6 फरवरी को मेहता के बेटे की शादी तय थी। इसी कारण घर की अलमारियों में भारी मात्रा में सोने के आभूषण, चांदी के बर्तन और नकदी रखी हुई थी। जब परिजन घर पहुंचे तो दो लकड़ी की अलमारियों और एक गोदरेज सेफ के ताले टूटे मिले। कमरे में सामान बिखरा पड़ा था। प्राथमिक जांच में पता चला कि चोर 12 लाख 40 हजार रुपये नकद और करीब 90 लाख रुपये के गहने लेकर फरार हो चुके हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए सरदारपुरा थाना स्तर पर एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने सरदारपुरा और रेलवे स्टेशन के आसपास लगे लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मानवीय खुफिया तंत्र को सक्रिय किया।

CCTV और मुखबिर तंत्र से मिला सुराग
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि उदयपुर और बांसवाड़ा क्षेत्र के कुछ पेशेवर चाबी बनाने वाले बदमाश इस तरह की वारदात में शामिल हो सकते हैं। सीसीटीवी फुटेज से संदिग्धों की तस्वीरें निकाली गईं। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर पुलिस की टीम बांसवाड़ा और उदयपुर रवाना हुई।
टीम ने सादे कपड़ों में रहकर संदिग्धों की पहचान की। जांच में दो नाम सामने आए—दीप सिंह और रणदीप सिंह सिकलीगर। आगे की पड़ताल में पता चला कि दोनों 23 जनवरी को उदयमंदिर क्षेत्र में रणछोड़ मंदिर के पास एक होटल में ठहरे थे।
दिनभर रेकी, रात में वारदात
home theft case update : पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दिनभर महामंदिर थाना क्षेत्र में घूमते रहे, लेकिन घनी आबादी के कारण उन्हें कोई उपयुक्त बंद मकान नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों से पॉश इलाके की जानकारी ली और शास्त्रीनगर व सरदारपुरा क्षेत्र में घूमते हुए भरत मेहता के बंद मकान को चिन्हित किया।
रात करीब 12 बजे आरोपी होटल से निकले। सरदारपुरा बी रोड पर खड़ी एक मोटरसाइकिल का लॉक तोड़कर उसे चुरा लिया। उसी बाइक से वे मेहता के घर पहुंचे। मुख्य दरवाजे और अलमारियों के ताले तोड़कर करीब 500 ग्राम सोना, 3 किलो चांदी और लाखों रुपये की नकदी समेट ली। वारदात के बाद आरोपी उसी चोरी की बाइक से वापस होटल पहुंचे।
‘नानी की मौत’ का बहाना बना भागे, माल बरामद
होटल संचालक ने जब आरोपियों से अचानक चेक-आउट करने की वजह पूछी तो उन्होंने नानी की मौत का बहाना बनाया। जल्दबाजी में सामान समेटा और निकल गए। इसके बाद वे रोडवेज बस से पिंडवाड़ा होते हुए बांसवाड़ा पहुंच गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए अधिकांश सोने-चांदी के जेवर और नकदी बरामद कर ली है। वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है, जो चोरी की थी। इस संबंध में अलग से मामला दर्ज किया गया है।
ससुर ने छिपाया चोरी का माल
बांसवाड़ा पहुंचने के बाद दीप सिंह के पिता तिरथ सिंह उर्फ तीतर सिंह ने चोरी के जेवरात और नकदी को अपने हिसाब से छिपा दिया। इतना ही नहीं, पूरे परिवार सहित वह भी बांसवाड़ा से फरार हो गया। पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के सहारे आरोपियों का पीछा किया। बांसवाड़ा, उदयपुर, रतलाम और बड़ौदा (गुजरात) में लगातार दबिश देकर तीनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।

आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं:
- रणदीप सिंह (20) – निवासी उदयपुर (जीजा)
- दीप सिंह (20) – निवासी बांसवाड़ा (साला)
- तिरथ सिंह उर्फ तीतर सिंह (47) – निवासी बांसवाड़ा (ससुर/पिता)
पुलिस के अनुसार, ये लोग पेशेवर तरीके से ताले तोड़ने और बंद मकानों को निशाना बनाने में माहिर हैं।

पुलिस टीम बदमाशों को ऐसे पकड़ा
इस पूरे ऑपरेशन में सरदारपुरा थानाधिकारी जयकिशन सोनी के नेतृत्व में दीपलाल, बजरंग, राजाराम, कैलाश, मोतीलाल, संतराम, महेंद्र और साइबर सेल के हेड कांस्टेबल प्रेम चौधरी की अहम भूमिका रही। टीम ने तकनीकी और मानवीय दोनों तरह के इनपुट का इस्तेमाल करते हुए केस को सुलझाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शादी-ब्याह के समय घरों में बड़ी मात्रा में जेवर और नकदी एक जगह रखी जाती है। साथ ही परिवार के सदस्य बाहर आने-जाने में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में बंद मकान अपराधियों के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं। आरोपी पहले रेकी करते हैं, फिर सुनसान समय में वारदात को अंजाम देते हैं।
कैसे बचें ऐसी वारदातों से?
Crime alert : राजस्थान पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि:
- शादी या बड़े कार्यक्रम के समय जेवर और नकदी बैंक लॉकर में रखें।
- घर बंद छोड़ते समय पड़ोसियों और स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
- सीसीटीवी कैमरे और अलार्म सिस्टम का उपयोग करें।
- संदिग्ध लोगों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
