
SBI home loan interest rate hike 2025 : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा रेपो रेट में लगातार कटौती के बावजूद देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। बैंक ने नए उधारकर्ताओं के लिए होम लोन (Home Loan) की ब्याज दरों में 25 आधार अंक की वृद्धि की घोषणा की है, जिसके परिणामस्वरूप अब अधिकतम ब्याज दर 8.70% तक पहुंच गई है। यह बदलाव विशेष रूप से उन ग्राहकों को प्रभावित करेगा, जिनका क्रेडिट स्कोर (Credit Score) औसत से नीचे है। इस कदम से जहां एक ओर उधार लेने की लागत बढ़ेगी, वहीं अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की तुलना में SBI का यह फैसला आश्चर्यजनक माना जा रहा है, क्योंकि वे 7.35% से ब्याज दर की शुरुआत कर रहे हैं।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर और नया दायरा
SBI increases home loan EMI August 2025 एसबीआई ने होम लोन की ब्याज दरों में संशोधन करते हुए न्यूनतम दर को 7.50% पर स्थिर रखा है, लेकिन अधिकतम सीमा को 8.45% से बढ़ाकर 8.70% कर दिया गया है। यह बदलाव 16 अगस्त 2025 से लागू हो गया है, जैसा कि बैंक की ओर से जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है। यह कदम तब उठाया गया है, जब RBI ने रेपो रेट को 5.5% तक कम करके उधार लेने की लागत को कम करने की कोशिश की थी। हालांकि, SBI का यह निर्णय ग्राहकों के लिए निराशाजनक साबित हो रहा है, क्योंकि इससे उनकी मासिक किस्त (EMI) में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से उन लोगों पर भारी पड़ेगी, जिनके पास कमजोर क्रेडिट प्रोफाइल है, क्योंकि बैंक उनकी जोखिम प्रोफाइल के आधार पर ऊपरी ब्याज दर लागू करते हैं।
कम क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों पर पड़ेगा असर
SBI home loan new interest rate 8.70% ब्याज दरों में यह संशोधन खास तौर पर उन ग्राहकों को प्रभावित करेगा, जिनका क्रेडिट स्कोर 700 से कम है। कम स्कोर वाले उधारकर्ताओं को अब उच्च ब्याज दरों का सामना करना पड़ेगा, जिससे उनकी EMI और कुल ऋण बोझ में इजाफा होगा। उदाहरण के लिए, यदि कोई ग्राहक 30 लाख रुपये का होम लोन 20 साल की अवधि के लिए लेता है, तो 8.45% की पुरानी दर पर उसकी मासिक किस्त लगभग 25,830 रुपये थी, जो अब 8.70% पर बढ़कर 26,278 रुपये हो जाएगी। इसका मतलब है कि हर महीने लगभग 448 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे, जो 20 साल में करीब 1.07 लाख रुपये की अतिरिक्त लागत बन सकता है। यह स्थिति विशेष रूप से उन परिवारों के लिए चिंता का विषय है, जो पहले से ही अपनी आय का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में खर्च करते हैं।
अन्य बैंकों की तुलना में SBI का अलग रुख
SBI home loan EMI calculator 2025 सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों की बात करें, तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया जैसे संस्थानों ने होम लोन की ब्याज दरें 7.35% से शुरू की हैं, जो क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर 10.10% तक जा सकती हैं। इन बैंकों ने RBI की रेपो रेट कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश की है, लेकिन SBI का उलटा रुख बाजार में चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अन्य बैंक भी जल्द ही अपनी ब्याज दरों की समीक्षा कर सकते हैं और संभवतः SBI के नक्शेकदम पर चलें, जिससे होम लोन की लागत और बढ़ सकती है। यह स्थिति ग्राहकों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो नई संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे हैं।

रेपो रेट में कटौती और उसका असर
RBI ने 2025 में अब तक तीन बार रेपो रेट में कटौती की है, जिसके परिणामस्वरूप कुल 100 आधार अंक या 1% की कमी हुई है। वर्तमान में रेपो रेट 5.5% पर स्थिर है, जिसका उद्देश्य उधार लेने की लागत को कम करके आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था। रेपो रेट वह दर है, जिस पर RBI बैंकों को ऋण प्रदान करता है, और इसकी कटौती से होम लोन जैसे कर्ज सस्ते होने की उम्मीद थी। SBI ने अपनी एक पिछली रिपोर्ट में भी दावा किया था कि रेपो रेट में कमी से ग्राहकों को सस्ते होम लोन का लाभ मिलेगा। हालांकि, इस बार का फैसला उस दावे से उलट नजर आ रहा है, जिससे बैंक की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
ईबीएलआर से जुड़े कर्जों पर तत्काल प्रभाव
SBI के होम लोन की ब्याज दरें मुख्य रूप से एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) से जुड़ी हैं, जो RBI की रेपो रेट और बैंक द्वारा तय स्प्रेड पर आधारित होती हैं। अगस्त 2025 तक, नए उधारकर्ताओं के लिए ज्यादातर लोन इसी दर से संचालित होते हैं। ईबीएलआर से जुड़े कर्जों में यह बदलाव तुरंत प्रभावी होगा, क्योंकि यह दर बाजार की गतिविधियों और नीतिगत बदलावों के साथ तालमेल रखती है। डेटा के अनुसार, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCBs) द्वारा दिए गए लगभग 60% लोन ईबीएलआर से जुड़े हैं, इसलिए यह कदम व्यापक स्तर पर असर डालेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक इस कदम के जरिए अपनी लाभ मार्जिन को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, जो रेपो रेट कटौती के कारण दबाव में थी।
ग्राहकों के लिए क्या करें?
इस स्थिति में होम लोन लेने की योजना बनाने वाले ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी क्रेडिट प्रोफाइल को मजबूत करें और विभिन्न बैंकों की तुलना करें। उच्च क्रेडिट स्कोर वाले उधारकर्ता निचली ब्याज दरों (7.50% के करीब) के लिए पात्र हो सकते हैं, जबकि कम स्कोर वाले को ऊपरी सीमा (8.70%) का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, ग्राहकों को चाहिए कि वे लोन लेने से पहले अपने बजट का सही आकलन करें और EMI को अपनी आय के साथ संतुलित रखें। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि विभिन्न बैंकों से ऑफर मांगकर सबसे सस्ता विकल्प चुना जाए, क्योंकि कुछ निजी बैंक अभी भी प्रतिस्पर्धी दरें पेश कर रहे हैं।



