
SIP investment : अगर रिटायरमेंट के लिए समय रहते सही रणनीति के साथ निवेश शुरू कर दिया जाए, तो करोड़ों का फंड बनाना कोई असंभव लक्ष्य नहीं है। नियमित निवेश (Systematic Investment Plan – SIP), लंबे समय तक धैर्य और हर साल निवेश बढ़ाने की आदत आपको आर्थिक रूप से मजबूत भविष्य दे सकती है।
मान लीजिए आपकी उम्र 34 साल है और आप अगले 22 साल तक हर महीने ₹24,000 की SIP शुरू करते हैं। सही रिटर्न और अनुशासित निवेश के साथ आप रिटायरमेंट तक करीब ₹6 करोड़ का कॉर्पस तैयार कर सकते हैं।
सिर्फ निवेश नहीं, निवेश बढ़ाना भी है जरूरी
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि केवल SIP शुरू करना ही काफी नहीं होता। समय के साथ आपकी आमदनी बढ़ती है, इसलिए निवेश की रकम को भी धीरे-धीरे बढ़ाना बेहद जरूरी है। यही तरीका महंगाई (Inflation) से लड़ने और बड़े फंड का निर्माण करने में मदद करता है।
अगर आप हर साल अपनी SIP में 10% का Step-Up करते हैं, तो लंबी अवधि में इसका असर कई गुना दिखाई देता है।
सालाना 10% Step-Up से दोगुना हो सकता है फंड
SIP calculator : ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के MD पंकज मठपाल के अनुसार, यदि कोई निवेशक ₹24,000 की मंथली SIP करता है और औसतन 12% Annual Return मानकर चलता है, तो 22 साल में उसका फंड लगभग ₹3 करोड़ तक पहुंच सकता है।
लेकिन अगर वही निवेशक हर साल SIP की राशि को 10% बढ़ाता है, तो यही रकम बढ़कर करीब ₹6 करोड़ हो जाती है।
यही वजह है कि एक्सपर्ट्स SIP के साथ Step-Up Strategy अपनाने की सलाह देते हैं।

अलग-अलग कैटेगरी के फंड्स से मजबूत Portfolio
एक संतुलित और मजबूत पोर्टफोलियो बनाने के लिए सिर्फ एक या दो फंड्स पर निर्भर रहना सही नहीं माना जाता। इस निवेश रणनीति में कुल 6 अलग-अलग Mutual Funds को शामिल किया गया है, ताकि हर तरह के Market Cap को कवर किया जा सके।
इस पोर्टफोलियो में शामिल फंड्स हैं:
- Parag Parikh Flexi Cap Fund
- Kotak Multicap Fund
- ICICI Prudential Retirement Pure Equity Fund
- Invesco India Large & Midcap Fund
- Motilal Oswal Midcap Fund
- Bandhan Smallcap Fund
Mutual Fund SIP : इन सभी फंड्स में ₹4,001 प्रति माह की SIP की जा रही है। इससे Large Cap, Mid Cap और Small Cap – तीनों सेगमेंट में निवेश हो जाता है और Risk और Return के बीच बेहतर Balance बना रहता है।
रिटायरमेंट फंड में Lock-In लंबी अवधि में फायदेमंद
ICICI Prudential Retirement Fund जैसे Solution-Oriented Funds में आमतौर पर 5 साल का Lock-In Period होता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रिटायरमेंट जैसे Long-Term Goal के लिए यह Lock-In नुकसान नहीं, बल्कि फायदा देता है।
हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि किसी फंड का नाम “Retirement Fund” होना ही सबसे अहम बात नहीं है। उससे ज्यादा जरूरी है उसका Asset Allocation, निवेश का अनुशासन और समय-समय पर Review।
Portfolio में Gold की एंट्री से मिलेगी स्थिरता
Long term SIP : सिर्फ Equity पर निर्भर रहना कई बार जोखिम भरा हो सकता है, खासकर जब Market में ज्यादा उतार-चढ़ाव हो। ऐसे में पोर्टफोलियो में Gold Mutual Fund या Gold ETF को शामिल करना एक समझदारी भरा फैसला माना जाता है।
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि कुल निवेश का एक छोटा हिस्सा, जैसे ₹2,000 से ₹4,000 की अलग SIP, सोने में लगाया जाए।
सोना लंबे समय से Inflation Hedge और Market Crash के दौरान सुरक्षा कवच की भूमिका निभाता आया है।
समय-समय पर Portfolio Review है बेहद जरूरी
Retirement plan : पंकज मठपाल के अनुसार, लंबे समय तक निवेश करने में सबसे बड़ी चुनौती निवेश का अनुशासन बनाए रखना है। 22 साल का समय बहुत लंबा होता है, इसलिए इस दौरान पोर्टफोलियो को हर साल या दो साल में Review करना चाहिए।
अगर कोई फंड लगातार कमजोर प्रदर्शन कर रहा है, तो उसमें बदलाव किया जा सकता है। लेकिन बिना वजह बार-बार फंड बदलना भी नुकसानदेह हो सकता है।
निष्कर्ष: अनुशासन और धैर्य से बनेगा करोड़ों का फंड
अगर आप समय पर SIP शुरू करते हैं, हर साल Step-Up अपनाते हैं, Equity के साथ Gold को भी Portfolio में जगह देते हैं और निवेश में अनुशासन बनाए रखते हैं, तो रिटायरमेंट तक ₹6 करोड़ या उससे भी ज्यादा का फंड बनाना पूरी तरह संभव है।
👉 सही रणनीति + लंबा समय + नियमित निवेश = सुरक्षित और मजबूत रिटायरमेंट
क्योंकि रिटायरमेंट की चिंता जितनी जल्दी खत्म हो जाए, उतनी ही जिंदगी सुकून से जी जा सकती है।
