
Srinagar Police Station Blast : जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में शुक्रवार देर रात एक ऐसा धमाका हुआ, जिसने पूरे शहर को दहला दिया। नौगाम पुलिस स्टेशन में रात करीब 11:22 बजे हुए इस Blast में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 32 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों का इलाज 92 आर्मी बेस हॉस्पिटल और SKIMS सौरा में जारी है। कई की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है। ब्लास्ट इतनी जोरदार था कि पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी लगभग 10 सरकारी व निजी गाड़ियां आग की चपेट में आकर जलकर खाक हो गईं। आसपास के कई घरों की खिड़कियां टूट गईं और पूरे इलाके में धुएं का घना गुबार भर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, “पहले तेज धमाके की आवाज आई, फिर जमीन तक हिल गई।”
जब्त Explosive की Sampling के दौरान हुआ हादसा
Nogam blast latest news : अधिकारियों ने बताया कि धमाका उस समय हुआ जब पुलिस, फरीदाबाद से जब्त किए गए explosive material का Sample Testing कर रही थी। यह विस्फोटक दिल्ली के Lal Qila Blast Case से जुड़े संदिग्ध डॉ. मुजम्मिल गनई के किराए के घर से बरामद किए गए थे। हालाँकि यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस स्टेशन में पूरे 360 किलो विस्फोटक लाए गए थे या केवल परीक्षण के लिए कुछ हिस्सा ही मौजूद था।
DGP नलिन प्रभात बोले—यह हादसा
Jammu Kashmir explosion 2025 : जम्मू-कश्मीर के DGP नलिन प्रभात ने शुरुआती जांच के आधार पर कहा, “यह एक Accident था। सैंपलिंग की प्रक्रिया के दौरान अचानक ब्लास्ट हो गया। किसी आतंकी हमले के संकेत फिलहाल नहीं मिले हैं।”
मारे गए लोगों में शामिल हैं:
- एक पुलिस इंस्पेक्टर
- फॉरेंसिक टीम के 3 सदस्य
- क्राइम ब्रांच के 2 फोटोग्राफर
- 2 राजस्व अधिकारी
- एक स्थानीय दर्जी (tailor)
कुछ शव इतनी बुरी तरह जले हैं कि पहचान संभव नहीं हो पा रही है। डीएनए परीक्षण के जरिए पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

फरीदाबाद लिंक
Srinagar ACB blast update : जांच में सामने आया कि धमाके में शामिल विस्फोटक हरियाणा के फरीदाबाद में पकड़े गए डॉ. मुजम्मिल गनई के घर से मिला था। गनई को Delhi Car Blast मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी और 20 से ज्यादा घायल हुए थे। यह विस्फोटक “व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल” का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के कई राज्यों में कनेक्शन मिले थे।
धमाके का मंजर
Srinagar blast death toll : धमाके के CCTV वीडियो में दिखाई देता है कि
- पुलिस स्टेशन के भीतर तेज रोशनी की चमक उठती है
- आसपास के घरों की खिड़कियां झटके से हिल जाती हैं
- तुरंत बाद पूरे इलाके में आग की लपटें दिखाई देती हैं
- कुछ ही सेकंड में तेज काला धुआं आसमान की तरफ उठने लगता है
Fire Brigade की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
स्थानीय लोगों ने कहा
स्थानीय निवासी शफाद अहमद ने बताया,
“रात 11:20 बजे अचानक ऐसा धमाका हुआ कि हम बिस्तर से उछल पड़े। ऐसा विस्फोट हमने जिंदगी में नहीं देखा। इलाके को तुरंत सील कर दिया गया और किसी को बाहर नहीं निकलने दिया गया।”
कई लोग अपने रिश्तेदारों से संपर्क भी नहीं कर पाए, क्योंकि पुलिस स्टेशन के पास का पूरा क्षेत्र सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया।
सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट पर
घटना के बाद CRPF, SOG, और Army की टीमें पुलिस स्टेशन पहुंचीं।
- पूरे इलाके को लोहे की फेंसिंग लगाकर घेरा गया
- Dog Squad और Bomb Disposal Team ने पूरा सर्च ऑपरेशन किया
- श्रीनगर और आसपास के जिलों में वाहनों की चेकिंग बढ़ा दी गई
- हाईवे और महत्वपूर्ण सरकारी भवनों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई
मृतकों में SIA के अधिकारी की भी पुष्टि
नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, मारे गए 9 लोगों में से एक SIA (State Investigation Agency) के अधिकारी असरार अहमद भी थे।
इसके अलावा एक शव की पहचान नायब तहसीलदार मुजफ्फर अहमद के रूप में हुई है।
दिल्ली ब्लास्ट से ज्यादा खतरनाक हो सकता था यह हादसा
जांच एजेंसियों के अनुसार, यदि स्टेशन में वास्तव में 360 किलो explosive मौजूद होता, तो
- पुलिस स्टेशन पूरी तरह नष्ट हो सकता था
- आसपास के 200–300 मीटर तक बड़े पैमाने पर जनहानि हो सकती थी
- इससे भी बड़ा धमाका दिल्ली के Lal Qila कार ब्लास्ट की तरह हो सकता था
सौभाग्य से मौजूद विस्फोटक की मात्रा कम थी, इसलिए नुकसान अपेक्षाकृत नियंत्रित रहा।
