
RPDA ने CM भजनलाल शर्मा को भेजा विस्तृत पत्र, VAT घटाने की उठाई मांग
Rajasthan Petrol Diesel Price Cut 2026: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी के बाद देशभर में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। 15 मई और 19 मई 2026 को तेल कंपनियों द्वारा की गई मूल्य वृद्धि ने आम जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इसी बीच राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (RPDA) ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक विस्तृत पत्र भेजकर प्रदेशवासियों को राहत देने की मांग उठाई है। एसोसिएशन का कहना है कि राज्य सरकार यदि चाह ले तो बिना पुराने राजस्व में किसी प्रकार की कमी किए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत दी जा सकती है।
प्रतिशत आधारित VAT बना महंगाई की बड़ी वजह
Bhajanlal Sharma Fuel VAT Reduction: RPDA के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में समझाया है कि राजस्थान में लागू प्रतिशत आधारित वैट प्रणाली के कारण तेल महंगा होते ही सरकार की आय स्वतः बढ़ जाती है।
राजस्थान में वर्तमान VAT दरें
- पेट्रोल पर VAT: 29.04%
- डीजल पर VAT: 17.30%
RPDA Letter to CM Bhajanlal Sharma: चूंकि यह टैक्स तय राशि के बजाय प्रतिशत के आधार पर लिया जाता है, इसलिए जैसे ही तेल कंपनियां बेस प्राइस बढ़ाती हैं, सरकार को मिलने वाला टैक्स भी स्वतः बढ़ जाता है।

मई 2026 की बढ़ी कीमतों से सरकार को अतिरिक्त फायदा
Rajasthan VAT on Petrol Diesel News: RPDA के अनुसार, 15 मई और 19 मई को हुई कीमत वृद्धि के बाद राज्य सरकार को बिना नया टैक्स लगाए अतिरिक्त राजस्व मिलने लगा है। Rajasthan VAT on Petrol Diesel News
अतिरिक्त कमाई का आंकड़ा
- प्रति लीटर डीजल पर लगभग 58 पैसे अतिरिक्त आय
- प्रति लीटर पेट्रोल पर करीब 95 पैसे अतिरिक्त आय
एसोसिएशन का कहना है कि इसी अतिरिक्त राशि को कम करके जनता को राहत दी जा सकती है।
1 अप्रैल से 19 मई 2026 तक टैक्स और राजस्व का पूरा गणित
राजस्थान में पेट्रोल-डीजल और रोड सेस से मिलने वाला राजस्व (रुपये प्रति लीटर)
| प्रभावी तिथि | डीजल पर VAT | पेट्रोल पर VAT | डीजल रोड सेस | पेट्रोल रोड सेस | कुल VAT राजस्व | कुल राजस्व |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 01 अप्रैल 2026 | ₹13.04 | ₹23.22 | ₹1.75 | ₹1.50 | ₹36.26 | ₹39.51 |
| 15 मई 2026 | ₹13.62 | ₹23.96 | ₹1.75 | ₹1.50 | ₹37.45 | ₹40.70 |
| 19 मई 2026 | ₹13.49 | ₹24.17 | ₹1.75 | ₹1.50 | ₹37.79 | ₹41.04 |
इस आंकड़े से स्पष्ट है कि तेल की कीमतें बढ़ने के साथ राज्य सरकार की आय भी लगातार बढ़ रही है।
“दिल्ली कर सकती है तो राजस्थान क्यों नहीं?”
RPDA ने अपने पत्र में केंद्र सरकार के हालिया फैसलों का भी उल्लेख किया है।
केंद्र सरकार ने घटाया उत्पाद शुल्क
महंगाई नियंत्रित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने:
- पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 कर दी
- डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 से घटाकर शून्य कर दी
एसोसिएशन का कहना है कि यदि केंद्र सरकार राहत दे सकती है तो राजस्थान सरकार भी VAT और रोड सेस में कटौती कर आमजन को राहत पहुंचा सकती है।
रोड सेस कम करने की भी उठी मांग
RPDA ने मुख्यमंत्री से पेट्रोल-डीजल पर लगाए जा रहे रोड सेस में कमी करने का भी आग्रह किया है। एसोसिएशन का मानना है कि इससे किसानों और परिवहन क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी, खासकर खेती-किसानी के सीजन में।

“सरकार को नहीं होगा कोई नुकसान” — RPDA
आमतौर पर टैक्स में कटौती का तर्क देते समय सरकारें राजस्व घाटे की बात करती हैं, लेकिन RPDA ने इस बार अलग दलील पेश की है।
एसोसिएशन का दावा
RPDA का कहना है कि वह सरकार से पुराने राजस्व में कटौती की मांग नहीं कर रही है, बल्कि केवल मूल्य वृद्धि से स्वतः बढ़े अतिरिक्त मुनाफे को छोड़ने की अपील कर रही है।
एसोसिएशन के अनुसार:
“सरकार को पहले जितना राजस्व मिल रहा था, उसमें कोई कमी नहीं आएगी। केवल बढ़ी हुई अतिरिक्त कमाई को जनता को राहत के रूप में लौटाया जा सकता है।”
डीजल महंगा तो बढ़ेगी हर चीज की कीमत
RPDA के महासचिव शशांक कौरानी ने कहा कि डीजल केवल ईंधन नहीं बल्कि देश की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ है।
रोजमर्रा की चीजों पर सीधा असर
- दूध
- सब्जियां
- राशन सामग्री
- ट्रांसपोर्ट किराया
इन सभी की लागत डीजल की कीमतों से सीधे प्रभावित होती है। ऐसे में डीजल महंगा होने पर महंगाई अपने आप बढ़ने लगती है।
अब CM भजनलाल शर्मा के फैसले पर टिकी जनता की नजर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जनहितकारी फैसलों के लिए जाना जाता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वित्त विभाग इस प्रस्ताव पर क्या रिपोर्ट तैयार करता है और सरकार VAT व रोड सेस में राहत देने को लेकर क्या बड़ा निर्णय लेती है। यदि सरकार इस मॉडल को लागू करती है तो राजस्थान देशभर में VAT प्रबंधन और महंगाई नियंत्रण का नया उदाहरण बन सकता है।



