
Tantrik Fraud Case : टोंक जिले के निवाई क्षेत्र में हाल ही में जमीन से निकले रहस्यमयी घड़े के पीछे की सच्चाई अब सामने आ गई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह कोई प्राचीन खजाना नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित ठगी की साजिश थी। खुद को तांत्रिक और अघोरी महाराज बताने वाला आरोपी पहले से ही नकली सोने से भरा घड़ा जमीन में दबाकर लोगों को झांसे में लेता था। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मुकेश मीणा सहित दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी नकली सोने की ईंट और बिस्किट दिखाकर लोगों को जमीन में गड़ा धन निकालने का लालच देते थे और मोटी रकम ऐंठ लेते थे।
Fake Gold Scam Rajasthan : निवाई पुलिस ने रविवार देर रात कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मुकेश मीणा (32) और उसके साथी अभिषेक मीणा (24) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 5 किलो 242 ग्राम नकली सोना बरामद किया है, जो देखने में बिल्कुल असली सोने जैसा प्रतीत होता था। पुलिस के अनुसार, बरामद की गई सोने जैसी दिखने वाली ईंटें और बिस्किट असल में पीतल और तांबे से बने हुए थे, जिन पर ऊपर से सोने की परत चढ़ाई गई थी। यही नकली सोना दिखाकर आरोपी लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।
सबसे पहले जानिए पूरा मामला
Fake Treasure Scam : घटना की शुरुआत 3 दिसंबर (शनिवार) को टोंक जिले के सींदड़ा गांव स्थित देवरी ढाणी से हुई। यहां चारागाह भूमि पर पूजा-अर्चना का कुछ सामान मिलने से स्थानीय लोगों में यह चर्चा फैल गई कि शायद जमीन के नीचे कोई पुराना खजाना दबा हुआ है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए JCB मशीन से खुदाई के आदेश दिए। करीब आधे घंटे तक चली खुदाई के बाद जमीन से एक बेहद पुराना, भारी-भरकम धातु का घड़ा निकला।
खुदाई में निकला 100 से 150 किलो वजनी रहस्यमयी घड़ा
Tonk Fake Gold News : खुदाई के दौरान निकला घड़ा करीब 2 फीट ऊंचा और डेढ़ फीट चौड़ा था, जिसका वजन लगभग 100 से 150 किलो बताया गया। घड़े के अंदर सोने जैसी चमकदार धातु के टुकड़े, ईंट और बिस्किट मौजूद थे, जिन्हें देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए। शुरुआत में यह मामला किसी प्राचीन खजाने जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन पुलिस जांच में सच्चाई कुछ और ही निकली।

नकली सोना बेचने की फिराक में पकड़े गए आरोपी
Nivai Tantrik Arrested : निवाई थाना के ASI राजेंद्र सिंह ने बताया कि 4 जनवरी की रात करीब 11:25 बजे, पुलिस टीम गश्त के दौरान झिलाई बाइपास पुलिया के पास पहुंची थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि जयपुर से टोंक जाने वाली सड़क की निर्माणाधीन सर्विस रोड पर एक कार में दो युवक बैठे हैं, जो नकली सोने को असली बताकर बेचने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार को घेर लिया और रात के समय सड़क किनारे खड़े होने का कारण पूछा।
तलाशी में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
कार में बैठे युवकों ने अपनी पहचान मुकेश मीणा और अभिषेक मीणा के रूप में बताई। पूछताछ के दौरान पुलिस को दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, क्योंकि वे बार-बार अपनी जैकेट की जेब में हाथ डाल रहे थे।
जब पुलिस ने तलाशी ली, तो मुकेश मीणा की जेब से—
- 2 किलो 515 ग्राम वजनी पीतल जैसी धातु की एक ईंट
- दो गोल ढली (505 ग्राम और 500 ग्राम)
- एक बिस्किट (97 ग्राम)
बरामद किए गए।
वहीं अभिषेक मीणा की जेब से—
- तीन ढली (511, 504 और 510 ग्राम)
- एक बिस्किट (100 ग्राम)
मिले, जो सभी पीतल और तांबे से बने नकली सोने के टुकड़े थे।
जमीन में दबाया गया था घड़ा, तंत्र-मंत्र से करते थे ठगी
निवाई DSP रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया कि सींदड़ा गांव की चारागाह भूमि में मिला घड़ा उन्होंने खुद ही जमीन में दबाया था। मुख्य आरोपी मुकेश मीणा खुद को तांत्रिक और तत्काल अघोरी महाराज बताता था।
वह लोगों को विश्वास दिलाता था कि जमीन के नीचे पुराना सोना-चांदी दबा हुआ है और तंत्र-मंत्र से उसे बाहर निकाला जा सकता है। इसके बाद पहले से तय स्थान पर तंत्र क्रिया का नाटक कर जमीन से घड़ा निकालता था।
20 दिन तक घड़ा न खोलने की शर्त
आरोपी ठगी को और पुख्ता बनाने के लिए पीड़ितों को घड़ा निकालने के बाद 20 दिन तक उसे न खोलने की हिदायत देते थे। कहा जाता था कि इस दौरान विशेष तांत्रिक क्रियाएं करनी होंगी, तभी सोना शुद्ध रहेगा। जब पीड़ित बाद में सोने की जांच करवाते और वह नकली निकलता, तो आरोपी यह कहकर बच निकलते कि तंत्र-मंत्र सही तरीके से नहीं किया गया, इसलिए सोना पीतल में बदल गया।
सरकारी कर्मचारी और प्रतिष्ठित लोग थे निशाने पर
टोंक DST प्रभारी ओम प्रकाश चौधरी ने बताया कि आरोपी खासतौर पर सरकारी कर्मचारियों, प्रभावशाली और प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बनाते थे। उनका मानना था कि ऐसे लोग बदनामी के डर से पुलिस में शिकायत नहीं करेंगे। Police अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और इस गिरोह में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
