
tik tok : भारत में चीनी मूल की शॉर्ट वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म टिकटॉक (TikTok) की वेबसाइट शुक्रवार, 22 अगस्त 2025 की शाम से आंशिक रूप से सुलभ हो गई है। इसके साथ ही ऑनलाइन शोपिंग प्लेटफॉर्म्स अलीएक्सप्रेस (AliExpress) और शीन (Shein) की वेबसाइट्स भी कुछ उपयोगकर्ताओं के लिए खुल रही हैं। यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसके बाद लोगों में यह उम्मीद जगी कि क्या 2020 में लगाए गए प्रतिबंध को हटाया जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि टिकटॉक या अन्य चीनी ऐप्स को अनब्लॉक करने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, और ऐसी खबरें “झूठी और भ्रामक” हैं।
आंशिक एक्सेस, लेकिन सीमित कार्यक्षमता
TikTok unban in India उपयोगकर्ताओं ने बताया कि वे टिकटॉक, अलीएक्सप्रेस और शीन की वेबसाइट्स के होमपेज तक तो पहुंच पा रहे हैं, लेकिन इससे आगे कोई कार्यक्षमता उपलब्ध नहीं है। टिकटॉक पर न तो लॉगिन किया जा सकता है, न ही वीडियो अपलोड या देखे जा सकते हैं। इसी तरह, अलीएक्सप्रेस और शीन पर शॉपिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। टिकटॉक और अलीएक्सप्रेस के मोबाइल ऐप्स गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर पर अब भी अनुपलब्ध हैं, जबकि शीन का ऐप कुछ उपयोगकर्ताओं के लिए डाउनलोड करने योग्य हो गया है।
इस घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर खासी हलचल मचाई है। कई यूजर्स ने उत्साह और नॉस्टैल्जिया के साथ इस खबर का स्वागत किया, क्योंकि टिकटॉक भारत में 2020 से पहले बेहद लोकप्रिय था। हालांकि, कुछ यूजर्स ने इसे केवल तकनीकी गड़बड़ी मानते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
सरकार का स्पष्टीकरण
TikTok website accessible India भारत सरकार के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि टिकटॉक को अनब्लॉक करने का कोई आदेश नहीं जारी किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and IT) ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। टेलीकॉम विभाग के सूत्रों ने कहा कि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) अभी भी टिकटॉक की वेबसाइट को ब्लॉक कर रहे हैं, और यह समझ से परे है कि कुछ उपयोगकर्ताओं को यह कैसे सुलभ हो रही है।
वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने CNBC-TV18 को बताया कि न तो टिकटॉक और न ही अलीएक्सप्रेस ने बैन हटाने के लिए कोई आवेदन दिया है। 2020 में लगाए गए प्रतिबंध न तो अस्थायी थे और न ही समयबद्ध, इसलिए इनका प्रभाव अभी भी बरकरार है।
2020 में क्यों लगा था बैन?
AliExpress unban news भारत सरकार ने जून 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा विवाद के बाद टिकटॉक, अलीएक्सप्रेस, शीन, वीचैट, यूसी ब्राउजर सहित 59 चीनी मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार ने इन ऐप्स को “राष्ट्रीय संप्रभुता, अखंडता, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा” करार दिया था। सरकार का कहना था कि ये ऐप्स उपयोगकर्ताओं का डेटा एकत्र करते हैं और इसे विदेशी सर्वरों, विशेष रूप से चीनी सरकार के साथ साझा कर सकते हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करता है।
इसके अलावा, टिकटॉक पर पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देने और डेटा चोरी के आरोप भी लगे थे। 2019 में, मद्रास हाईकोर्ट ने टिकटॉक पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। केंद्र सरकार ने गूगल और एपल को अपने स्टोर्स से टिकटॉक हटाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद ऐप को हटा दिया गया। उस समय भारत में टिकटॉक के लगभग 24 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता थे, और बैन के कारण इसकी पेरेंट कंपनी बाइटडांस (ByteDance) को प्रतिदिन लगभग 3.5 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान था।
प्रतिबंधित ऐप्स की सूची
TikTok partial access issue India 2020 में प्रतिबंधित 59 चीनी ऐप्स में विभिन्न श्रेणियों के ऐप्स शामिल थे। इनमें से कुछ प्रमुख ऐप्स इस प्रकार हैं:
- एंटरटेनमेंट और वीडियो-म्यूजिक ऐप्स: टिकटॉक, लाइकी, क्वाई, क्यूक्यू म्यूजिक
- सोशल मीडिया ऐप्स: हेलो, शेयरइट, वीइबो, मी कम्युनिटी
- चैट और डेटिंग ऐप्स: वीचैट, वी मीट, वीमेट
- वेब ब्राउजर ऐप्स: यूसी ब्राउजर, सीएम ब्राउजर, एपीयूएस ब्राउजर, डीयू ब्राउजर
- यूटिलिटी ऐप्स: पैरलल स्पेस, ब्यूटीप्लस, जेंडर, कैम स्कैनर, बैदू मैप, डीयू बैटरी सेवर, क्लीन मास्टर
- गेमिंग ऐप्स: क्लैश ऑफ किंग्स, हागो, मोबाइल लीजेंड्स
- ई-कॉमर्स ऐप्स: क्लब फैक्ट्री, शीन, रोमवे
- वीडियो और लाइव स्ट्रीमिंग ऐप्स: बिगो लाइव, विगो वीडियो, वीवा वीडियो
- न्यूज और फोटो एडिटिंग ऐप्स: यूसी न्यूज, न्यूजडॉग, मीटू, सेल्फी सिटी
इसके बाद, भारत सरकार ने 500 से अधिक चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया, जिनमें पबजी (PUBG) जैसे लोकप्रिय गेम्स भी शामिल थे।
टिकटॉक की भारत में लोकप्रियता
India government on TikTok unban 2020 से पहले टिकटॉक भारत में युवाओं के बीच अत्यधिक लोकप्रिय था। इसने न केवल मनोरंजन का एक नया मंच प्रदान किया, बल्कि कई लोगों के लिए आय का स्रोत भी बन गया था। टिकटॉक पर शॉर्ट वीडियो के माध्यम से लोग अपनी प्रतिभा, हास्य, और रचनात्मकता को दुनिया के सामने ला रहे थे। बैन के बाद, कई भारतीय यूजर्स ने इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स जैसे वैकल्पिक प्लेटफॉर्म्स की ओर रुख किया। फिर भी, टिकटॉक की वापसी की खबरों ने पुराने उपयोगकर्ताओं में उत्साह पैदा किया है।

बाइटडांस का रुख
टिकटॉक की पेरेंट कंपनी बाइटडांस ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। 2020 में बैन के समय, टिकटॉक इंडिया के तत्कालीन सीईओ निखिल गांधी ने कहा था कि कंपनी भारतीय कानूनों का पूरी तरह पालन कर रही है और उसने कभी भी उपयोगकर्ताओं का डेटा किसी विदेशी सरकार, विशेष रूप से चीन के साथ साझा नहीं किया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया था कि भविष्य में भी ऐसा नहीं किया जाएगा।
भारत-चीन संबंधों का प्रभाव
टिकटॉक और अन्य चीनी ऐप्स की वेबसाइट्स के आंशिक रूप से सुलभ होने की खबरें ऐसे समय में आई हैं, जब भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। हाल ही में, दोनों देशों ने सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है, और चीनी विदेश मंत्री वांग यी की नई दिल्ली यात्रा ने तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाए हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इन ऐप्स की वेबसाइट्स का आंशिक एक्सेस दोनों देशों के बीच बेहतर राजनयिक संबंधों का परिणाम हो सकता है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कोई आधिकारिक नीतिगत बदलाव नहीं है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यूजर्स ने टिकटॉक की वापसी की खबरों पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ यूजर्स ने इसे “नॉस्टैल्जिक मोमेंट” करार दिया और मजेदार मीम्स शेयर किए, जबकि अन्य ने डेटा प्राइवेसी और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। एक यूजर ने लिखा, “टिकटॉक की वेबसाइट खुल रही है, लेकिन क्या यह सुरक्षित है? हमें सावधान रहना चाहिए।” वहीं, कुछ ने इसे भारत-चीन संबंधों में सुधार का संकेत माना।
तकनीकी गड़बड़ी या नीतिगत बदलाव?
कई विशेषज्ञों का मानना है कि वेबसाइट्स का आंशिक एक्सेस किसी तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम हो सकता है। टेलीकॉम विभाग के सूत्रों ने कहा कि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को अभी भी इन वेबसाइट्स को ब्लॉक करने के निर्देश हैं। कुछ यूजर्स ने बताया कि वे बिना वीपीएन (VPN) के इन वेबसाइट्स को एक्सेस कर पाए, जो इस संभावना को और मजबूत करता है कि यह कोई तकनीकी त्रुटि हो सकती है।



