
Woman Death : राजसमंद जिले में केलवा की विवाहित बेटी मीनादेवी तेली की सुरत के वेलुक, ओलपाड (गुजरात) में संदिग्ध मौत के बाद केलवा के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए चित्ता पर पार्थिव देह को सुलाने के बाद सिर में चोट के निशान देख पीहर पक्ष व लोग भड़क उठे। ससुराल पक्ष ने आत्महत्या बताया, जबकि पीहर पक्ष ने हत्या का संदेह जताते हुए दोबारा पोस्टमार्टम कर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई। पहले केलवा थाने का घेराव किया, फिर राजसमंद जिला कलक्ट्री के द्वार पर धरना दिया। एसडीएम ब्रजेश गुप्ता व (Rajsamand News) एएसपी महेंद्र पारीक द्वारा कानून बताते हुए समझाइश की। जीरो नंबर एफआईआर दर्ज करते हुए सुरत पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। एसडीएम व एएसपी की समझाइश के बाद लोग शांत हुए और वापस केलवा लौट गए।
Rajsamand police : जानकारी के अनुसार धोली बावड़ी, केलवा निवासी विकास पुत्र देवीलाल तेली ने केलवा थाना पुलिस, एसडीएम व एएसपी को रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में आरोप है कि उसकी 27 वर्षीय बहन मीनादेवी की उसी के पति देवरिया, गंगापुर (भीलवाड़ा) हाल सुरत के वेलुक, ओलपाड (गुजरात) निवासी हीरेन तेली, ससुर सोहनलाल तेली व सास संतोकी ने हत्या की है, ऐसी उन्हें शंका है। इसलिए मीनादेवी के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कर हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाए। यह शंका तब हुई, जब मीनादेवी के शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जा चुके थे। शव को चित्ता देने से पहले चेहरे को देखा, तो माथे पर चोट के निशान दिखे, जिससे शक हुआ कि ससुराल पक्ष ने आत्महत्या बताया है, तो गले में फंदे की बजाय सिर में चोट के निशान क्यों है। साथ ही घटना स्थल पर पंखा भी सही सलामत होने की बात कही और दामाद व बियाइजी द्वारा भी विरोधाभासी जानकारी दी गई है। Kelwa police station

Gujrat News : इसके चलते चित्ता से मीनादेवी के शव को उठाकर केलवा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आए और सभी लाेग केलवा पुलिस थाने पर पहुंच गए। थाना प्रभारी सुबोध कुमार द्वारा समझाइश की गई, मगर आक्रोशित लोग संतुष्ट नहीं हुए और सभी लोग राजसमंद जिला कलक्ट्री पहुंचे गए। यहां भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष मानसिंह बारहठ, नगरपरिषद के पूर्व सभापति अशोक टांक, पूर्व प्रधान अरविंदसिंह राठौड़ सहित बड़ी तादाद में क्षेत्रीय लोग पहुंच गए। बाद में उपखंड अधिकारी ब्रजेश गुप्ता व एएसपी महेंद्र पारीक भी पहुंच गए। लोगों की मांग थी कि मीनादेवी ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि हत्या हुई है। इसलिए सुरत में दर्ज एफआईआर व पोस्टमार्टम के बारे में स्थिति स्पष्ट की जाए। इस पर एसडीएम ब्रजेश गुप्ता बोले कि शव का दोबारा पोस्टमार्टम तो न्यायालय के आदेश से ही संभव है। एएसपी महेंद्र पारीक ने समझाया कि आपका जो भी शक है या सवाल है, वह हमें बता दीजिए, हम गुजरात की सुरत पुलिस को भेज देंगे और आपकी इस मांग को वे उनकी जांच में शामिल कर देंगे। चूंकि घटना सूरत की है, तो जांच भी सुरत पुलिस ही कर सकती है, वह इनके अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है। इस तरह परिजन, तेली समाज के साथ क्षेत्रीय शांत हो गए और जिला कलक्ट्री के मुख्य द्वार से धरने से उठे।

परिजनों ने यह उठाए है सवाल
- पंखे से आत्महत्या की है, तो पंखा सही सलामत क्यों है ?
- दामाद ने चार बजे आत्महत्या करना बताया, जबकि बियाईजी ने 7 बजे क्यों बताया
- बेटी का जन्म होने के बाद से महिला को किया जा रहा था प्रताड़ित
- सिर में चोट का निशान क्यों आया, यह स्पष्ट नहीं
- पोस्टमार्टम से पहले पीहर पक्ष को सुरत क्यों नहीं बुलाया
- ससुराल पक्ष शव छोड़कर क्यों चला गया



