
Rajasthan Pakistan Border War : भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव राजस्थान के सीमावर्ती जिलों—जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर, बीकानेर, और फलोदी—के लिए एक अभूतपूर्व चुनौती बन गया है। इन क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है, और प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। जैसलमेर और बाड़मेर में शाम 5 बजे से सभी बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद कर दिए गए हैं, जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसर गया है। रात 6 बजे से सुबह 6 बजे तक 12 घंटे का पूर्ण ब्लैकआउट लागू किया गया है, ताकि किसी भी तरह की रोशनी दुश्मन की नजर में न आए। बीकानेर, श्रीगंगानगर, और फलोदी में यह ब्लैकआउट रात 7 बजे से शुरू होकर सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान घरों के बाहर लगे बिजली मीटर की रोशनी को छिपाने के लिए लोग टेप, कपड़े, या अन्य सामग्री का उपयोग कर रहे हैं। जैसलमेर में सभी सार्वजनिक आयोजनों, जैसे मेले, जुलूस, रैलियां, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। श्रीगंगानगर में शादी समारोहों और धार्मिक आयोजनों में लाइटिंग, डीजे, और तेज साउंड सिस्टम के उपयोग पर रोक लगा दी गई है, ताकि रात के समय किसी भी तरह की गतिविधि दुश्मन के लिए संकेत न बन जाए। बीकानेर में हॉस्टल खाली कराए गए हैं, और बच्चों को उनके अभिभावकों के पास भेजा जा रहा है। इसके अलावा, राजस्थान रोडवेज ने अपने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं, ताकि आपातकालीन स्थिति में परिवहन सेवाएं सुचारू रहें। यह सख्ती हाल ही में पाकिस्तान द्वारा किए गए हमलों के बाद और बढ़ गई है, जिसमें 7-8 मई और 8 मई की रात को राजस्थान के पांच सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले की कोशिश की गई थी। भारत के उन्नत S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया, जिससे देश की सुरक्षा और मजबूत हुई।
जैसलमेर में जिंदा बम की खोज
Jaisalmer news : जैसलमेर के किशनघाट क्षेत्र में जोगियों की बस्ती में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे एक जिंदा बम मिलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस, सेना, और बम निरोधक दस्ते की टीमें मौके पर पहुंचीं। इलाके को तत्काल खाली कराया गया, और आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। सेना की विशेष टीम ने सावधानीपूर्वक बम को अपने कब्जे में लिया और उसे निष्क्रिय करने के लिए सुरक्षित स्थान पर ले गई। इस घटना ने स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ा दी है, लेकिन प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह बम वहां कैसे पहुंचा और इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है।
बाबा रामदेव मंदिर में बदली टाइमिंग
जैसलमेर के रामदेवरा में स्थित ऐतिहासिक बाबा रामदेव मंदिर, जो लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, को सुरक्षा कारणों से शाम 6 बजे बंद कर दिया गया। प्रशासन ने अगले आदेश तक मंदिर को रात 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रखने का फैसला किया है। इस दौरान मंदिर परिसर में कोई भी धार्मिक गतिविधि या पूजा-अर्चना नहीं होगी। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस असाधारण स्थिति में धैर्य बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। मंदिर के आसपास पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
पोकरण में शाम 4 बजे से बाजार बंद
India Pakistan War : जैसलमेर के पोकरण कस्बे में व्यापारियों ने स्वेच्छा से शाम 4 बजे से अपनी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद कर दिए। यह निर्णय प्रशासन की सलाह के बाद लिया गया, जिसमें लोगों से रात के समय घरों में रहने और किसी भी तरह की रोशनी का उपयोग न करने का अनुरोध किया गया है। प्रशासन ने शादी समारोहों और अन्य सामाजिक आयोजनों को दिन के समय संपन्न करने या स्थगित करने की अपील की है। पोकरण के स्थानीय लोग इस संकट की घड़ी में एकजुटता दिखा रहे हैं और प्रशासन के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।
जैसलमेर में पुलिस की सख्ती
जैसलमेर में शाम 5 बजे से पुलिस टीमें बाजारों और मुख्य चौराहों पर तैनात हो गईं। लाउडस्पीकर के माध्यम से दुकानें बंद करने की घोषणा की गई, और कई व्यापारियों ने समय से पहले ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। ब्लैकआउट के दौरान सड़कों पर किसी भी तरह के वाहन की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वाहन जब्त करना और कानूनी कार्रवाई शामिल है। शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है, और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है।
बाड़मेर में व्यापारियों का सहयोग
Pakistan Attack on Rajasthan : बाड़मेर शहर में भी व्यापारियों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए शाम 5 बजे से अपनी दुकानें बंद कर दीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन जो भी कदम उठा रहा है, वह उनकी सुरक्षा और हित में है। बाड़मेर के निवासियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए कहा कि वे इस संकट की घड़ी में डटकर मुकाबला करेंगे और भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। व्यापारियों ने यह भी अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
बिजली मीटर पर विशेष ध्यान
जैसलमेर में ब्लैकआउट को पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए लोगों ने घरों के बाहर लगे बिजली मीटर को टेप, कपड़े, या प्लास्टिक से ढक दिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि मीटर की छोटी-सी रोशनी भी रात के अंधेरे में दुश्मन के लिए संकेत न बन जाए। तनोट-रामगढ़ मार्ग पर बैरिकेडिंग के साथ सैन्य बलों की तैनाती की गई है, और इस मार्ग पर किसी भी तरह की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

विवादित पोस्ट पर सख्त कार्रवाई
India Pakistan Latest news : श्रीगंगानगर के सादुलशहर में सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें दो सगे भाई प्रदीप सिंह और लवप्रीत सिंह, बुट्टा सिंह, और चूरू के बजरांगसर निवासी आसिफ खान शामिल हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है और लोगों से अपील की है कि वे ऐसी सामग्री साझा न करें जो सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ सकती हो। यह कार्रवाई अफवाहों और तनाव को रोकने के लिए की गई है।
फलोदी में 11 घंटे का ब्लैकआउट
फलोदी जिले में रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक 11 घंटे का ब्लैकआउट लागू रहेगा। इस दौरान सभी घरों, दुकानों, सड़कों, और टोल प्लाजा की लाइटें बंद रहेंगी। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि यह कदम उनकी सुरक्षा के लिए उठाया गया है। नेशनल और स्टेट हाईवे पर भी रोशनी पूरी तरह बंद रहेगी, ताकि रात के समय कोई भी गतिविधि दुश्मन की नजर में न आए।
श्रीगंगानगर में लाइटिंग और डीजे पर प्रतिबंध
श्रीगंगानगर में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात 7 बजे के बाद लाइटिंग, डीजे, और तेज साउंड सिस्टम पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश शादी समारोहों, धार्मिक आयोजनों, और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों पर लागू होगा। प्रशासन ने कहा है कि यह प्रतिबंध अगले दो महीनों तक प्रभावी रहेगा, और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोगों से दिन के समय ही ऐसे आयोजनों को संपन्न करने की सलाह दी गई है।
नाथद्वारा मंदिर में मॉक ड्रिल
राजसमंद के नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर में आतंकी हमले से निपटने के लिए एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास में एटीएस की अगुवाई में 20 कमांडो ने हिस्सा लिया। ड्रिल के दौरान आतंकियों को पकड़ने, स्थिति को नियंत्रित करने, और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। यह मॉक ड्रिल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए की गई थी।
जैसलमेर में सभी आयोजनों पर रोक
जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान तनाव को देखते हुए सभी सार्वजनिक आयोजनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें मेले, जुलूस, रैलियां, प्रदर्शन, और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम स्थानीय स्तर पर किसी भी तरह की अशांति को रोकने के लिए उठाया गया है।
कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
जैसलमेर के कलेक्टर प्रताप सिंह ने जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। गर्भवती महिला कर्मचारियों को इस आदेश से छूट दी गई है। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने मुख्यालय में मौजूद रहें और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें। यह आदेश शुक्रवार से लागू हो गया है।
बाड़मेर में शैक्षणिक संस्थान बंद
बाड़मेर की कलेक्टर टीना डाबी ने सभी सरकारी और निजी कॉलेज, कोचिंग सेंटर, और लाइब्रेरी को अगले आदेश तक बंद करने का निर्देश दिया है। यह निर्णय छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन ने कहा है कि नियम तोड़ने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रोडवेज कर्मचारियों की तैनाती
राजस्थान रोडवेज ने अपने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। परिवहन विभाग ने सेना और अर्धसैनिक बलों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्णय लिया है। रोडवेज की बसें और ड्राइवर आपात स्थिति में सेना की मदद के लिए तैयार रहेंगे। यह निर्णय परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया।
जयपुर में एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा
जयपुर में एयरफोर्स स्टेशन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। स्टेशन के आसपास के रास्तों को बैरिकेडिंग के जरिए ब्लॉक कर दिया गया है, और पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। यह कदम संभावित खतरों को रोकने के लिए उठाया गया है।
श्रीगंगानगर में रेलवे स्टेशन पर निगरानी
श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए सीसीटीवी और आरपीएफ की मदद से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। प्रत्येक यात्री के बैग और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के लिए विशेष टीमें तैनात हैं।
बीकानेर में हॉस्टल खाली
बीकानेर में सीमा पर तनाव को देखते हुए जिला कलेक्टर ने सभी बच्चों के हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए हैं। अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने बच्चों को जल्द से जल्द घर ले जाएं। जैसलमेर में भी कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, और हॉस्टल अगले आदेश तक बंद रहेंगे।
पाली में बाजार जल्दी बंद
पाली के कलेक्टर एलएन मंत्री ने रात 8:30 बजे के बाद सभी बाजारों को बंद रखने का आदेश दिया है। गुरुवार रात को पाली और आसपास के क्षेत्रों में ब्लैकआउट लागू किया गया था। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को घायलों के प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।
ड्रोन और आतिशबाजी पर प्रतिबंध
जैसलमेर और बीकानेर में ड्रोन उड़ाने और आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिन लोगों के पास ड्रोन हैं, उन्हें तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि यह कदम सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए उठाया गया है। जोधपुर, जैसलमेर, और बाड़मेर के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाया गया है। आरपीएफ और अन्य सुरक्षा बल सुबह से स्टेशनों पर तैनात हैं। कई ट्रेनें रद्द या आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जैसलमेर में एक पाकिस्तानी ड्रोन का मलबा मिला है, जिसे सुरक्षा एजेंसियां बारीकी से जांच रही हैं। यह ड्रोन संभवतः 8 मई की रात को किए गए हमले का हिस्सा था, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। इस घटना ने सीमा पर तनाव को और बढ़ा दिया है।
एयरस्पेस और फ्लाइट्स पर प्रभाव
जोधपुर, जैसलमेर, और बीकानेर के एयरपोर्ट पूरी तरह बंद हैं। सिविल फ्लाइट्स के रूट डायवर्ट किए गए हैं, और 10 मई तक कोई भी फ्लाइट ऑपरेशन नहीं होगा। सरहदी इलाकों का एयरस्पेस पूरी तरह खाली है, और केवल सैन्य विमानों को उड़ान की अनुमति है। जैसलमेर और पोकरण के लोगों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कहा है कि वे भारतीय सेना के साथ मजबूती से खड़े हैं। गुरुवार रात को पाकिस्तान द्वारा ड्रोन हमले की कोशिश के बाद भी स्थानीय लोग डरे नहीं और उन्होंने कहा कि वे किसी भी खतरे का डटकर मुकाबला करेंगे। राजस्थान सरकार ने जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, और श्रीगंगानगर के लिए तत्काल 5-5 करोड़ रुपये का इमरजेंसी फंड जारी किया है। यह राशि आपातकालीन सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था, और नागरिक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए उपयोग की जाएगी।
मुख्यमंत्री की बैठक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देर रात सीएमओ में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सीमा पर तनाव, सुरक्षा व्यवस्था, और लॉजिस्टिक्स की समीक्षा की गई। सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 9 आरएएस अधिकारियों की तैनाती की है। इसके साथ ही 75 फायर ब्रिगेड और फायरमैन के रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती के आदेश जारी किए गए हैं। यह कदम आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए उठाया गया है। पाकिस्तान से लगी 1070 किमी लंबी सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है। प्रमुख शहरों में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट किए गए हैं, और सीमा पर सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। दावा है कि पाकिस्तानी सेना का भारी जमावड़ा सीमा के पास देखा गया है।
हमले के दौरान क्या करें और क्या न करें
- रात में घर से बाहर न निकलें: सुरक्षा के लिए रात के समय घरों में रहें।
- रोशनी का उपयोग न करें: खिड़कियां और दरवाजे ढकें ताकि कोई रोशनी बाहर न दिखे।
- सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाएं: केवल विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लें और साझा करें।
- प्रशासन के निर्देशों का पालन करें: किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की सलाह मानें।
- संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखें: किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
यह स्थिति अत्यंत गंभीर है, और प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांति, संयम, और सहयोग की अपील की है। भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियां हर पल की स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं, और देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।



