
India Oil Gas Stock Update : मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ रहे तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास बने संकट के बीच भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। बीते कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है, जिसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ा है।
इसी बीच अब केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत देते हुए साफ किया है कि भारत में तेल, गैस और उर्वरकों की किसी प्रकार की कमी नहीं है। सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात के बावजूद देश में पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं। हाल ही में आयोजित इंटर-मिनिस्ट्रीयल ब्रीफिंग के दौरान पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने देश में तेल और गैस की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव को करीब ढाई महीने से अधिक समय हो चुका है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। सरकार के अनुसार इसी संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसका असर भारत के आयात पर भी पड़ा है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। हालांकि, मंत्रालय ने भरोसा दिलाया कि भारत में तेल और गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई चेन पूरी तरह सक्रिय है।

“देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं”
Hormuz Crisis India Impact : संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट कहा कि देश में तेल, गैस या अन्य जरूरी ईंधन की किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि—
- भारत की सभी प्रमुख रिफाइनरियां सामान्य तरीके से काम कर रही हैं।
- कच्चे तेल का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है।
- एलपीजी और प्राकृतिक गैस की सप्लाई सुचारू बनी हुई है।
- आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
सरकार ने कहा कि संकट की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे।
क्यों बढ़ी लोगों की चिंता?
Crude Oil Price India News : दरअसल, हाल ही में देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली थी। इसके बाद यह आशंका जताई जाने लगी कि जल्द ही एलपीजी सिलेंडर, सीएनजी और अन्य गैस उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं। वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में अस्थिरता के कारण लोगों में यह डर बढ़ गया था कि कहीं देश में ईंधन संकट जैसी स्थिति पैदा न हो जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। यदि यहां लंबे समय तक तनाव बना रहता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर और असर पड़ सकता है।
LPG और गैस कीमतों पर क्या असर पड़ेगा?
LPG Cylinder Price Update : सरकार ने फिलहाल एलपीजी और गैस की कीमतों में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं दिए हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के कारण भविष्य में दबाव बढ़ सकता है। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि आम जनता पर ज्यादा बोझ न पड़े।
उर्वरकों को लेकर भी सरकार ने दी राहत
इंIndia Fuel Shortage News : टर-मिनिस्ट्रीयल ब्रीफिंग के दौरान उर्वरक विभाग (DOF) की संयुक्त सचिव ने भी किसानों और आम जनता को राहत देने वाली जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन के लिए देश में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में बनी हुई है। वर्तमान में राज्यों में उर्वरकों की उपलब्धता 51 प्रतिशत से अधिक है। सरकार के अनुसार देशभर में लगभग 200.98 लाख मीट्रिक टन (LMT) उर्वरक उपलब्ध हैं। इसके अलावा घरेलू उत्पादन भी मजबूत बना हुआ है।
घरेलू उत्पादन और आयात दोनों मजबूत
उर्वरक विभाग के मुताबिक संकट के बावजूद देश में उर्वरकों का घरेलू उत्पादन करीब 86.2 LMT तक पहुंच चुका है। वहीं 22 LMT से अधिक उर्वरकों का आयात भी भारतीय तटों तक पहुंच चुका है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रमुख उर्वरकों के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।
सरकार ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की
सरकार ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात जरूर चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन देश में जरूरी ईंधन और उर्वरकों की सप्लाई को लेकर फिलहाल कोई संकट नहीं है। अधिकारियों के अनुसार सरकार लगातार वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। ऐसे में फिलहाल आम लोगों और किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि देश में तेल, गैस और उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध बताया गया है।



