
Rajasthan Birth Certificate Rules : प्रदेश में मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों और भ्रम की स्थिति अब खत्म होने जा रही है। राज्य सरकार के गृह विभाग ने नई गाइडलाइन जारी कर मूल निवासी तय करने के नियम स्पष्ट कर दिए हैं।
Rajasthan Mool Niwas New Guideline 2026 : अब राजस्थान का मूल निवासी होने के लिए 10 वर्ष का निरंतर निवास सबसे अहम आधार माना जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने से प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल होगी, वहीं आमजन को तहसील और उपखंड कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है। नई गाइडलाइन के अनुसार वह व्यक्ति राजस्थान का मूल निवासी माना जाएगा, जिसके माता-पिता राज्य के मूल निवासी हों या जो स्वयं अथवा उसके माता-पिता पिछले 10 वर्षों से लगातार प्रदेश में निवास कर रहे हों। पहचान और निवास प्रमाण के तौर पर जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और माता-पिता के मूल निवास प्रमाण पत्र को मान्य दस्तावेज माना गया है। वहीं 10 वर्षों के निरंतर निवास को साबित करने के लिए बिजली, पानी या टेलीफोन बिल जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

जन्म प्रमाण पत्र में बदलाव के नियम भी हुए सख्त
Rajasthan Residence Certificate Rules : सरकार ने नई गाइडलाइन में महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों के लिए भी संवेदनशीलता दिखाई है। राजस्थान के मूल निवासी पुरुष से विवाह करने वाली महिला को भी प्रदेश का मूल निवासी माना जाएगा, यदि वह पति के साथ राज्य में निवास कर रही हो। इसके लिए विवाह प्रमाण पत्र और पति के निवास संबंधी दस्तावेज अनिवार्य होंगे। वहीं केंद्र या राज्य सरकार के अधीन राजस्थान में पिछले तीन वर्षों से पदस्थापित कर्मचारियों और उनके बच्चों को भी मूल निवासी का लाभ मिल सकेगा। सामान्य परिस्थितियों में मूल निवास प्रमाण पत्र जीवन में केवल एक बार ही जारी किया जाएगा।
आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय ने जन्म प्रमाण पत्र में नाम बदलने की प्रक्रिया को भी सख्त कर दिया है। अब केवल शपथ पत्र के आधार पर मिडिल नेम और सरनेम बदलवाना संभव नहीं होगा। इसके लिए गजट नोटिफिकेशन यानी राजपत्र में प्रकाशन करवाना अनिवार्य रहेगा। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी दस्तावेजों और पहचान पत्रों में स्थिरता बनी रहेगी तथा फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा। हालांकि बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र में यदि सरनेम का कॉलम खाली है तो माता-पिता अपने दस्तावेजों के आधार पर साधारण शपथ पत्र देकर सरनेम जुड़वा सकेंगे। Rajasthan Birth Certificate Update News
फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक, प्रक्रिया होगी आसान
Rajasthan Residency Proof Rules : नई व्यवस्था लागू होने से बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा गलत तरीके से प्रमाण पत्र बनवाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी। प्रक्रिया स्पष्ट और पारदर्शी होने से दलालों और बिचौलियों का हस्तक्षेप भी कम होगा। सरकार ने कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत किया है, जिससे आमजन का समय बचेगा और काम में तेजी आएगी।
नई गाइडलाइन का मुख्य उद्देश्य प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को विवादमुक्त, पारदर्शी और सरल बनाना है, ताकि पात्र लोगों को बिना परेशानी तय मानकों के आधार पर लाभ मिल सके।
गोविंद प्रसाद, उप सचिव, गृह विभाग



