
Petrol Pump Closed News : भीलवाड़ा जिले में पेट्रोल कम देने के आरोपों के बाद हुई विभागीय कार्रवाई के विरोध में सोमवार को पेट्रोल पंप संचालकों ने बड़ा कदम उठाया। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक जिले के अधिकांश पेट्रोल पंप बंद रखे गए। इससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दरअसल, विधिक माप विज्ञान विभाग (लीगल मेट्रोलॉजी डिपार्टमेंट) ने हाल ही में जिले के कई पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई करते हुए कुछ नोजल सील कर दिए थे। विभाग का दावा था कि कई पंपों पर प्रति 5 लीटर पेट्रोल में करीब 30 मिलीलीटर तक कम पेट्रोल दिया जा रहा था। साथ ही कुछ पेट्रोल पंपों पर वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट (सत्यापन प्रमाण पत्र) भी प्रदर्शित नहीं मिले। पेट्रोल पंप बंद रहने की सूचना फैलते ही सोमवार सुबह शहर के कई पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोग समय रहते पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए सुबह जल्दी ही पंपों पर पहुंच गए। सुबह 9 बजते ही अधिकांश पेट्रोल पंपों ने शटर बंद कर दिए। इसके बाद कई लोग बिना पेट्रोल के ही अपनी बाइक और स्कूटी वापस ले जाते नजर आए। बंद के दौरान शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, पेट्रोल पंप संचालकों ने एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और सरकारी वाहनों जैसी आवश्यक सेवाओं को राहत देते हुए ईंधन उपलब्ध करवाया।
16 मई को चला था औचक निरीक्षण अभियान
Bhilwara Petrol Pump Strike Today : विधिक माप विज्ञान विभाग ने 16 मई को मंत्री Sumit Godara के निर्देश पर जिलेभर में औचक निरीक्षण अभियान चलाया था। यह कार्रवाई विधिक माप विज्ञान अधिनियम-2009 और राजस्थान विधिक माप विज्ञान प्रवर्तन नियम-2011 के तहत की गई। जांच टीम ने ओम शांति फिलिंग स्टेशन, संतोष एचपी, श्री श्याम इंडियन ऑयल, सिद्धार्थ फिलिंग स्टेशन और जगदंबा एचपी रूपाहेली चौराहा सहित गुलाबपुरा और हुरड़ा क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों की जांच की। निरीक्षण के दौरान ओम शांति फिलिंग स्टेशन और संतोष एचपी फिलिंग स्टेशन पर वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट प्रदर्शित नहीं पाए गए। इस पर विभाग ने प्रकरण दर्ज करते हुए जुर्माना लगाया।

कई नोजलों में कम पेट्रोल मिलने का दावा
Rajasthan Petrol Pump News 2026 : विभागीय जांच में श्री श्याम इंडियन ऑयल के एक नोजल से प्रति 5 लीटर में 30 मिलीलीटर कम पेट्रोल दिए जाने का दावा किया गया। विभाग के अनुसार इस नोजल से प्रतिदिन करीब 250 लीटर और प्रतिमाह लगभग 7500 लीटर पेट्रोल की बिक्री होती थी। अधिकारियों का कहना है कि इस हिसाब से उपभोक्ताओं को हर महीने करीब 45 लीटर पेट्रोल कम दिया जा रहा था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4800 रुपए बैठती है। इसके बाद विभाग ने संबंधित नोजल की बिक्री तत्काल बंद कर उसे सीज कर दिया।
जहाजपुर क्षेत्र में भी हुई थी कार्रवाई
Fuel Nozzle Seized News : विभाग ने 15 मई को जहाजपुर क्षेत्र में भी जांच अभियान चलाया था। इस दौरान रॉयल पेट्रोल पॉइंट, गोयल पेट्रोलियम, दीपक पेट्रोलियम, कृष्ण मुरारी फिलिंग स्टेशन और शिव इंडियन ऑयल का निरीक्षण किया गया। जांच में कृष्ण मुरारी फिलिंग स्टेशन पर सत्यापन प्रमाण पत्र नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई। वहीं दीपक पेट्रोलियम के दो नोजलों में प्रति 5 लीटर पर 30 मिलीलीटर कम पेट्रोल दिए जाने का दावा किया गया। विभाग के मुताबिक इन दोनों नोजलों से प्रतिदिन करीब 500 लीटर और प्रतिमाह लगभग 15 हजार लीटर पेट्रोल की बिक्री हो रही थी। इससे उपभोक्ताओं को हर महीने करीब 90 लीटर पेट्रोल कम मिलने की बात कही गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 9600 रुपए बताई गई। इसके अलावा शिव इंडियन ऑयल के एक नोजल में भी प्रति 5 लीटर में 30 मिलीलीटर कम पेट्रोल दिए जाने का दावा किया गया। विभाग के अनुसार इससे हर महीने करीब 35 लीटर पेट्रोल कम दिया जा रहा था, जिसकी कीमत लगभग 3700 रुपए आंकी गई। इन मामलों में विभाग ने संबंधित पेट्रोल पंपों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करते हुए नोजलों को सीज कर बिक्री बंद करने के निर्देश दिए।
पेट्रोल पंप संचालकों ने जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल
Petrol Shortage Complaint Rajasthan : पेट्रोल पंप एसोसिएशन के सचिव अशोक मूंदड़ा ने विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निरीक्षण के दौरान तय तकनीकी प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि 21 से 30 मिली तक की गणना प्रक्रिया को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। उनके मुताबिक मशीन में यदि 21 मिली की गणना हो तो मीटर पर सीधे 30 मिली दिखाई देता है, इसका मतलब यह नहीं कि उपभोक्ता को 30 मिली कम पेट्रोल दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि विधिक माप विज्ञान के नियमों के अनुसार 5 लीटर में 25 मिली तक का अंतर “प्लस-माइनस अनुज्ञेय सीमा” में माना जाता है, लेकिन निरीक्षण दल ने इस पहलू को नजरअंदाज किया।
अब सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक ही खुलेंगे पेट्रोल पंप
पेट्रोल पंप संचालकों ने घोषणा की है कि अब जिले में पेट्रोल पंप सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। रात 9 बजे के बाद से सुबह 6 बजे तक सभी पंप बंद रहेंगे। संचालकों का कहना है कि वैश्विक तेल संकट और युद्ध जैसे हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री के “तेल बचाओ” आह्वान के तहत यह फैसला लिया गया है।



