
Hindustan Zinc Dariba Complex News देश के खनन और औद्योगिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले राजस्थान के राजपुरा-दरीबा कॉम्प्लेक्स में रविवार को एक अहम दौरा देखने को मिला। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री G. Kishan Reddy ने हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स और सिंदेसर खुर्द माइंस का दौरा कर यहां की आधुनिक तकनीक, संचालन व्यवस्था, सुरक्षा प्रणाली और सामाजिक विकास कार्यों का जायजा लिया।
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने हिन्दुस्तान जिंक की अत्याधुनिक कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी का कार्य मॉडल प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि भारत आज जिम्मेदार और आधुनिक माइनिंग सेक्टर की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और हिन्दुस्तान जिंक जैसी कंपनियां इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। केंद्रीय मंत्री ने अपने दौरे के दौरान विश्व की शीर्ष चांदी उत्पादक खदानों में शामिल सिंदेसर खुर्द माइंस (SK Mine) और दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स की कार्यप्रणाली को करीब से देखा। उन्होंने दरीबा स्मेल्टिंग यूनिट के कंट्रोल रूम, सेल हाउस और कैथोड यार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें उत्पादन प्रक्रिया, आधुनिक मशीनरी और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम की जानकारी दी गई। हिन्दुस्तान जिंक की प्रोडक्ट गैलरी में मंत्री ने कंपनी द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों को भी देखा और उनकी गुणवत्ता की सराहना की। सिंदेसर खुर्द माइंस के कॉन्फ्रेंस हॉल में अधिकारियों ने उन्हें प्रेजेंटेशन और विशेष वीडियो के माध्यम से खदान के इतिहास, उत्पादन क्षमता, सुरक्षा मानकों, पेस्ट फिलिंग तकनीक और टेली-रिमोट ऑपरेशन सिस्टम की जानकारी दी।
रिमोट तकनीक और महिला रेस्क्यू टीम ने खींचा ध्यान

G Kishan Reddy Hindustan Zinc Visit : दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने माइन कंट्रोल रूम में रिमोट से संचालित होने वाली आधुनिक मशीनों और उपकरणों को देखा। यहां अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से भूमिगत खनन कार्यों को सुरक्षित और कुशल तरीके से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने देश की पहली महिला माइन रेस्क्यू टीम के लाइव डेमो को भी देखा और उनकी कार्यकुशलता की सराहना की। रेड्डी ने कहा कि माइनिंग सेक्टर में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भारत के बदलते औद्योगिक वातावरण का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने महिला इंजीनियरों और कर्मचारियों से भी संवाद किया और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की मजबूत भूमिका की प्रशंसा की।

“भारत आधुनिक और जिम्मेदार माइनिंग की ओर बढ़ रहा”
Sindesar Khurd Mine Visit : केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि हिन्दुस्तान जिंक का संचालन मॉडल यह दर्शाता है कि भारत किस तरह आधुनिक, तकनीक-आधारित और जिम्मेदार खनन प्रणाली विकसित कर रहा है।
उन्होंने कहा—
“हिन्दुस्तान जिंक आधुनिक टेक्नोलॉजी, सुरक्षित कार्यप्रणाली और सामाजिक विकास को प्राथमिकता देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के विजन को मजबूती दे रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों की वैल्यू चेन को मजबूत करने में इस प्रकार की कंपनियां देश की घरेलू क्षमता बढ़ाने और जिम्मेदार माइनिंग को प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
कर्मचारियों के साथ किया भोजन, कार्य संस्कृति की सराहना

Hindustan Zinc CSR Activities : अपने दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने सिंदेसर खुर्द माइंस की वर्कर कैंटीन में श्रमिकों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। उन्होंने ‘जिंक रत्न’ सम्मान प्राप्त 54 श्रमिकों के साथ बैठकर भोजन किया और उनसे कार्यस्थल की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और अनुभवों को लेकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महिला माइनिंग इंजीनियरों और कर्मचारियों से भी मुलाकात की और उनकी कार्यशैली की प्रशंसा की। रेड्डी ने कहा कि हिन्दुस्तान जिंक केवल उत्पादन बढ़ाने पर ही ध्यान नहीं दे रही, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा, सुविधा और कार्य वातावरण को भी प्राथमिकता दे रही है।
CSR गतिविधियों ने मंत्री को किया प्रभावित
Hindustan Zinc Technology and Mining : दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने हिन्दुस्तान जिंक की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) गतिविधियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने कंपनी द्वारा महिलाओं, बच्चों, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली।
प्रमुख सामाजिक पहलें:
- महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए “सखी” कार्यक्रम
- बच्चों की शिक्षा के लिए “शिक्षा संबल” और “ऊंची उड़ान” पहल
- ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मोबाइल हेल्थ वैन
- कैंसर स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
- ग्रामीण क्षेत्रों में RO वॉटर एटीएम की सुविधा
- महिला खिलाड़ियों के लिए जिंक फुटबॉल अकादमी
केंद्रीय मंत्री ने इन योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि उद्योगों का विकास तभी सार्थक है जब उसके साथ सामाजिक विकास भी जुड़ा हो।
ऊंची उड़ान योजना से लाभान्वित युवाओं से की बातचीत
मंत्री ने हिन्दुस्तान जिंक की “ऊंची उड़ान” योजना से लाभान्वित युवाओं से भी मुलाकात की। इन युवाओं ने बताया कि कंपनी के प्रशिक्षण और शिक्षा सहयोग के कारण उन्हें कोल इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों में रोजगार मिला और आज वे सफल करियर बना रहे हैं। रेड्डी ने कहा कि इस प्रकार की पहलें ग्रामीण और जरूरतमंद युवाओं को नए अवसर प्रदान कर रही हैं और देश के सामाजिक ढांचे को मजबूत बना रही हैं।
पर्यावरण संरक्षण और कम कार्बन उत्सर्जन पर भी जोर
हिन्दुस्तान जिंक पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी लगातार कार्य कर रही है। कंपनी कम कार्बन उत्सर्जन, जल संरक्षण और सतत विकास को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक उत्पादन प्रणाली पर काम कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भविष्य की इंडस्ट्री केवल उत्पादन क्षमता से नहीं बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी से भी तय होगी। उन्होंने हिन्दुस्तान जिंक के प्रयासों को भारत के हरित और टिकाऊ औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिल रहा बढ़ावा
दरीबा माइंस और स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स जैसे बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहे हैं। कंपनी ने क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों अवसर पैदा किए हैं। साथ ही स्थानीय व्यापार, परिवहन और अन्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिला है। हिन्दुस्तान जिंक का यह नेटवर्क राजस्थान के औद्योगिक विकास के साथ-साथ देश की खनिज आत्मनिर्भरता को भी मजबूत कर रहा है।
भारत के विकसित भविष्य की दिशा में अहम कदम
केंद्रीय मंत्री का यह दौरा केवल औद्योगिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारत के भविष्य के खनन और विनिर्माण मॉडल की झलक भी बनकर सामने आया। हिन्दुस्तान जिंक आज तकनीक, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। देश जब महत्वपूर्ण खनिजों, मजबूत सप्लाई चेन और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के नए दौर में प्रवेश कर रहा है, तब हिन्दुस्तान जिंक जैसी कंपनियां भारत को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती नजर आ रही हैं।



