
राजसमंद। Rajsamand Nagar Parishad election नगर परिषद चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी होते ही परिणामों का इंतजार शुरू हो गया है। हालांकि, नतीजे आने से पहले ही राजसमंद में सियासी हलचल तेज हो गई है। क्रॉस वोटिंग और जोड़-तोड़ की आशंका को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी की कवायद शुरू कर दी है। दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं और जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने प्रत्याशियों से व्यक्तिगत मुलाकात कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की और सभी को साथ रहने का संदेश दिया।
वहीं, मतदान के दौरान दो निर्दलीय प्रत्याशियों और भाजपा के एक प्रत्याशी के अचानक गायब होने की सूचना ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी। इनमें से एक भाजपा प्रत्याशी को पुलिस की मदद से तलाश लिया गया। घटनाक्रम के बाद चुनावी माहौल और भी दिलचस्प हो गया। मतदान खत्म होते ही भाजपा ने अपने सभी प्रत्याशियों को जिला कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिए। यहां जिला प्रभारी सुशील कटारा, जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल, विधायक दीप्ति माहेश्वरी और जिला महामंत्री महेंद्र सिंह सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रत्याशियों के साथ बैठक की। नेताओं ने सभी प्रत्याशियों से अलग-अलग चर्चा करते हुए चुनाव के बाद की परिस्थितियों पर मंथन किया और एकजुट रहने का संदेश दिया। प्रत्याशियों को शहर से बाहर ले जाने के लिए पार्टी की ओर से दो बसों की व्यवस्था भी की गई। देर रात बसों को किसी सुरक्षित स्थान के लिए रवाना करने की तैयारी की गई, ताकि परिणाम घोषित होने तक पार्टी अपने पार्षदों को एकजुट रख सके।
कांग्रेस ने मेवाड़ क्लब में की बैठक
Rajsamand municipal election result 2026 : दूसरी ओर कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशियों को मेवाड़ क्लब में एकत्र किया। यहां कांग्रेस प्रभारी दीपक व्यास, जिलाध्यक्ष आदित्य प्रतापसिंह चौहान, पूर्व सभापति अशोक टांक और पूर्व जिला प्रमुख नारायणसिंह भाटी की मौजूदगी में बैठक आयोजित हुई। पार्टी पदाधिकारियों ने प्रत्याशियों से एक-एक कर बातचीत की और चुनाव के बाद की रणनीति पर चर्चा की। सभी को एकजुट रहने और पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहने के निर्देश दिए गए।

निर्दलीय प्रत्याशियों पर टिकी नजर
Rajsamand BJP Congress candidates fencing : नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी कई बार बहुमत का आंकड़ा पूरा करने में निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी बनी हुई है। मतदान प्रक्रिया पूरी होने से ठीक पहले वार्ड 20 और वार्ड 44 के निर्दलीय प्रत्याशियों के अचानक गायब होने की सूचना ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया। बताया गया कि वार्ड 20 के प्रत्याशी विकास अग्रवाल और वार्ड 44 के प्रत्याशी हिम्मत मेहता मतदान केंद्र से अचानक गायब हो गए। उनके साथ भाजपा के एक प्रत्याशी के भी होने की सूचना सामने आई। इसके बाद भाजपा खेमे में हलचल मच गई और क्रॉस वोटिंग या विरोधी खेमे की ओर से सेंधमारी की आशंका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।
पुलिस की एंट्री से बढ़ी हलचल
Rajsamand election candidates missing : मामले की जानकारी मिलने पर विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस ने तीनों प्रत्याशियों की तलाश शुरू की। कुछ समय बाद पुलिस ने उन्हें तलाश लिया और सुरक्षित भाजपा जिला कार्यालय पहुंचाया। चुनाव परिणाम आने से पहले ही प्रत्याशियों की आवाजाही और बाड़ेबंदी ने राजसमंद की राजनीति को गरमा दिया है। अब सभी की नजर चुनाव परिणाम पर टिकी है और यह देखना दिलचस्प होगा कि बहुमत का आंकड़ा कौन सा दल पार करता है और निर्दलीय प्रत्याशी किस खेमे के लिए निर्णायक साबित होते हैं।



