
Rain Alert : राजस्थान में इन दिनों सूरज की तपिश और लू ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। गर्मी की तीव्रता इतनी प्रचंड है कि सड़कें तपती भट्टी में तब्दील हो गई हैं। बीकानेर में गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए सड़कों पर पानी की बौछारें की जा रही हैं, ताकि तपिश से कुछ राहत मिल सके। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों, यानी 14 जून तक, गर्मी और लू से किसी भी तरह की राहत की उम्मीद नहीं है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 21-22 जून के आसपास दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान में मानसून की दस्तक होने की संभावना है, जिससे झमाझम बारिश से गर्मी से निजात मिल सकती है।
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए दो जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है, जो गर्मी और लू के गंभीर खतरे को दर्शाता है। इसके अलावा, दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट और नौ जिलों में येलो अलर्ट लागू है। रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में लू का खतरा सबसे अधिक है, जिसके चलते लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है।
12 शहरों में गर्मी का कहर
Rajasthan ka Mosam : मंगलवार को जयपुर, भीलवाड़ा, अलवर, पिलानी सहित 12 शहरों में भीषण गर्मी ने लोगों को हलकान कर दिया। कोटा और भीलवाड़ा में इस गर्मी के मौसम का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। कोटा में पारा 46.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। इससे पहले 21 मई को कोटा में तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। जयपुर में भी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया, जहां अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इन शहरों में गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया।
गंगानगर बना सबसे गर्म क्षेत्र
Mosam : पिछले 24 घंटों में श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने श्रीगंगानगर को रेड जोन में चिह्नित किया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण यहां लू का खतरा चरम पर है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और बाजारों में ग्राहकों की संख्या न के बराबर है। स्थानीय लोग दिन के समय बाहर निकलने से बच रहे हैं और केवल सुबह-शाम ही आवश्यक कार्यों के लिए घर से बाहर कदम रख रहे हैं।
सोमवार रहा सबसे गर्म दिन
Weather Update : सोमवार को गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस दिन अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारां जिले का अंता कस्बा लगातार सबसे गर्म रहा। कुछ स्थानों पर तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके चलते सड़कों पर कर्फ्यू जैसे हालात बन गए। बाजारों में दिनभर सन्नाटा छाया रहा और केवल इक्का-दुक्का लोग ही दुकानों पर नजर आए। बिजली की आंखमिचौली ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया। हवा में नमी का स्तर 10% तक गिर गया, जिससे गर्मी और असहनीय हो गई। शाहाबाद कस्बे में भी तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जिसके कारण स्थानीय लोग गर्मी से बचने के लिए छायादार स्थानों की तलाश में रहे।
अस्पतालों में मरीजों की भीड़
तेज गर्मी और लू के कारण अस्पतालों में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार, ज्यादातर मरीज डिहाइड्रेशन, पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और लू से संबंधित समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने देना बेहद जरूरी है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, नारियल पानी, ओआरएस और अन्य हाइड्रेटिंग पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जा रही है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से देखभाल की जरूरत है, क्योंकि वे गर्मी और लू के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
मानसून की संभावित दस्तक
मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है कि 21-22 जून के आसपास दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान में मानसून प्रवेश कर सकता है। कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 15 जून से प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होंगी, जब पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर प्रभाव से कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। 16 जून को बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और कोटा संभाग में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 17-18 जून को कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में मूसलाधार बारिश की संभावना है। 20-25 जून तक मानसून पूरे राज्य में सक्रिय हो सकता है, जिससे गर्मी से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
पिछले दिनों की राहत और गर्मी की वापसी
जून का महीना आमतौर पर प्रचंड गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में ठंडक छा गई थी। तेज आंधी और हल्की बारिश ने चार दिनों तक गर्मी को गायब कर दिया था। इस दौरान लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली थी, लेकिन अब गर्मी ने फिर से अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की कमी और गर्म हवाओं का लगातार प्रवाह इस गर्मी की तीव्रता का प्रमुख कारण है।
गर्मी से बचाव के उपाय
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गर्मी और लू से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। लोगों को हल्के और सूती कपड़े पहनने, सिर को ढककर बाहर निकलने और दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक बाहर न रहने की सलाह दी गई है। इस दौरान लू का खतरा सबसे अधिक होता है। इसके अलावा, बार-बार पानी पीने, ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करने और धूप में ज्यादा देर तक रहने से बचने की हिदायत दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष देखभाल की जरूरत है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
स्थानीय प्रशासन की कोशिशें
गर्मी के इस कहर से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। बीकानेर में सड़कों पर पानी छिड़कने के साथ-साथ कई जगहों पर प्याऊ लगाए गए हैं, जहां लोग मुफ्त में ठंडा पानी पी सकते हैं। जयपुर, कोटा और अन्य शहरों में छायादार स्थानों और कूलिंग सेंटर की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मी से बचाव के लिए सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों को गर्मी और लू से बचाने के लिए उचित कदम उठाएं। खेतों में नियमित सिंचाई करने, फसलों को छाया प्रदान करने और मिट्टी की नमी को बनाए रखने के लिए उपाय करने की सलाह दी गई है। मानसून के आगमन से पहले फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान देना जरूरी है, ताकि फसल नुकसान से बचा जा सके।
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण राजस्थान में गर्मी की तीव्रता में लगातार वृद्धि हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ की कमी, गर्म हवाओं का लगातार प्रवाह और पर्यावरणीय असंतुलन इस साल तापमान वृद्धि के प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां और गंभीर हो सकती हैं, जिसके लिए दीर्घकालिक उपायों की जरूरत है। लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण और जल संरक्षण जैसे कदम उठाने चाहिए।
आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, 9 से 14 जून तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान 45-47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। इस दौरान दक्षिणी-पश्चिमी हवाएं 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी, जिससे लू का खतरा और बढ़ेगा। 11-12 जून को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, लेकिन कुछ स्थानों पर हल्की प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। 15 जून से कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में हल्की से मध्यम बारिश की शुरुआत होगी। 17-18 जून को दक्षिणी-पूर्वी और मध्य राजस्थान में मूसलाधार बारिश की संभावना है। 20-25 जून तक मानसून पूरे राज्य में सक्रिय हो जाएगा, जिसके बाद झमाझम बारिश से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
हीटवेव और मानसून का अपडेट
11 जून 2025: हीटवेव अलर्ट
- रेड अलर्ट: गंगानगर और हनुमानगढ़ में गंभीर हीटवेव की चेतावनी।
- ऑरेंज अलर्ट: चूरू और बीकानेर में भीषण गर्मी का खतरा।
- येलो अलर्ट: जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर, बूंदी, सीकर, अलवर, भरतपुर और दौसा में गर्मी और लू का प्रभाव।
- तापमान: गंगानगर में तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जो राज्य में सर्वाधिक रहा।
12 जून 2025: हीटवेव अलर्ट
- रेड अलर्ट: गंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर में हीटवेव की स्थिति गंभीर बनी रहेगी।
- ऑरेंज अलर्ट: चूरू में गर्मी का प्रभाव जारी।
- येलो अलर्ट: सलूंबर, जोधपुर, नागौर, जयपुर, बूंदी, सीकर, अलवर, भरतपुर और दौसा में लू का असर।
- स्थिति: गर्म हवाएं और तेज धूप के कारण जनजीवन प्रभावित।

13 जून 2025: हीटवेव अलर्ट
- ऑरेंज अलर्ट: गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और चूरू में गर्मी का कहर।
- येलो अलर्ट: सलूंबर, जोधपुर, नागौर, जयपुर, बूंदी, सीकर और अलवर में लू का प्रभाव।
- मौसम: तापमान 45-47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना, गर्म हवाएं 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी।
14 जून 2025: हीटवेव और बारिश का अलर्ट
- येलो अलर्ट (हीटवेव): गंगानगर और हनुमानगढ़ में गर्मी का प्रभाव, लेकिन हल्का कम होने की संभावना।
- येलो अलर्ट (बारिश): कोटा, बारां, झालावाड़ और बूंदी में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।
- मौसम की स्थिति: प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होंगी, जिससे कुछ क्षेत्रों में राहत मिल सकती है।
Aaj ka Temprature : राजस्थान के प्रमुख शहरों का तापमान
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
|---|---|---|
| अजमेर | 42.7 | 29.3 |
| भीलवाड़ा | 44.1 | 29.9 |
| अलवर | 44.6 | 30.4 |
| जयपुर | 44.2 | 31.8 |
| पिलानी | 44.6 | 25.5 |
| सिरोही | 42 | 26 |
| कोटा | 46.3 | 33 |
| चित्तौड़गढ़ | 45.4 | 28.4 |
| उदयपुर | 41.8 | 28.2 |
| बाड़मेर | 43.8 | 29.5 |
| जैसलमेर | 44.1 | 26.5 |
| जोधपुर | 43 | 29.8 |
| बीकानेर | 45.3 | 30.5 |
| चूरू | 45.5 | 28.5 |
| गंगानगर | 47.4 | 31.7 |
| हनुमानगढ़ | 43.9 | 27 |
| जालौर | 40.4 | 29.6 |
| फलौदी | 42.6 | 24.9 |
| करौली | 44.1 | 27.2 |
| डीसा | 44.3 | 28.9 |
| बूंदी | 43.4 | 27 |
| पाली | 41.8 | 28.5 |



