
Rain Alert : मानसून ने राजस्थान में अपनी धमाकेदार एंट्री के साथ ही मौसम का मिजाज बदल दिया है। 20 जून 2025 को जयपुर, कोटा, सीकर, दौसा, बूंदी, और भीलवाड़ा सहित कई जिलों में सुबह से ही रिमझिम और मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। इस बारिश ने जहां गर्मी से तपते राजस्थान को ठंडक प्रदान की, वहीं जलभराव, सड़क धंसने, और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आईं। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर ने 28 जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि राजस्थान के विभिन्न शहरों में बारिश ने क्या कहर बरपाया और क्या राहत दी। Weather Update
सड़कें धंसीं, गाड़ियां फंसी
Mosam : राजधानी जयपुर में शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे आसमान में अचानक काले बादल छाए, और देखते ही देखते मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इस तेज बरसात ने शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। मुहाना मंडी के पास बारिश के कारण सड़क धंस गई, जिसके चलते कई गाड़ियां इस गड्ढे में फंस गईं। मानसरोवर इलाके में भी सड़क धंसने से करीब 15 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिसने स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं।
गोपालपुरा बाईपास पर टीएन मिश्रा मार्ग और गंगा-जमुना पेट्रोल पंप के सामने सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। यह गड्ढा लगभग 60 फीट लंबा, 25 फीट चौड़ा, और 15 फीट गहरा है। इस घटना ने जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के बीच विवाद को जन्म दे दिया। जेडीए के अधीक्षण अभियंता दीपक माथुर का कहना है कि सड़क धंसने का कारण पीएचईडी की पानी की लाइन का टूटना है। वहीं, पीएचईडी के सहायक अभियंता का दावा है कि सड़क का निर्माण दोषपूर्ण था, जिसके कारण बारिश का पानी जमीन में रिसा और सड़क धंस गई।
प्रशासन ने इस सड़क की मरम्मत के लिए तत्काल कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पीएचईडी के अनुसार, पानी की लाइन की मरम्मत का कार्य शाम तक पूरा हो जाएगा, जिसके बाद जेडीए सड़क की修复ण शुरू करेगा। इस कार्य में करीब 2 दिन का समय लग सकता है। एमआई रोड पर भी बारिश के बाद जलभराव हुआ, जिसके कारण दोपहिया वाहन चालक पानी में फंस गए। जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर बारिश का पानी सड़कों पर बहता नजर आया, जिसने ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा कर दी।
सीकर: बाइक पानी में बही
Rajasthan ka Mosam : सीकर जिले के पलसाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर 2:10 बजे से करीब 30 मिनट तक मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान वार्ड-14 के कुमावतों का मोहल्ला में बारिश का पानी इतना तेज बहा कि एक बाइक पानी के साथ बह गई। स्थानीय लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बारिश के कारण नवलगढ़ रोड पर करीब 2 फीट पानी जमा हो गया, जिसके चलते ट्रैफिक को पूरी तरह बंद करना पड़ा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं, और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कोटा: बैराज का गेट खुला
Rajasthan Mansoon : कोटा में लगातार तीसरे दिन बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार सुबह 5:00 बजे से रुक-रुककर बारिश हो रही थी, जो सुबह 8:00 बजे तक जारी रही। इस बारिश ने शहर का मौसम सुहावना कर दिया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। बारिश के कारण कोटा बैराज में पानी की आवक बढ़ गई, जिसके चलते सुबह 7:00 बजे बैराज का एक गेट 3 फीट तक खोला गया। इस गेट से करीब 3723 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
कोटा बैराज की कुल भराव क्षमता 112.06 मिलियन क्यूबिक मीटर है, और वर्तमान में इसमें 108.80 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मौजूद है। मौसम विभाग ने अगले 3-4 घंटों में कोटा में तेज बारिश, आंधी, और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और सावधानी बरतने की अपील की है।
बूंदी: जर्जर दीवार ढही
बूंदी में लगातार बारिश के कारण पुरानी धान मंडी में एक जर्जर दीवार अचानक ढह गई। इस हादसे में दो बाइक और एक बोलेरो कार मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह दीवार लंबे समय से जर्जर थी, और कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने इसकी मरम्मत नहीं करवाई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने मलबा हटाने और प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए तत्काल कदम उठाए।
दौसा: रातभर बारिश, जलभराव की समस्या
Weather Update दौसा जिले में गुरुवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार सुबह तक जारी रहा। सुबह करीब 20 मिनट की तेज बारिश ने जिला मुख्यालय की सड़कों और निचले इलाकों को लबालब कर दिया। जलभराव के कारण कई कॉलोनियों में पानी भर गया, जिससे लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई। प्रशासन ने जल निकासी के लिए पंप लगाए और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू किए। मौसम विभाग ने दौसा में अगले कुछ घंटों में और बारिश की संभावना जताई है।

भीलवाड़ा: टेक्सटाइल सिटी तरबतर
टेक्सटाइल सिटी के नाम से मशहूर भीलवाड़ा में भी बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। शुक्रवार सुबह 7:00 बजे से करीब 30 मिनट तक तेज बारिश हुई, जिसके बाद रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने शहर के तापमान में कमी लाई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी देखी गई। प्रशासन ने जल निकासी के लिए तत्काल व्यवस्था की और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
बीसलपुर बांध: जलस्तर स्थिर
टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में पिछले 24 घंटों में 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह 6:00 बजे तक बांध का जलस्तर 312.45 RL मीटर पर स्थिर रहा। बांध की कुल जलभराव क्षमता 315.50 RL मीटर है, और वर्तमान में इसमें 19.814 टीएमसी पानी मौजूद है। जयपुर, अजमेर, और टोंक को पेयजल आपूर्ति के साथ-साथ वाष्पीकरण के कारण प्रतिदिन 2 सेमी पानी कम हो रहा है। बारिश के कारण बांध में पानी की आवक बढ़ने की उम्मीद है, जो पेयजल आपूर्ति के लिए शुभ संकेत है।
मानसून का दायरा: 20 से अधिक जिले प्रभावित
राजस्थान में मानसून की एंट्री को दो दिन हो चुके हैं, और इसका असर 20 से अधिक जिलों में देखा जा रहा है। गुरुवार को जयपुर जिले में 4 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि कोटा, भीलवाड़ा, बूंदी, और प्रतापगढ़ में 2 से 4 इंच तक पानी बरसा। फुलेरा में 113 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस सीजन की सबसे भारी बारिश में से एक है। झालावाड़, बारां, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, टोंक, अजमेर, और डूंगरपुर में भी अच्छी बारिश हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मानसून ट्रफ लाइन राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों से गुजर रही है, जिसके कारण अगले 3-4 दिन तक बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना भी है।
तापमान में गिरावट, कुछ जिलों में गर्मी बरकरार
लगातार बारिश के कारण अधिकांश जिलों में तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। कोटा में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अब केवल 3 डिग्री का अंतर रह गया है। हालांकि, जैसलमेर, बीकानेर, फलौदी, और गंगानगर में धूप निकलने के कारण तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। गुरुवार को जैसलमेर में अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे गर्म रहा।
21 और 22 जून 2025 के लिए बारिश का अलर्ट
- मौसम विभाग ने 21 और 22 जून 2025 के लिए राजस्थान के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है।
- येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी शामिल है।
- प्रभावित जिले:
- बूंदी, सीकर, दौसा, जयपुर, दौसा, अलवर, नागौर, अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, माउंट आबू, शाहपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बारा, बूंदी, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, सिरोही, राजसमंद, पाली।
- मानचित्र के आधार पर: राज्य के अधिकांश हिस्सों को पीले रंग से चिह्नित किया गया है, जो येलो अलर्ट का संकेत देता है।
- चेतावनी: लोगों को बाढ़ और जलभराव से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
23 जून 2025 के लिए बारिश का अलर्ट
- मौसम विभाग ने 23 जून 2025 के लिए भी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
- ऑरेंज अलर्ट: टोंक, सवाई माधोपुर, और बूंदी जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
- येलो अलर्ट: जोधपुर, बाड़मेर, और जैसलमेर सहित कुछ अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।
- मानचित्र के आधार पर: टोंक, सवाई माधोपुर, और बूंदी को नारंगी रंग से, जबकि जोधपुर, बाड़मेर, और जैसलमेर को पीले रंग से चिह्नित किया गया है।
- चेतावनी: भारी बारिश वाले क्षेत्रों में बाढ़, भूस्खलन, और यातायात बाधा की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।



