
Rain Alert : उदयपुर में स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। शहर के केंद्र से होकर बहने वाली आयड़ नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया, जिसके कारण कई लोग तेज बहाव में फंस गए। एकलिंगपुरा ब्रिज के नीचे से गुजर रही एक बस, जिसमें 30 से अधिक कॉलेज छात्र-छात्राएं सवार थे, पानी के बीच फंस गई। उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और स्थानीय ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए बस को धक्का देकर सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना ने सामुदायिक एकजुटता का उदाहरण पेश किया, लेकिन बारिश की तीव्रता को भी उजागर किया।
एफसीआई गोदाम के पास आयड़ नदी में एक युवक चट्टान पर 7.30 घंटे तक फंसा रहा। आर्मी और सिविल डिफेंस की संयुक्त टीम ने कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। करजाली हाउस कॉम्प्लेक्स में नदी का पानी घुसने से कॉलोनी डूब गई, और कई गाड़ियां पानी में बह गईं। निवासियों को छतों पर शरण लेनी पड़ी, जबकि सिविल डिफेंस ने कई लोगों को सुरक्षित निकाला।
मौसम विभाग की चेतावनी: रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
Rajasthan ka Mosam : मौसम विभाग ने रविवार के लिए बाड़मेर, जालोर और सिरोही में Red Alert जारी किया है, जो अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना को दर्शाता है। वहीं, जैसलमेर, जोधपुर, पाली, राजसमंद और उदयपुर में Orange Alert घोषित किया गया है, जो मध्यम से भारी बारिश का संकेत देता है। इसके अतिरिक्त, 11 अन्य जिलों में Yellow Alert जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 9 सितंबर से भारी बारिश का दौर कमजोर पड़ सकता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। यह राहत की खबर है, लेकिन वर्तमान स्थिति में सतर्कता और सावधानी अत्यंत आवश्यक है।
जवाई बांध में पानी की निकासी: 9 गेट खोले गए
Mosam : पाली जिले में जवाई बांध अपनी पूर्ण क्षमता तक भर गया, जिसके चलते प्रशासन ने शनिवार दोपहर चार गेट खोले। कुछ ही देर बाद पांच और गेट खोल दिए गए, लेकिन रात में दो गेट बंद कर दिए गए। शाम तक कुल 13 में से 9 गेट खोल दिए गए, जिन्हें 5-5 फीट तक उठाया गया। इससे पानी की निकासी तेजी से शुरू हुई, लेकिन आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया। बांध के गेट खुलने का नजारा देखने के लिए सैकड़ों लोग एकत्र हुए, जहां मंत्री जोराराम कुमावत और आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित भी मौजूद रहे।
राजसमंद में हाईवे क्षतिग्रस्त: यातायात ठप
Weather Update : राजसमंद के रिछेड़ क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण नेशनल हाईवे-162 (राजसमंद-जोधपुर) का आधा हिस्सा बह गया। इससे हाईवे को पूरी तरह बंद करना पड़ा, और यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। कुंभलगढ़ उपखंड में केलवाड़ा कस्बे में पुराना पटवार भवन ढह गया, जिससे सड़क पर मलबा फैल गया और आवागमन बाधित हुआ। आमेट में चंद्रभागा नदी के उफान से भीलवाड़ा को जोड़ने वाला रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया।
भीलवाड़ा और अजमेर में जलमग्न कॉलोनियां
Rajasthan me Barish : भीलवाड़ा में शनिवार सुबह तक लगातार बारिश के कारण कई कॉलोनियों और घरों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। मांडल क्षेत्र में नारायण मीणा का मकान ढह गया, लेकिन सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ। अजमेर के बोराज में अंबा नाड़ी ओवरफ्लो होने से पानी बोराज तालाब में पहुंचा, जहां पहले से ही पाल टूटी हुई थी। इससे स्वास्तिक नगर और रावत नगर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। निवासियों को बिजली और पानी की कमी का सामना करना पड़ा, और कई लोग सड़क पर बहते पानी में बर्तन धोते नजर आए।
कोटा और बारां में बिजली गिरने से हादसे
कोटा के रामगंजमंडी में कालियाखेड़ी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से किसान अशोक मीणा (40) की मौत हो गई। वह अपनी पत्नी के साथ खेत में चारा काट रहे थे, जब यह हादसा हुआ। बारां के शाहाबाद में गणेश विसर्जन के दौरान बरगद के पेड़ पर बिजली गिरी, जिससे पांच लोग झुलस गए। इन घटनाओं ने बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली के खतरों को उजागर किया।
वर्षा के आंकड़े: उदयपुर सबसे प्रभावित
पिछले 24 घंटों में वर्षा के आंकड़े चिंताजनक हैं। उदयपुर के गोगुंदा में 136 MM, सायरा में 81 MM, बड़गांव में 74 MM, झाड़ोल में 56 MM, भींडर में 58 MM, वल्लभनगर में 65 MM, कोटड़ा में 61 MM, नया गांव में 45 MM और गिर्वा व बारापाल में 47 MM वर्षा दर्ज की गई। बूंदी के हिंडौली में 53 MM, जालोर के आहोर में 61 MM, भाद्राजून में 52 MM, जालोर शहर में 54 MM, डूंगरपुर के बिच्छीवाड़ा में 60 MM और डूंगरपुर शहर में 47 MM पानी बरसा।
टोंक के देवली में 49 MM, पाली के सुमेरपुर में 90 MM, रानी में 88 MM, देसूरी में 50 MM, बाली में 43 MM, भीलवाड़ा के सहाड़ा में 59 MM, रायपुर में 41 MM, बागोर में 44 MM, राजसमंद के गिलुंड में 62 MM, देलवाड़ा में 70 MM, आमेट में 59 MM, गढ़बोर में 82 MM, कुंभलगढ़ में 49 MM, कुंवारिया में 57 MM, सवाई माधोपुर के खंडार में 57 MM, सिरोही के पिंडवाड़ा में 105 MM, शिवगंज में 71 MM, देलदर में 62 MM और चित्तौड़गढ़ के भोपालसागर में 50 MM वर्षा हुई।
मानसून ट्रफ का प्रभाव: भारी बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून ट्रफ वर्तमान में जैसलमेर, गुना, दमोह, पैंड्रा रोड, संबलपुर से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है। एक अन्य ट्रफ पंजाब से राजस्थान और गुजरात होते हुए अरब सागर तक जा रही है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान की सीमा पर बना वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम भी सक्रिय है। इन सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में 8 सितंबर तक भारी से अतिभारी बारिश की संभावना है।
अन्य क्षेत्रों में हादसे और बचाव कार्य
सीकर के नीमकाथाना में गणेश्वर गांव की सालावाली नदी पर बना एनीकट टूट गया, जिससे खेतों में पानी भर गया। धौलपुर में चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया, और पार्वती बांध के तीन गेट खोलकर 3301 क्यूसेक पानी निकाला गया। चित्तौड़गढ़ के कपासन में राजेश्वर सरोवर तालाब में पानी की आवक बढ़ी, और दोवनी गांव का नाला उफान पर आने से मार्ग बंद हो गया। ब्यावर में टॉडगढ़ से देवगढ़ का संपर्क टूट गया, और उदयपुर के ओगणा-झाड़ोल मार्ग पर रोयली नदी उफान पर रही।

सामाजिक और प्रशासनिक प्रयास
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अजमेर के स्वास्तिक नगर में प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। एक महिला ने भीगी किताबें दिखाकर अपनी व्यथा बताई। प्रशासन ने कई क्षेत्रों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया, और सिविल डिफेंस की टीमें राहत कार्यों में जुटी हैं। अजमेर में प्रभारी सचिव गायत्री राठौड़ ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
बारिश का अलर्ट
📌 7 सितंबर को बारिश का अलर्ट
- रेड अलर्ट (Red Alert): बाड़मेर, जालोर, सिरोही
- ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert): जैसलमेर, जोधपुर, पाली, राजसमंद, उदयपुर
- येलो अलर्ट (Yellow Alert): श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, नागौर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा
📌 8 सितंबर को बारिश का अलर्ट
- ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert): जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर
- येलो अलर्ट (Yellow Alert): जोधपुर, पाली, सिरोही



