
Rajsamand Heavy Rain : राजसमंद जिले में दो दिन से भारी बारिश के चलते भीम में कुकरखेड़ा पंचायत के फुलसागर तालाब की पाल के टुटने का खतरा मंडराने पर पुलिस, प्रशासन शनिवार शाम को ही मौके पर पहुंच गया और चार गांव खाली करवा दिए। साथ ही सिंचाई विभाग, एसडीआरएफ व आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीम मौके पर पहुंच गई। संभावित प्रभावित गांवो से 610 लोगों को वैकल्पिक तौर पर सरकारी स्कूलों व अन्य भवनों में शिफ्ट किया है। मिट्टी के कट्टे डालकर पाल को मजबूत कर दिया और बारिश रूकने से फिलहाल खतरा टल गया है। एतियातन प्रशासन मौके पर तैनात है और लोगों से समझाइश जारी है।
Fulsagar Talab Damaged Rajsamand भीम तहसीलदार मनोज जैन ने बताया कि बरार, कुकरखेड़ा क्षेत्र में दो दिन की भारी बारिश के चलते ओवरफ्लो बड़ा तालाब पर तीन फीट की चादर चलने लगी और ताल का स्टेट हाइवे भी जलमग्न हो गया। साथ ही पानी की तेज होने से कुकरखेड़ा पंचायत के कालेटरा गांव में स्थित फुलसागर तालाब लबालब होकर ओवरफ्लो हो गया। साथ ही एक जगह तालाब की पाल क्षतिग्रस्त हो गई। इसकी सूचना बाढ़ नियंत्रण कक्ष के साथ भीम थाने में दी गई। इस पर भीम थाना प्रभारी भंवरलाल कुमावत शनिवार दोपहर मय जाब्ते के घटना स्थल पर पहुंचे और तालाब फुटने का खतरा होने से कई गांवों के डूबने का खतरे को लेकर प्रशासन को अवगत कराया। इस पर राजसमंद से अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर, एएसपी महेंद्र पारीक, भीम तहसीलदार मदनलाल, नायब तहसीलदार पन्नासिंह रावत, डीएसपी पारस चैधरी, जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता मानसिंह, कुकरखेड़ा प्रशासक ख्यालीदेवी रावत, पूर्व सरपंच घीसुलाल के साथ एसडीआरएफ व सिविल डिफेंस टीम मौके पर पहुंच गए। साथ ही तालाब फुटने से संभावित खतरे को देखते हुए आपातो का बाड़िया, ओडिया, मोडा काकर, गोमा का बाड़िया में घर घर जाकर लोगों को अलर्ट कर दिया और पानी के खतरे को देखते हुए सरकारी स्कूल, सामुदायिक भवन, अन्य घरों व एक ग्रेनाइट खदान में वैकल्पिक तौर पर शिफ्ट किया गया। रातभर एसडीआरफ टीम, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग, नगरपालिका भीम, ग्राम पंचायत कुकरखेड़ा के कार्मिक, अधिकारी रातभर मौके पर रहे। राहत की बात यह है कि रात से ही बारिश का दौर रूक गया, जिससे ऊपर के इलाके से पानी की आवक कम हो गई। इस कारण बहाव कम होता गया। साथ ही बारिश रूकने से रेत व मिट्टी के कट्टे डाल दिए गए और जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों ने अब हालात नियंत्रित और सुरक्षित बताए हैं। हालांकि इसके चलते पूरा प्रशासन, स्वयंसेवकों की टीम, नरेगा श्रमिक सहित ग्रामवासी मौके पर राहत कार्य में जुटे हुए हैं।

पिकअप, लारी, गेंती- फावड़ा आदि जुटाए

Rajsamand Flood News तालाब फुटने के खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग के एक्सईएन मानसिंह के साथ आमेट, भीम, देवगढ़ व राजसमंद की टीम को बुला लिया। आपदा से निबटने के लिए 10 पिकअप, लारी, गेंती, फावड़ा, स्वयंसेवकों की फौज का अलर्ट कर दिया। ग्रामवासी भी प्रशासन के साथ मिलकर विभिन्न व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। रात को तालाब के ऊपर शनिवार रात को डेढ़ को ओवरफ्लो चल रहा था, जहां अब डेढ़ इंच का ओवरफ्लो रह गया।
मौके पर पहुुंचाई खाद्य व राहत सामग्री

Bhim Rajsamand Talab Overflow कुकरखेड़ा गांव में तालाब फुटने के खतरे को लेकर पुलिस, प्रशासन, राजस्व टीम, स्वयंसेवक, ग्रामवासी, श्रमिक, एसडीआरफ, सिविल डिफेंस व प्रभावित ग्रामीणों के लिए खाद्य सामग्री पहुुंचाई गई। आपदा प्रबंधन में जुटी टीम ने भी तालाब किनारे ही चाय, नाश्ता व भोजन किया।
पांच माह पहले तालाब सिंचाई विभाग के हवाले
SDRF Rescue Rajsamand सिंचाई विभाग एक्सईएन मानसिंह ने बताया कि मई 2025 में ग्राम पंचायत कुकरखेड़ा द्वारा यह तालाब सिंचाई विभाग को हैंडओवर किया है। तालाब आजादी से भी पुराना है और पक्की मरम्मत ग्राम पंचायत द्वारा नहीं करवाई। फिलहाल खतरे को देखते हुए मिट्टी के कट्टे डलवाते हुए आवश्यक प्रबंध किए है। अब पाल की मरम्मत के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा, जहां से बजट स्वीकृत होने मरम्मत की जाएगी।

— तालाब की स्थिति एक नजर में —-
फुलसागर तालाब
केचमेंट गांव – कुकरखेड़ा, कालेटरा, चालीस मील, मल्याथड़ी
प्रभावित गांव – आपातो का बाड़िया, ओड़िया, मोडा काकर, गोमा का बाड़िया, कालादेह, समेलिया, भोपालसागर, भीलवाड़ा जिले के नीलवा सहित आधा दर्जन गांव
तालाब की भराव क्षमता – 9 एमसीएफटी
तालाब का गेज – 12.5 फीट
तालाब फुटने का खतरा टला, परिवार शिफ्ट

Rajsamand Villages Evacuated कुकरखेड़ा गांव में फुलसागर तालाब की पाल डैमेज हो गई। रात को अतिरिक्त जिला कलक्टर, एएसपी, एसडीआरएफ व सिविल डिफेंस टीम मौके पर पहुंच गए। पाल जिस जगह डैमेज थी, वहां पाल को ठीक कर लिया है। मिट्टी के कट्टे डाले गए है। ऊपर से पानी की आवक कम होने व बारिश रूकने से काफी राहत मिली है। एक बार तो खतरा टल गया है।
मानसिंह, एक्सईएन सिंचाई विभाग राजसमंद



