
Holi Accident News : घर- परिवार के साथ होली खेलने की खुशियां एक परिवार पर मातम बन गई। पैतृक गांव लौट रहा परिवार खुशियों और उम्मीदों से भरा था। माता-पिता अपने दो बेटों को गोद में लेकर गांव पहुंचने के सपने देख रहे थे, जहां दादा-दादी व रिश्तेदारों के साथ होली मनाने की तैयारी थी। किसी को क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी की आखिरी मुस्कान साबित होगा। अचानक भीषण सड़क हादसे में मां- बाप की गोद में बैठे दो मासूम भाईयो ने दम तोड़ दिया, जबकि माता पिता अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। हादसे में 6 लोगों की माैत हो गई और मौके पर चीख-पुकार, टूटे कांच और बिखरे सपनों का मंजर देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। जो सफर होली की खुशियों के लिए शुरू हुआ था, वह मातम में बदल गया। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ एक परिवार की दुनिया छीन ली, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया।

Bus Accident Story : यह दु:खद कहानी जालोर जिले के बागोड़ा के राऊता निवासी नर्सिंग ऑफिसर धारूराम के दोनों बेटे शिवराज (3) व युवराज (6) के परिवार की है। वह उसकी पत्नी व दोनों बेटो के साथ पैतृक गांव में परिवार के साथ होली मनाने के लिए पोकरण अस्पताल से छुट्टी लेकर रवाना हुआ था। हादसे में धारूराम व उनकी पत्नी भी गंभीर घायल होकर जोधपुर अस्पताल में उपचाररत है। बालोतरा एसडीएम अशोक कुमार के अनुसार बस चालक आगे चल रही दो गाड़ियों को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, तभी सामने से आ रहे ट्रेलर से टक्कर हो गई।
Balotara road accident : दुर्घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस के कांच टूट गए थे और चारों ओर चीख-पुकार मची हुई थी। कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कुछ शव क्षत-विक्षत हालत में मिले। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे का मंजर इतना भयावह था कि कई लोग बेहोश हो गए। होली से पहले आई इस दर्दनाक खबर ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। जहां एक ओर गांव में रंगों की तैयारी थी, वहीं अब मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है।

हादसे में 6 लोगों की हुई थी मौत
Road accident in rajasthan : दुर्घटना में कुल 6 लोगों की मौत हुई थी। उनकी पहचान चितलवाना, जालौर निवासी नरपत (50) पुत्र सदाराम, बोडवा, सायला निवासी नगाराम (38) पुत्र पानाराम देवासी, दांता (सांचोर) निवासी अनुष्का (22) पुत्री भगवानाराम विश्नोई, राऊता, बागोड़ा निवासी धारूराम के 3 वर्षीय बेटा शिवराज व 6 वर्षीय बेटा युवराज और भाखरपुरा, गुडामालानी निवासी श्रवण (35) पुत्र कानाराम के रूप में हुई। शनिवार को इनके शव के पोस्टमार्टम करवाए गए।
हादसे की दर्दभरी कहानियां | एक हादसा, कई उजड़े घर
🟨 🎓 घर लौट रही थी अनुष्का, होली से पहले बुझ गया सपना
Rajasthan police : जोधपुर में बीएड की पढ़ाई कर रही अनुष्का होली की छुट्टियों में अपने गांव दांता लौट रही थी। भाई शंकर विश्नोई उसे लेने सीकर से जोधपुर आया था, जहां वह नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। दोनों भाई-बहन खुशियों के साथ घर जाने निकले थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सब खत्म कर दिया। भाई सुरक्षित बच गया, मगर बहन की यादें हमेशा के लिए दिल में बस गईं।

🟨 🏥 रिश्तेदार से मिलकर लौट रहे नगाराम, घर पहुंचने से पहले छूट गया साथ
सायला क्षेत्र के बोड़वा निवासी नगाराम (38) अपनी साली से मिलने जोधपुर एम्स गए थे। परिवार से मिलकर लौटते समय वे बस के स्लीपर कोच में बैठे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनका आखिरी सफर बन जाएगा। पीछे दो बेटियां और एक बेटे का परिवार छोड़ गए नगाराम की मौत से घर में मातम छा गया।
🟨 👨👩👧 परिवार का सहारा थे नरपत, जिम्मेदारियों के बीच थम गई जिंदगी
जोधपुर में एलडीसी पद पर कार्यरत नरपत विश्नोई परिवार के बड़े बेटे थे और घर की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। मिलनसार और मेहनती स्वभाव के कारण वे पूरे परिवार की उम्मीद थे। हादसे ने अचानक परिवार से उनका सहारा छीन लिया और खुशहाल घर में सन्नाटा पसरा गया।



