
IRAN ISRAEL WAR : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब और ज्यादा खतरनाक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। जंग का आज आठवां दिन है और इस बीच अमेरिका की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शनिवार को Fox News से बातचीत में कहा कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा। उनके इस बयान ने पूरे Middle East में तनाव को और बढ़ा दिया है।
बेसेंट के मुताबिक इस बड़े हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान के missile launchers, मिसाइल निर्माण इकाइयों और उससे जुड़े सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने दावा किया कि यह सैन्य कार्रवाई ईरान की मिसाइल क्षमता को गंभीर रूप से कमजोर करने के लिए की जाएगी। अमेरिका का कहना है कि ईरान लंबे समय से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और अब उसे निर्णायक जवाब देने का समय आ गया है।
मेहराबाद एयरपोर्ट पर देर रात हवाई हमला, तेहरान में मची अफरा-तफरी
MEHRABAD AIRPORT ATTACK : इसी बीच शुक्रवार देर रात ईरान की राजधानी तेहरान के प्रमुख मेहराबाद एयरपोर्ट पर जोरदार हवाई हमला हुआ। हमले के बाद एयरपोर्ट के आसपास आग की ऊंची लपटें और धुएं का विशाल गुबार उठता दिखाई दिया। यह घटना ऐसे समय हुई, जब पहले से ही ईरान-इजराइल संघर्ष चरम पर है। स्थानीय लोगों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाकों में भी उसकी आवाज सुनाई दी। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एयरपोर्ट के रनवे के पास खड़े कुछ विमान आग की चपेट में आ गए। हालांकि अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हमले में कितना नुकसान हुआ और कितनी सैन्य या नागरिक संपत्ति प्रभावित हुई। अधिकारियों की ओर से भी तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। फिर भी, यह हमला इस बात का संकेत माना जा रहा है कि इजराइल अब ईरान के रणनीतिक ठिकानों को सीधे निशाना बना रहा है।

रूस पर भी बड़ा आरोप, ईरान को दे रहा है खुफिया मदद
TEHRAN AIRPORT STRIKE NEWS : इस जंग के बीच एक और गंभीर दावा सामने आया है। खबर है कि रूस, ईरान को खुफिया स्तर पर मदद दे रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार मॉस्को ने ईरान को targeting intelligence उपलब्ध कराई है, जिसमें मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों, सैन्य विमानों और अहम रक्षा ठिकानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है। Washington Post ने तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि रूस ईरान को ऐसी सूचनाएं दे रहा है, जिनकी मदद से वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सके। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह युद्ध केवल अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान की लड़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें बड़ी वैश्विक शक्तियों का अप्रत्यक्ष टकराव भी शामिल माना जाएगा।
भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका ईरान का युद्धपोत
US ISRAEL IRAN CONFLICT : इस संघर्ष के बीच ईरान का एक युद्धपोत IRIS लावन भारत में रुका हुआ है। सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस युद्धपोत में 28 फरवरी को तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके बाद ईरान ने भारत से सहायता मांगी। इसके बाद भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी और यह 4 मार्च को बंदरगाह पर पहुंच गया। बताया गया है कि जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि IRIS लावन हाल ही में भारत में आयोजित International Fleet Review (IFR) 2026 और Milan 2026 naval exercise में शामिल हुआ था, जो 15 से 25 फरवरी के बीच आयोजित किए गए थे। इससे पहले अमेरिका ने भारत से लौट रहे एक अन्य ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबो दिया था। उस हमले में 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत हुई थी। ऐसे में भारत में मौजूद ईरानी युद्धपोत को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
जंग से जुड़े बड़े अपडेट्स ने बढ़ाई चिंता
IRAN MISSILE LAUNCHERS TARGETED : संघर्ष से जुड़े कई बड़े घटनाक्रम एक के बाद एक सामने आ रहे हैं, जिससे हालात और गंभीर दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका ने इजराइल को लगभग 151.8 million dollar के हथियार देने की घोषणा की है। वहीं ट्रम्प ने अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मुजतबा को संभावित उत्तराधिकारी मानने से इनकार कर दिया है। दूसरी ओर, हमलों से जुड़े आंकड़े और भी भयावह तस्वीर पेश कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान में अब तक 1332 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान में 1300 से अधिक हमले होने का दावा किया गया है, जिनमें 14 मेडिकल सेंटर भी निशाना बने। कई इलाकों में पानी और बिजली की सप्लाई बाधित है। साथ ही, यह दावा भी किया गया है कि ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर तबाह कर दिए गए हैं। उधर ईरान ने भी आरोप लगाया है कि उसने कुवैत, बहरीन और UAE में मौजूद 20 अमेरिकी बेस को नुकसान पहुंचाया है।
दुबई एयरपोर्ट के ऊपर मंडराते विमान, क्षेत्रीय हवाई यातायात पर असर
संघर्ष का असर अब केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि एयर ट्रैफिक पर भी साफ नजर आने लगा है। Flightradar24 के अनुसार दुबई जाने वाली कई उड़ानें एयरपोर्ट के ऊपर holding pattern में चक्कर काटती दिखीं। उन्हें तत्काल उतरने की अनुमति नहीं मिली। दुबई मीडिया ऑफिस ने बताया कि इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे के कारण एक मामूली घटना हुई थी। हालांकि अधिकारियों ने यह भी कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इसके बावजूद यह साफ हो गया है कि युद्ध की आंच अब खाड़ी देशों के नागरिक ढांचे और हवाई संचालन तक पहुंचने लगी है।
ट्रम्प कर रहे सीमित जमीनी सैन्य विकल्पों पर विचार
एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रम्प ईरान में जमीन पर अमेरिकी सैनिक भेजने के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं। हालांकि यह कोई बड़ा full-scale invasion नहीं होगा, बल्कि सीमित संख्या में सैनिकों को strategic missions के लिए भेजने की योजना पर चर्चा हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के सहयोगियों और रिपब्लिकन नेताओं के साथ बैठकों में ईरान के भविष्य और युद्ध के बाद की स्थिति पर भी चर्चा की। सूत्रों का कहना है कि ट्रम्प ने वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तेल क्षेत्र में संभावित सहयोग का भी जिक्र किया। हालांकि फिलहाल इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
ट्रम्प की हत्या की साजिश मामले में पाकिस्तानी व्यक्ति दोषी करार
अमेरिका में एक संघीय जूरी ने एक पाकिस्तानी नागरिक को राष्ट्रपति ट्रम्प समेत कई अमेरिकी अधिकारियों की हत्या की साजिश रचने के मामले में दोषी ठहराया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस साजिश के पीछे ईरान समर्थित तत्वों का हाथ था। आसिफ मर्चेंट नाम के इस व्यक्ति पर आरोप था कि उसने अमेरिका में राजनीतिक हत्याएं कराने के लिए भाड़े के हत्यारों को नियुक्त करने की कोशिश की। अभियोजन पक्ष के मुताबिक वह Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) से प्रशिक्षित ऑपरेटिव था। अदालत ने उसे murder for hire और अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी कार्रवाई की कोशिश जैसे गंभीर आरोपों में दोषी माना। अब उसे उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। एफबीआई ने कहा कि यह फैसला इस बात की याद दिलाता है कि ईरान से जुड़े खतरे अमेरिकी धरती तक पहुंचने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन जांच एजेंसियां ऐसे हर प्रयास को विफल करने के लिए सक्रिय हैं।
अमेरिकी सैनिकों की शव वापसी कार्यक्रम में ट्रम्प और मेलानिया होंगे शामिल
ईरान के साथ संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की शव वापसी के कार्यक्रम में राष्ट्रपति ट्रम्प, उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प शामिल होने वाले हैं। यह कार्यक्रम डोवर वायु सेना अड्डे पर आयोजित किया जाएगा। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार यह कार्यक्रम युद्ध में मारे गए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा गया है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि युद्ध में अमेरिका की सैन्य क्षति अब घरेलू राजनीति और जनभावना को भी प्रभावित करने लगी है।
लेबनान में इजराइली सैनिकों और हिजबुल्लाह के बीच भीषण झड़प
ईरान-इजराइल युद्ध के समानांतर लेबनान मोर्चे पर भी तनाव बढ़ गया है। हिजबुल्लाह ने पुष्टि की है कि लेबनान की पूर्वी बेक्का घाटी में उसके लड़ाकों और इजराइली सैनिकों के बीच झड़प हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइली सेना के हेलीकॉप्टर सीरिया की दिशा से आए और सैनिकों को उतारा गया, जिसके बाद नबी शीत इलाके में आमना-सामना हुआ। हिजबुल्लाह का कहना है कि उसके लड़ाकों ने इजराइली सैनिकों को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद लड़ाई तेज हो गई। इजराइली सेना ने जवाब में भारी हवाई हमले किए। बाद में पीछे हटते समय सैनिकों पर रॉकेट भी दागे गए। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इन हमलों में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई।
अमेरिका का दोहराया दावा- ईरान पर सबसे बड़ा हमला आज रात
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दोबारा यह दावा किया कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा। उनके मुताबिक यह हमला मिसाइल लॉन्चर, हथियार फैक्ट्रियों और सैन्य ढांचे को गंभीर क्षति पहुंचाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान वैश्विक आर्थिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है। बेसेंट ने विशेष रूप से Hormuz Strait का जिक्र किया, जिसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस मार्गों में गिना जाता है। उनका कहना था कि इस जलडमरूमध्य पर ईरान का प्रभाव वैश्विक बाजारों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। यही कारण है कि अमेरिका इस बार केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रहना चाहता।
इजराइल का दावा- ईरान ने मिसाइलों की नई खेप दागी
इजराइली सेना ने कहा है कि ईरान की ओर से एक बार फिर नई मिसाइलें दागी गई हैं। इसके बाद देश की air defense systems को सक्रिय कर दिया गया। जिन क्षेत्रों पर खतरा मंडरा रहा था, वहां रहने वाले लोगों को मोबाइल फोन पर अलर्ट भी भेजे गए। इजराइली सेना का कहना है कि उसकी रक्षा प्रणालियां लगातार incoming missiles को intercept करने की कोशिश कर रही हैं। यह घटनाक्रम दिखाता है कि दोनों देशों के बीच missile exchange लगातार जारी है और स्थिति हर घंटे बदल रही है।
सऊदी अरब, पाकिस्तान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर नई कूटनीतिक हलचल
सऊदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान अल सऊद ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से मुलाकात की। बताया गया कि इस बैठक में ईरान की क्षेत्रीय गतिविधियों और सऊदी सुरक्षा पर उनके प्रभाव को लेकर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया। यह बैठक बताती है कि युद्ध अब केवल सैन्य संघर्ष नहीं रहा, बल्कि इसके कारण व्यापक regional diplomacy और सुरक्षा समीकरण भी तेजी से बदल रहे हैं।
लेबनान पर इजराइली हमले, मौतें और घायलों की संख्या बढ़ी
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बेक्का क्षेत्र में इजराइल के हवाई हमलों में कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 लोग घायल हुए हैं। नबी चित गांव पर हुए हमले के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। इस हमले की विस्तृत सैन्य पृष्ठभूमि अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह साफ है कि लेबनान फ्रंट भी अब गंभीर युद्ध क्षेत्र में बदलता जा रहा है।
इजराइल को आपात सैन्य पैकेज देगा अमेरिका
अमेरिकी विदेश विभाग ने इजराइल को लगभग 151.8 million dollar के हथियार और सैन्य सहायता बेचने की संभावित मंजूरी दे दी है। विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इसे emergency package बताया और कहा कि यह अमेरिका की विदेश नीति तथा राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप है। इस पैकेज में BLU-110A/B general purpose bombs, लॉजिस्टिक सहायता और अन्य सपोर्ट सेवाएं शामिल होंगी। इससे साफ है कि अमेरिका इजराइल को इस युद्ध में दीर्घकालिक सैन्य समर्थन देने के मूड में है।
ईरान पर कई देशों को निशाना बनाने का आरोप
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान अब तक 13 देशों को किसी न किसी रूप में निशाना बना चुका है। इनमें इजराइल के अलावा UAE, कतर, बहरीन, जॉर्डन, इराक, कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, साइप्रस, सीरिया, तुर्किए और अजरबैजान शामिल बताए जा रहे हैं। अमेरिकी सेना का यह भी कहना है कि जंग के दौरान ईरान के 30 से अधिक जहाज डुबो दिए गए हैं, जिनमें एक ड्रोन लॉन्चिंग प्लेटफॉर्म के रूप में इस्तेमाल होने वाला जहाज भी शामिल है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी।
न्यूयॉर्क तक पहुंची जंग की राजनीतिक गूंज
न्यूयॉर्क के वॉशिंगटन स्क्वायर पार्क में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की याद में एक सभा आयोजित की गई, जहां कुछ लोग अमेरिका और इजराइल विरोधी नारे लगा रहे थे। दूसरी ओर इजराइल समर्थक और ईरान विरोधी प्रदर्शनकारी भी वहां पहुंच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। इस घटना से स्पष्ट है कि यह जंग केवल Middle East तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी राजनीतिक और भावनात्मक गूंज दुनिया के अन्य हिस्सों में भी महसूस की जा रही है।
ट्रम्प का कड़ा संदेश- बिना शर्त सरेंडर करे ईरान
ट्रम्प ने कहा कि ईरान को बिना शर्त surrender करना चाहिए, तभी किसी समझौते की संभावना बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के भविष्य को लेकर निर्णायक स्थिति में है। ट्रम्प की प्रेस सचिव ने बाद में स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह है कि ईरान या तो औपचारिक आत्मसमर्पण करे या इस स्थिति में पहुंच जाए कि वह आगे किसी प्रतिक्रिया में सक्षम न रहे। ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि वह ईरान में अगला नेतृत्व कैसा हो, इस पर प्रभाव रखना चाहते हैं। हालांकि संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने इसे सीधे खारिज करते हुए कहा कि ईरान एक संप्रभु देश है और उसके लोग ही अपने नेता का चुनाव करेंगे।
तेहरान में सुबह-सुबह फिर धमाके, सऊदी अरब में ड्रोन हमले नाकाम
ईरानी मीडिया ने शनिवार सुबह तेहरान में कई बड़े धमाकों का दावा किया। सोशल मीडिया और स्थानीय वेबसाइटों पर साझा किए गए वीडियो में कई इलाकों से धुएं और विस्फोट के दृश्य नजर आए। हालांकि स्वतंत्र रूप से इन वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी। दूसरी ओर, सऊदी अरब ने दावा किया कि उसकी सेना ने दक्षिणी रेगिस्तानी क्षेत्र की ओर बढ़ रहे चार ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। इससे पहले एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी रास्ते में इंटरसेप्ट करने की बात कही गई थी। इससे संकेत मिलता है कि युद्ध का दायरा अब और देशों को भी अपनी चपेट में ले रहा है।
कतर पर ड्रोन हमला, 10 में से 9 मार गिराए गए
कतर के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि शुक्रवार को ईरान की ओर से कुल 10 ड्रोन भेजे गए। इनमें से 9 को कतर की air defense system ने मार गिराया, जबकि एक ड्रोन निर्जन इलाके में गिर गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं आई।



