
Rajsamand gravel mining : जिले में करीब दो साल से अटकी बजरी खनन प्रक्रिया अब रफ्तार पकड़ने जा रही है 172 हेक्टेयर क्षेत्र की तीन बजरी लीजों को इसी सप्ताह कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) की स्वीकृति मिलने की संभावना है। इसके साथ ही जिले में लंबे इंतजार के बाद वैध बजरी खनन शुरू हो सकेगा। वैध खनन शुरू होने से बजरी की कीमतों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और प्रति 3 टन पर करीब 500 से 1000 रुपए तक कमी आ सकती है। अभी तक वैध खनन शुरू नहीं होने से जिले में अवैध खनन बड़े स्तर पर फल-फूल रहा है। बनास, गोमती, चंद्रभागा, खारी और कोठारी नदियों सहित विभिन्न बरसाती नालों में खनन माफिया सक्रिय हैं। मशीनों के जरिए बजरी निकालकर ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपरों से परिवहन किया जा रहा है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान और आमजन को महंगी बजरी का सामना करना पड़ रहा है।
12 में से सिर्फ 3 लीज को ही मिली पर्यावरण मंजूरी, 9 अब भी अटकी
Rajsamand sand mining : खनन विभाग ने करीब दो साल पहले जिले में 12 छोटी बजरी लीजों का आवंटन किया था, ताकि वैध खनन शुरू कर बाजार में आपूर्ति बढ़ाई जा सके। योजना के तहत कीमतों में कमी लाने का लक्ष्य था, लेकिन पर्यावरण स्वीकृति में देरी के चलते अब तक केवल 3 लीजों को ही मंजूरी मिल पाई है, जबकि 9 लोगें अब भी लंबित हैं। पीपली आचार्यान में 75 हेक्टेयर, मोही में 37 हेक्टेयर और भाटोली में 60 हेक्टेयर क्षेत्र की तीनों लीजों को पर्यावरण स्वीकृति मिलने के बाद अब कंसेंट टू ऑपरेट के लिए भेजा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार एक-दो दिन में इनकी अंतिम मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। संबंधित लीजधारकों ने सिक्योरिटी राशि भी जमा करवा दी है।
अवैध खनन बड़ी चुनौती, कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रही गतिविधि
legal bajri mining Rajasthan : वैध लीजें शुरू नहीं होने के कारण खमनोर, नाथद्वारा, केलवा, नमाणा, मोही, राज्यावास ओड़ा सहित कई क्षेत्रों में अवैध खनन तेजी से बढ़ा है। पुलिस, परिवहन, राजस्व, खनिज और वन विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन ठोस समाधान वैध खनन शुरू होने के बाद ही संभव होगा। समय-समय पर ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर जब्त किए जा रहे हैं, फिर भी अवैध गतिविधियां थम नहीं रही हैं।

करोड़ो रूपए जमा, फिर भी खनन शुरू नहीं
Rajsamand illegal mining : खनन विभाग ने 12 लीजों के लिए ऑनलाइन नीलामी के जरिए लीजधारकों से करोड़ों रुपए जमा करवा दिए लेकिन पर्यावरण स्वीकृति नहीं मिलने के कारण खनन शुरू नहीं हो सका। इससे निवेशकों में भी असंतोष है और सरकार की राजस्व प्राप्ति प्रभावित हो रही है।
वैध खनन शुरू होने के बाद बाजार में बजरी की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे कीमतों में गिरावट आएगी। वर्तमान में कृत्रिम कमी और अवैध खनन के चलते बजरी महंगे दामों पर बिक रही है। कीमत कम होने से निर्माण कार्यों को भी गति मिलेगी
अवैध खनन पर लगेगी रोक
Rajsamand mining lease news : तीन लीजों को पर्यावरण स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही कंसेंट टू ऑपरेट भी इसी सप्ताह के अंत तक जारी हो जाएगा। वैध खनन शुरू होते ही अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और आमजन को सस्ती दरों पर बजरी उपलब्ध हो सकेगी।
ललित बारा, एमई द्वितीय, खनन विभाग राजसमंद



