
Nathdwara Mothers Day Campaign : राजसमंद जिले के नाथद्वारा में मदर्स डे के अवसर पर रविवार को प्रकृति संरक्षण, स्वच्छता और नारी सम्मान को समर्पित विशेष अभियान आयोजित किया गया। श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत की प्रेरणा तथा नगर पालिका के आह्वान पर “प्रकृति मां के नाम” वृक्षारोपण और सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों और नगरवासियों ने भाग लिया।
Rajsamand Environmental Campaign : कार्यक्रम के तहत गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान मंदिर मंडल अधिकारियों, नगर पालिका कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मिलकर श्रमदान किया। सभी ने परिक्रमा मार्ग पर फैले प्लास्टिक और अन्य कचरे को हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया। अभियान के दौरान लोगों से सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने और पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने की अपील भी की गई। मदर्स डे के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर पौधे भी लगाए गए। अभियान का उद्देश्य लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करना और हरियाली बढ़ाने का संदेश देना था। इसके साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए पक्षियों के लिए परिंडे और घोंसले भी बांधे गए। आयोजकों ने लोगों से पक्षियों और पर्यावरण के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।
महिला सफाईकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ का सम्मान
Nature Mother Tree Plantation Nathdwara : कार्यक्रम के दौरान महिला सफाईकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ का सम्मान कर उनके योगदान की सराहना की गई। इस मौके पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। आयोजकों ने कहा कि समाज में स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनके सम्मान से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और नारी सम्मान के प्रति जागरूक रहने की शपथ ली। Nathdwara Plantation News

ये लोग रहे मौजूद
Giriraj Parikrama Cleanliness Drive : इस अवसर पर मंदिर मंडल सीईओ जितेंद्र कुमार पंड्या, मंदिर अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, लीलाधर पुरोहित, कल्पित जोशी, नगर पालिका आयुक्त सौरभ कुमार जिंदल, भाजपा जिला महामंत्री प्रदीप काबरा, डॉ. बीएल जाट, डॉ. नवीन जांगिड़ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, व्यापारी और बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।



