
Rajsamand RK Hospital News : राजसमंद शहर के आरके जिला चिकित्सालय में लगातार मिल रही अव्यवस्थाओं, पार्किंग में अनियमितता और डॉक्टरों के नाम पर सक्रिय दलालों की शिकायतों के बाद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। पार्किंग कर्मचारी नशे में मिला तो विधायक ने तुरंत ठेका निरस्त करने और कर्मचारी को गिरफ्तार करने के निर्देश दे दिए। वहीं डॉक्टरों के दलालों की शिकायत पर विधायक ने डॉ. एमके मीणा को मौके पर बुलाकर जमकर खरी-खोटी सुनाई। पूरे घटनाक्रम के दौरान अस्पताल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों में भी हड़कंप मचा रहा।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी अचानक आरके जिला चिकित्सालय पहुंचीं और सबसे पहले अस्पताल के मुख्य द्वार पर पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। यहां पार्किंग कर्मचारी से बातचीत के दौरान वह नशे की हालत में मिला। यह देखकर विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्किंग का ठेका तुरंत निरस्त किया जाए और नशे में ड्यूटी कर रहे कर्मचारी को गिरफ्तार किया जाए। विधायक ने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर मरीजों की सुरक्षा और सुविधा के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक ने कहा कि पर्ची पर नंबर सिस्टम शुरू किया जाए ताकि जाे मरीज पहले आया है उसका इलाज पहले हो। निरीक्षण के दौरान कई मरीजों और परिजनों ने विधायक के सामने शिकायत रखी कि अस्पताल में कुछ लोग दलाली कर मरीजों को डॉक्टरों के निजी आवास और निजी क्लीनिक पर भेजते हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट दिखाने और जल्दी इलाज कराने के नाम पर मरीजों को गुमराह किया जा रहा है। इसी दौरान डॉ. एमके मीणा का नाम भी चर्चा में आया। विधायक ने इस पर गंभीर नाराजगी जताई और तुरंत डॉ. मीणा को मौके पर बुलाने के निर्देश दिए।
“पूरा हॉस्पिटल मैं चला रहा हूं…” बोले डॉ. एमके मीणा

Rajsamand MLA Action on RK Hospital : कुछ ही देर बाद डॉ. एमके मीणा मौके पर पहुंचे। विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने उनसे अस्पताल में मरीजों को हो रही परेशानियों और गुंडागर्दी जैसी शिकायतों पर सवाल किए। इस पर डॉ. मीणा ने कहा कि वे दिन-रात अस्पताल में काम कर रहे हैं और सबसे ज्यादा मरीज वही देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कई सर्जन होने के बावजूद सबसे अधिक ऑपरेशन वही कर रहे हैं। डॉ. मीणा ने कहा, “मैं सुबह एक मिनट भी लेट नहीं आता। पूरा हॉस्पिटल मैं अकेला संभाल रहा हूं। रिकॉर्ड उठाकर देख लीजिए।” उनके इस बयान के दौरान आवाज तेज हो गई, जिस पर विधायक दीप्ति माहेश्वरी भड़क उठीं। डॉ. एमके मीणा के ऊंचे स्वर में जवाब देने पर विधायक ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह तेज आवाज में बात करने की जरूरत नहीं है। विधायक ने कहा, “अगर आप एक जनप्रतिनिधि से इस तरह बात कर सकते हैं, तो यहां आने वाले आम मरीजों के साथ कैसा व्यवहार करते होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।” इस पर डॉ. मीणा ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी आवाज का तरीका ही ऐसा है और वे काफी तनाव में हैं। विधायक ने उन्हें स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपनी आदत और व्यवहार दोनों सुधारें तथा भविष्य में इस प्रकार की शिकायत दोबारा नहीं आनी चाहिए।
अस्पताल में दलाल दिखे तो तुरंत होगी FIR

RK Hospital Parking Issue : निरीक्षण के दौरान विधायक ने कांकरोली थाना प्रभारी सरोज बैरवा को भी मौके पर बुला लिया। विधायक ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में नियमित निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति डॉक्टर, एम्बुलेंस या जांच लैब के नाम पर दलाली करता दिखाई दे, तो उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। पार्किंग व्यवस्था में अव्यवस्था और मरीजों से अवैध वसूली जैसी शिकायतों पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। विधायक ने कहा कि भविष्य में अस्पताल में दलाली की एक भी शिकायत आई तो संबंधित पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को लगाने पड़ रहे चक्कर

Rajsamand Hospital Viral News : निरीक्षण के दौरान मरीजों ने विधायक को यह भी बताया कि जांच रिपोर्ट देर से आने के कारण उन्हें रिपोर्ट दिखाने के लिए डॉक्टरों के घर तक जाना पड़ता है। इस समस्या को गंभीर मानते हुए विधायक ने पीएमओ डॉ. रमेश रजक को निर्देश दिए कि सभी ओटी वाले डॉक्टर रोजाना दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक ओपीडी में बैठकर मरीजों की जांच रिपोर्ट देखें और आवश्यक दवाइयां लिखें। विधायक ने मीडिया के सामने भी यह व्यवस्था लागू करने की बात कही।

पीएमओ के जवाब ने खड़े किए सवाल

Dr MK Meena Rajsamand News today : जब मीडिया ने पीएमओ डॉ. रमेश रजक से पूछा कि नई व्यवस्था कब से लागू होगी, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए टालमटोल वाला रवैया अपनाया। पीएमओ की इस प्रतिक्रिया के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब विधायक के निर्देशों पर भी तुरंत अमल होता नजर नहीं आ रहा, तो अस्पताल की व्यवस्थाएं आखिर कैसे सुधरेंगी। अब देखना यह होगा कि विधायक दीप्ति माहेश्वरी के सख्त निर्देशों के बाद आरके जिला चिकित्सालय में व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है और मरीजों को राहत मिल पाती है या नहीं।



