
Diya Kumari Biography in Hindi : राजस्थान की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों में जिन नेताओं ने तेजी से अपनी अलग पहचान बनाई है, उनमें राजकुमारी दीया कुमारी का नाम प्रमुख रूप से लिया जाता है। जयपुर के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली दीया कुमारी केवल राजघराने की प्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली राजनीतिज्ञ, समाजसेवी और प्रशासनिक नेतृत्वकर्ता के रूप में भी जानी जाती हैं।
राजस्थान की वर्तमान उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहीं दीया कुमारी अपनी सादगी, शालीनता और मजबूत राजनीतिक छवि के कारण लगातार चर्चा में रहती हैं। शाही पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्होंने खुद को केवल Diya kumari husband महलों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि राजनीति और सामाजिक कार्यों के जरिए आम जनता के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।
दीया कुमारी का परिचय
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | राजकुमारी दीया कुमारी |
| जन्म | 30 जनवरी 1971 |
| जन्म स्थान | जयपुर |
| उम्र | 55 वर्ष (2026 के अनुसार) |
| वर्तमान पद | राजस्थान की उपमुख्यमंत्री |
| राजनीतिक दल | भारतीय जनता पार्टी |
| शिक्षा | डेकोरेटिव आर्ट्स, मानद डॉक्टरेट |
| व्यवसाय | राजनीतिज्ञ, समाजसेवी, विरासत प्रबंधन |
| पिता | ब्रिगेडियर महाराजा भवानी सिंह |
| माता | महारानी पद्मिनी देवी |
| दादा | महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय |
| बच्चे | 2 बेटे और 1 बेटी |
| वैवाहिक स्थिति | तलाकशुदा |
जयपुर के शाही परिवार में हुआ जन्म

Diya kumari caste in hindi : दीया कुमारी का जन्म 30 जनवरी 1971 को एक प्रतिष्ठित राजघराने में हुआ। वह जयपुर रियासत के अंतिम शासक महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय की पोती हैं। उनके पिता ब्रिगेडियर महाराजा भवानी सिंह भारतीय सेना के सम्मानित अधिकारी थे, जबकि उनकी माता महारानी पद्मिनी देवी सिरमौर राजघराने से संबंध रखती हैं। जयपुर का शाही परिवार देशभर में अपनी विरासत, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के लिए प्रसिद्ध रहा है। ऐसे प्रतिष्ठित परिवार में जन्म लेने के कारण दीया कुमारी का बचपन राजसी वातावरण में बीता, लेकिन उन्हें बचपन से ही अनुशासन और सादगी की शिक्षा दी गई।
दादी गायत्री देवी की देखरेख में बीता बचपन
दीया कुमारी का प्रारंभिक जीवन उनकी दादी राजमाता गायत्री देवी की देखरेख में गुजरा। गायत्री देवी भारतीय इतिहास की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में गिनी जाती थीं। उनका व्यक्तित्व और सोच दीया कुमारी पर गहरा प्रभाव छोड़ गया। राजमाता गायत्री देवी हमेशा शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और समाजसेवा को महत्व देती थीं। यही कारण है कि दीया कुमारी ने भी बाद में सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई।
शिक्षा: दिल्ली से लंदन तक का सफर

दीया कुमारी ने अपनी शुरुआती शिक्षा देश के प्रतिष्ठित स्कूलों से प्राप्त की। उन्होंने:
- मॉडर्न स्कूल, नई दिल्ली
- जीडी सोमानी मेमोरियल स्कूल, मुंबई
- महारानी गायत्री देवी गर्ल्स पब्लिक स्कूल, जयपुर
जैसे प्रसिद्ध संस्थानों में पढ़ाई की।
इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए लंदन चली गईं, जहां उन्होंने डेकोरेटिव आर्ट्स और फाइन आर्ट्स से जुड़ी पढ़ाई की। विरासत संरक्षण और कला के प्रति उनका झुकाव इसी शिक्षा का परिणाम माना जाता है।
बाद में एमिटी यूनिवर्सिटी, जयपुर ने उन्हें सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया।
प्रेम विवाह और विवादों से भरा निजी जीवन

Diya kumari husband : दीया कुमारी का निजी जीवन भी काफी चर्चा में रहा। उन्होंने नरेंद्र सिंह राजावत से प्रेम विवाह किया था। दोनों की मुलाकात उस समय हुई जब नरेंद्र सिंह जयपुर राजपरिवार से जुड़े ट्रस्ट के कार्यों में सहयोग कर रहे थे। हालांकि यह विवाह आसान नहीं था। राजपूत समाज के कुछ वर्गों ने इस रिश्ते का विरोध किया क्योंकि दोनों एक ही राजावत गोत्र से संबंध रखते थे। काफी सामाजिक विरोध और विवादों के बावजूद दोनों ने 1994 में आर्य समाज रीति-रिवाज से विवाह किया। बाद में अदालत में भी शादी पंजीकृत करवाई गई।
तीन बच्चों की मां हैं दीया कुमारी
Diya Kumari ke kitne bacche hain : दीया कुमारी और नरेंद्र सिंह के तीन बच्चे हैं:
- पद्मनाभ सिंह
- लक्षराज सिंह
- गौरवी कुमारी
उनके बड़े बेटे पद्मनाभ सिंह को जयपुर राजघराने का उत्तराधिकारी माना जाता है। हालांकि शादी के कई वर्षों बाद दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया और आखिरकार वर्ष 2018 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया।
विरासत संरक्षण में निभाई अहम भूमिका

दीया कुमारी केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने जयपुर की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखने में भी बड़ी भूमिका निभाई।
वे वर्तमान में:
- सिटी पैलेस जयपुर
- जयगढ़ किला
- आमेर से जुड़े ट्रस्ट
- विरासत होटल
- शैक्षणिक संस्थानों
का प्रबंधन देखती हैं।
उनकी देखरेख में कई ऐतिहासिक इमारतों और सांस्कृतिक धरोहरों को नए स्वरूप में विकसित किया गया।
राजनीति में कैसे हुई एंट्री?
Diya Kumari husband Photo : दीया कुमारी लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय थीं, लेकिन उन्होंने औपचारिक रूप से राजनीति में प्रवेश 10 सितंबर 2013 को किया। जयपुर में आयोजित एक बड़ी रैली में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उस समय नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और वसुंधरा राजे जैसे बड़े नेता मंच पर मौजूद थे। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें सवाई माधोपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया और उन्होंने पहली ही बार में शानदार जीत हासिल की।
विधायक से सांसद और फिर डिप्टी सीएम तक का सफर

दीया कुमारी का राजनीतिक सफर लगातार मजबूत होता गया।
राजनीतिक यात्रा:
- 2013: सवाई माधोपुर से विधायक बनीं
- 2019: राजसमंद से लोकसभा सांसद चुनी गईं
- 2023: विद्याधर नगर से विधायक बनीं
- 15 दिसंबर 2023: राजस्थान की उपमुख्यमंत्री नियुक्त हुईं
उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें वित्त, पर्यटन, महिला एवं बाल विकास, पीडब्ल्यूडी और संस्कृति जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी दी गई।
जनता के बीच लोकप्रिय छवि

Diya Kumari family : राजघराने से आने के बावजूद दीया कुमारी आम जनता के बीच लगातार सक्रिय रहती हैं। वे धार्मिक आयोजनों, सामाजिक कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों में नियमित रूप से हिस्सा लेती हैं। उनकी सरल छवि और सहज व्यवहार ने उन्हें राजस्थान की लोकप्रिय महिला नेताओं में शामिल कर दिया है।
सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय
दीया कुमारी ने समाजसेवा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने “राजकुमारी दीया कुमारी फाउंडेशन” की स्थापना की, जो महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद लोगों के लिए काम करता है। वे शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और विरासत संरक्षण जैसे विषयों पर लगातार काम करती रही हैं।
करोड़ों की संपत्ति और विरासत
Diya Kumari Net worth : दीया कुमारी शाही परिवार से संबंध रखती हैं, इसलिए उनके पास कई विरासत संपत्तियां हैं।
उनके पास:
- सिटी पैलेस
- जयगढ़ किला
- विरासत होटल
- ट्रस्ट
- स्कूल
- व्यवसायिक संपत्तियां
मौजूद हैं। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी कुल संपत्ति करोड़ों रुपए में आंकी जाती है।
विवादों में भी रही हैं दीया कुमारी

दीया कुमारी समय-समय पर अपने कुछ बयानों को लेकर भी सुर्खियों में रही हैं। उन्होंने अयोध्या विवाद के दौरान खुद को भगवान राम के वंशजों में शामिल बताया था। इसके अलावा उन्होंने ताजमहल को लेकर भी बयान दिया था कि वह जमीन कभी उनके परिवार से जुड़ी थी।हालांकि इन बयानों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया।
राजस्थान की राजनीति में मजबूत महिला चेहरा
आज दीया कुमारी राजस्थान भाजपा का एक बड़ा चेहरा मानी जाती हैं। प्रशासनिक अनुभव, राजनीतिक पकड़ और शाही विरासत का संतुलन उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाता है। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री के रूप में वे लगातार राज्य की राजनीति और विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। आने वाले समय में उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ी जिम्मेदारियां मिलने की संभावना जताई जाती है।



