
राजसमंद। Rajsamand Water Crisis : कमजोर मानसून के कारण राजसमंद जिले में संभावित जल संकट की चिंता बढ़ने लगी है। जिले के 10 प्रमुख बांध पूरी तरह खाली पड़े हैं, जबकि 15 जलाशयों में अब तक पर्याप्त पानी की आवक नहीं हो सकी है। मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ ही अधिकांश वॉटर बॉडीज में पानी की आमद लगभग थम सी गई है, जिससे पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
गुरुवार को दिनभर जिले में बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन शाम तक किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं हुई। इस वर्ष 1 जून से अब तक जिले में औसतन 259 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है। हालांकि मानसून का समय अभी शेष है और लोगों को आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद बनी हुई है। जिले के 25 प्रमुख जलाशयों में से 10 पूरी तरह सूखे पड़े हैं, जबकि राजसमंद झील, नंदसमंद बांध, बाघेरी नाका बांध, चिकलवास बांध और माताजी खेड़ा बांध सहित 15 जलस्रोतों में अब तक अपेक्षित मात्रा में पानी नहीं पहुंच पाया है। Rajsamand Dam Water Level

Rajsamand Rain News विशेषज्ञों के अनुसार गौमती और बनास नदी में पर्याप्त जल प्रवाह होना बेहद जरूरी है। इन्हीं नदियों से राजसमंद झील, बाघेरी नाका और नंदसमंद बांध जैसे प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक होती है। ऐसे में जिलेवासियों की उम्मीदें अब मानसून की बारिश पर टिकी हुई हैं। यदि आने वाले दिनों में अच्छी वर्षा नहीं होती है तो जिले में पेयजल आपूर्ति और सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। Rajsamand Lake Water Level
प्रमुख जलाशयों की वर्तमान स्थिति
| जलस्रोत | कुल भराव क्षमता (एमसीएफटी) | वर्तमान पानी (एमसीएफटी) |
|---|---|---|
| राजसमंद झील | 3786 | 2103 |
| माताजी खेड़ा बांध | 421 | 122 |
| नंदसमंद बांध | 750 | 177 |
| चिकलवास बांध | 400 | 289 |
| बाघेरी नाका बांध | 311.68 | 132 |



