
Bank Strike 2026 : अगर बैंक से जुड़ा आपका कोई जरूरी काम अभी बाकी है तो उसे आज ही पूरा कर लें। रविवार होने के बावजूद आज सरकारी बैंक खुले हैं, जबकि सोमवार से बुधवार तक बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल का असर रहेगा। बैंक कर्मचारी सप्ताह में 5 दिन काम और 2 दिन अवकाश की मांग को लेकर अगले तीन दिनों तक हड़ताल पर रहेंगे।
करीब 10 साल बाद रविवार के दिन बैंक खुले हैं। इससे पहले वर्ष 2016 में नोटबंदी के दौरान 14 नवंबर को रविवार होने के बावजूद बैंकों को खोला गया था। उस समय पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट बदलने, जमा करने और नकदी निकालने के लिए बैंकों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को सुविधा देने के लिए सरकार ने रविवार को भी बैंक खोलने का फैसला किया था। बैंक हड़ताल के दौरान SBI, PNB समेत सरकारी बैंकों के ATM से कैश निकालने पर मंथली फ्री लिमिट पार होने के बाद भी कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। RBI के मौजूदा नियमों के अनुसार, ग्राहक अपने बैंक के ATM से हर महीने 5 बार मुफ्त कैश निकासी कर सकते हैं। वहीं दूसरे बैंक के ATM से दिल्ली, मुंबई जैसे मेट्रो शहरों में महीने में 3 और छोटे शहरों में 5 मुफ्त ट्रांजेक्शन की सुविधा मिलती है। फ्री ट्रांजेक्शन की सीमा पार होने पर प्रत्येक अतिरिक्त ATM ट्रांजेक्शन के लिए ₹23 + GST शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा ATM इस्तेमाल करने पर बैंक एक-दूसरे को भी शुल्क देते हैं। कैश निकालने के लिए यह शुल्क 19 रुपए और बैलेंस चेक करने के लिए 7 रुपए है।
7 बड़ी बैंक यूनियनें हड़ताल में शामिल
Bank Holiday 2026 : बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को टालने के लिए वित्तीय सेवा विभाग, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक प्रबंधन की ओर से की गई अपील को यूनियनों ने स्वीकार नहीं किया है। हड़ताल में देश की 7 प्रमुख बैंक यूनियनें शामिल होंगी। इनके साथ करीब 90 प्रतिशत से अधिक बैंक कर्मचारी जुड़े होने का दावा किया गया है। इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC शामिल हैं। यूनियनों का कहना है कि जब तक सरकार सप्ताह में 5-डे वर्किंग लागू करने की निश्चित तारीख घोषित नहीं करती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
5-डे वर्किंग को लेकर सरकार और यूनियन आमने-सामने
Bank Employees Strike : बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से पहले सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सरकार ने बैंकों में 5-डे वर्किंग लागू करने का कोई औपचारिक वादा नहीं किया है। बताया गया है कि वेतन संशोधन को लेकर हुई बातचीत के दौरान भी इस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बनी थी। वित्त मंत्रालय के एक सूत्र के अनुसार, 5-डे वर्किंग की मांग बैंक कर्मचारी यूनियनों की ओर से एकतरफा रखी गई थी और सरकार तथा यूनियनों के बीच इस पर सहमति नहीं बनी।

PLI स्कीम को लेकर भी विवाद
5 Day Working In Banks : बैंक कर्मचारियों की 5-डे वर्किंग की मांग के अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) को लेकर भी सरकार और बैंक यूनियनों के बीच मतभेद हैं। सरकार ने स्केल-4 और उससे ऊपर के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए बोनस से जुड़ा नया नियम लागू किया है। इसके तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को 365 दिनों की बेसिक सैलरी के बराबर इंसेंटिव या बोनस मिल सकता है। बैंक यूनियनें इस व्यवस्था का भी विरोध कर रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का असर बैंकिंग सेवाओं पर देखने को मिल सकता है। SBI Bank Strike



