
Ajit Pawar Biography : महाराष्ट्र की राजनीति के बेहद प्रभावशाली चेहरे (NCP) के वरिष्ठ नेता रहे अजित अनंतराव पवार के निधन की खबर ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया। मुंबई से बारामती जाते समय उनका chartered plane (Learjet 45) लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा बारामती एयरपोर्ट के पास रनवे से फिसलने के बाद हुआ, जिसमें विमान में आग लग गई। DGCA (Directorate General of Civil Aviation) के अनुसार विमान में कुल 6 लोग सवार थे—अजित पवार, दो सुरक्षा कर्मी, एक PSO/अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर (Pilot और First Officer)। दुर्भाग्यवश, इस भीषण दुर्घटना में सभी की मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि अजित पवार जिला परिषद चुनावों से पहले बारामती में चार public meetings में भाग लेने जा रहे थे। वे 12वीं तक शिक्षित थे, लेकिन राजनीतिक समझ, जमीनी अनुभव और प्रशासनिक दक्षता के कारण उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में असाधारण पहचान बनाई। आइए, उनके जीवन के उन पहलुओं को विस्तार से समझते हैं, जिन्होंने उन्हें एक साधारण पृष्ठभूमि से उठाकर सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाया।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
Ajit Pawar Party : अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवर गांव में हुआ। उनके पिता अनंतराव गोविंदराव पवार मुंबई के राजकमल स्टूडियो में कार्यरत थे। परिवार सामान्य आर्थिक परिस्थितियों से गुजर रहा था। अजित ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई देवलाली प्रवर में पूरी की। बाद में उन्होंने महाराष्ट्र एजुकेशन सोसाइटी हाई स्कूल, बारामती से 10वीं (SSC) उत्तीर्ण की।
इसके बाद उन्होंने कॉलेज में प्रवेश लिया और Shivaji University, Kolhapur में पढ़ाई शुरू की, लेकिन पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां अचानक उनके कंधों पर आ गईं। घर की आर्थिक स्थिति संभालने के लिए उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। इस तरह वे कॉलेज ड्रॉपआउट बन गए। उनकी औपचारिक शिक्षा भले ही सेकेंडरी लेवल तक सीमित रही, लेकिन वास्तविक जीवन के अनुभवों ने उन्हें समाज, किसानों, कोऑपरेटिव संस्थाओं और ग्रामीण समस्याओं की गहरी समझ दी।
राजनीति में एंट्री: कोऑपरेटिव से विधानसभा तक
Ajit Pawar Poltical career पढ़ाई छोड़ने के बाद अजित पवार ने परिवार का हाथ बंटाने के साथ-साथ सामाजिक और सहकारी गतिविधियों में हिस्सा लेना शुरू किया। वर्ष 1982 में वे पुणे की एक cooperative sugar factory के बोर्ड में चुने गए। यहीं से उनकी सक्रिय राजनीति की शुरुआत मानी जाती है। उनके चाचा और NCP प्रमुख शरद पवार का मार्गदर्शन उन्हें मिला, जिसने उनकी राजनीतिक यात्रा को गति दी। 1991 में वे पहली बार बारामती से लोकसभा सांसद (MP) बने, लेकिन चाचा शरद पवार के लिए सीट छोड़ दी। उसी वर्ष वे बारामती से विधायक (MLA) बने और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1995, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 तक वे लगातार बारामती से चुनाव जीतते रहे। यह रिकॉर्ड अपने आप में उनकी लोकप्रियता और मजबूत जनाधार का प्रमाण है।
मंत्री पद और प्रशासनिक दक्षता
अजित पवार ने अपने राजनीतिक करियर में सिंचाई, वित्त, कृषि, ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वे महाराष्ट्र के Deputy Chief Minister पद पर कई बार आसीन रहे। दिसंबर 2024 से वे देवेंद्र फडणवीस सरकार में फिर से डिप्टी सीएम के रूप में कार्यरत थे। उनकी कार्यशैली बेहद तेज और निर्णायक मानी जाती थी। वे नियमित रूप से जनता दरबार लगाते थे, जहां आम लोग सीधे अपनी समस्याएं रख सकते थे। फास्ट डिसीजन लेने और प्रशासनिक सख्ती के लिए वे जाने जाते थे।
निजी जीवन: किससे हुई शादी?
Ajit Pawar family : अजित पवार का विवाह वर्ष 1985 में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बेटी सुनेत्रा पवार से हुआ। उनके दो बेटे हैं—जय पवार और पार्थ पवार। पार्थ पवार भी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पारिवारिक और राजनीतिक जीवन के बीच संतुलन बनाकर चलना अजित पवार की विशेषता रही।

💰 Ajit Pawar Net Worth (नेट वर्थ)
महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर और NCP प्रमुख अजित पवार की declared net worth लगभग ₹103.16 करोड़ थी, जैसा कि उन्होंने 2024 विधानसभा चुनाव में Election Affidavit में बताया था। इसमें उनके कुल assets करीब ₹124.55 करोड़ और liabilities (देयताएँ) लगभग ₹21.4 करोड़ शामिल थीं
एक प्रेरक जीवन कथा
अजित पवार की जीवन यात्रा इस बात का उदाहरण है कि सफलता केवल डिग्री पर निर्भर नहीं करती, बल्कि मेहनत, समझ, नेतृत्व क्षमता और जमीनी जुड़ाव से मिलती है। कॉलेज की पढ़ाई पूरी न कर पाने के बावजूद उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा मुकाम हासिल किया कि बारामती को उनका गढ़ कहा जाने लगा। वे किसानों, ग्रामीण विकास और सहकारी संस्थाओं के मुद्दों को गहराई से समझते थे। यही कारण था कि वे जनता के बीच बेहद लोकप्रिय रहे।
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