
राजसमंद। Ananta Hospital News : मानव सेवा और चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में राजसमंद में एक परिवार ने अनुकरणीय पहल की है। 65 वर्षीय महिला के निधन के बाद उनके पति और परिजनों ने चिकित्सा शिक्षा एवं शोध कार्य के लिए उनका पार्थिव शरीर अनंता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर को दान कर दिया।
संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. नितिन शर्मा ने बताया कि महिला का इलाज अनंता अस्पताल में चल रहा था। रविवार सुबह उनका निधन हो गया। इसके बाद उनके पति एवं परिजनों ने आपसी सहमति से देहदान करने का निर्णय लिया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पार्थिव शरीर संस्थान के एनाटॉमी विभाग को सौंप दिया गया। डॉ. नितिन शर्मा ने बताया कि परिजनों का यह निर्णय चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि देहदान जैसी पहल समाज के अन्य लोगों को भी अंगदान और देहदान के लिए प्रेरित करती है। इससे चिकित्सा विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना का व्यावहारिक अध्ययन करने और शोध कार्य को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

इस अवसर पर संस्थान की एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. स्तुति श्रीवास्तव तथा प्रिंसिपल एवं कंट्रोलर डॉ. संजय गुप्ता ने देहदान करने वाले परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। कॉलेज प्रशासन की ओर से परिजनों को प्रशंसा पत्र भी सौंपा गया। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि यह निस्वार्थ निर्णय मानवता के लिए एक अमूल्य योगदान है। देहदान से मेडिकल विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ चिकित्सा क्षेत्र में शोध कार्य को भी मजबूती मिलेगी। परिवार की इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताते हुए अन्य लोगों से भी देहदान एवं अंगदान के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया गया।



