Skip to content
May 26, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
jaivardhannews.com

jaivardhannews.com

Jaivardhan news

Nai Jindagi education Foundation

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Primary Menu
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
    • सोना चांदी भाव
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • खेल
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • राशिफल
    • धार्मिक
    • दिन विशेष
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy
  • क्राइम/हादसे

ASI Vishnu Singh death : वर्दी के पीछे का दर्द या कोई साजिश ? : एएसआई की मौत ने खड़े किए बड़े सवाल

Laxman Singh Rathor May 5, 2026 1 minute read

ASI Vishnu Singh death : कभी वर्दी हौंसला देती है… तो कभी वही वर्दी सवाल बन जाती है। और जब कानून की रक्षा करने वाली दीवार के भीतर ही एक ज़िंदगी खामोश हो जाए, तो सच और शक के बीच एक ऐसी जंग शुरू होती है, जिसका जवाब अक्सर देर से मिलता है… या कभी नहीं मिलता। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के कारोई थाने में घटी यह घटना सिर्फ एक मौत नहीं है, बल्कि एक ऐसा आईना है, जिसमें पुलिस व्यवस्था का अंदरूनी दबाव, खामोशियां और अनसुने दर्द साफ दिखाई देते हैं।

Bhilwara police : सुबह का वक्त था… रोज की तरह पुलिस जवान मेस की ओर बढ़े। लेकिन उस दिन का नज़ारा अलग था। मेस में एएसआई विष्णुसिंह का शव पड़ा था—खामोश, निस्पंद… और कई सवालों को जन्म देता हुआ। वही विष्णुसिंह, जो कल तक थाने में आने वाले लोगों को कानून का भरोसा देते थे, आज खुद सवाल बन गए थे। घटना की सूचना मिलते ही भीलवाड़ा एसपी धर्मेन्द्र सिंह समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। लेकिन जैसे-जैसे जानकारी सामने आई, मामला उतना ही उलझता चला गया।

विष्णुसिंह के भाई नरेंद्र सिंह ने इस मौत को साफ तौर पर संदिग्ध बताया। उन्होंने बताया कि रात 9 बजे तक उनकी भाई से बात हुई थी—सब कुछ सामान्य था, किसी तनाव का कोई संकेत नहीं था। न कोई पारिवारिक विवाद… न कोई परेशानी का जिक्र। फिर आखिर ऐसा क्या हुआ कि कुछ ही घंटों में सब खत्म हो गया? सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शव पर कोई चोट के निशान नहीं थे। यानी मामला सीधा नहीं है… और यही बात इस घटना को और ज्यादा रहस्यमयी बना देती है।

विष्णुसिंह, रायपुरा गांव के रहने वाले थे। परिवार में दो बेटे… और एक ऐसी नौकरी, जिसे उन्होंने सिर्फ पेशा नहीं बल्कि जिम्मेदारी माना। लेकिन आज वही परिवार गहरे सदमे में है। एक पिता, एक भाई, एक पुलिसकर्मी—सब एक साथ खो गए। लेकिन यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती…

Police mental stress : भीलवाड़ा में यह कोई पहली घटना नहीं है। 6 मार्च को भी एएसआई महावीर सिंह की संदिग्ध मौत हुई थी। उस समय कहा गया कि सर्विस रिवॉल्वर लोड करते वक्त एक्सीडेंटल फायरिंग हुई। मामला वहीं दब गया… लेकिन अब दूसरी मौत ने उस घटना को फिर से जिंदा कर दिया है। अब सवाल उठता है—क्या यह महज संयोग है? या फिर सिस्टम के भीतर कुछ ऐसा है, जो बाहर नहीं आने दिया जा रहा?

Police pressure : दरअसल, इस पूरी घटना के पीछे एक और परत है—तनाव की परत। जानकारी के अनुसार, विष्णुसिंह को हाल ही में प्रमोशन मिला था। 28 जनवरी को उन्होंने खुद एसपी को आवेदन देकर कारोई, गंगापुर और बागौर थाने में पोस्टिंग मांगी थी। उन्हें उनकी प्राथमिकता के अनुसार कारोई थाना मिल गया। लेकिन यहीं से उनकी परेशानी शुरू हुई। असल में, विष्णुसिंह का अधिकांश सेवाकाल पुलिस लाइन और ड्राइविंग ड्यूटी में बीता था। उन्होंने कभी जांच (इन्वेस्टिगेशन) का काम नहीं किया था। अचानक थाने में जिम्मेदारी मिलना उनके लिए चुनौती बन गया।

बताया जा रहा है कि उन्होंने कई बार साथियों से और अधिकारियों से यह बात साझा की कि वे इस काम में सहज नहीं हैं। यहां तक कि उन्होंने पुलिस लाइन में वापस ट्रांसफर की इच्छा भी जताई। लेकिन उन्होंने औपचारिक आवेदन नहीं दिया… और शायद यहीं सिस्टम की एक खामी भी सामने आती है—क्या हर समस्या लिखित आवेदन की मोहताज होनी चाहिए?

Rajasthan police : विष्णुसिंह के साथी एएसआई सांवर लाल जाट के आरोप इस मामले को और गंभीर बना देते हैं। उन्होंने साफ कहा कि यह मौत कार्यस्थल के तनाव की ओर इशारा करती है। उनके अनुसार, विष्णुसिंह को ऐसे काम में लगाया गया, जिसमें उन्हें अनुभव नहीं था। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई। सांवर लाल खुद भी सिस्टम से परेशान नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में निचले स्तर के कर्मचारियों की सुनवाई नहीं होती। अधिकारी सिर्फ अपने करीबी लोगों की बातों पर भरोसा करते हैं।

उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें खुद इतना मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया कि वे आत्महत्या की स्थिति में पहुंच गए थे। और यह भी आरोप लगाया कि एससी-एसटी एक्ट में फंसाने तक की धमकी दी जाती है। हालांकि, सांवर लाल के खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है, लेकिन उनके आरोपों को पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता।

दूसरी ओर, एसपी धर्मेन्द्र सिंह का कहना है कि विष्णुसिंह को उनकी खुद की इच्छा पर थाने में पोस्टिंग दी गई थी और ऐसी किसी शिकायत की जानकारी नहीं है। उन्होंने मांडलगढ़ थाने के अधिकारी पर लगे आरोपों की जांच की बात जरूर कही है। यहीं से एक और सवाल उठता है—क्या सिस्टम में शिकायतें सिर्फ तब मानी जाती हैं, जब वे फाइलों में दर्ज हों? क्या मौखिक पीड़ा, मानसिक दबाव और अंदर ही अंदर टूटते इंसान की कोई कीमत नहीं?

पुलिस की नौकरी हमेशा से चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। लंबे घंटे, लगातार दबाव, जनता की अपेक्षाएं और अधिकारियों का अनुशासन—इन सबके बीच एक पुलिसकर्मी अपनी भावनाओं को अक्सर दबा देता है। लेकिन जब यही दबाव असहनीय हो जाए, तो उसका अंजाम क्या होता है—यह भीलवाड़ा की यह घटना बता रही है।

विष्णुसिंह की मौत आत्महत्या है या कुछ और—यह तो जांच के बाद ही साफ होगा। लेकिन इतना जरूर है कि इस मौत ने पुलिस विभाग के भीतर छिपे तनाव को उजागर कर दिया है। क्या वर्दी पहनने के बाद इंसान की तकलीफें खत्म हो जाती हैं? या फिर वह सिर्फ जिम्मेदारियों का बोझ उठाने वाली एक खामोश मशीन बन जाता है?

यह सवाल सिर्फ विष्णुसिंह की मौत तक सीमित नहीं है। यह उन हजारों पुलिसकर्मियों की कहानी है, जो रोज अपने कर्तव्य के साथ-साथ मानसिक दबाव से भी लड़ते हैं। अगर सिस्टम अपने ही लोगों की आवाज नहीं सुन पाएगा… तो इंसाफ की उम्मीद बाहर के लोगों को कैसे देगा? विष्णुसिंह अब नहीं हैं… लेकिन उनके पीछे छूटे सवाल अब भी जिंदा हैं। और जब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिलते, तब तक हर वर्दी के पीछे छिपा दर्द यूं ही खामोश चीखता रहेगा।

IBJA Gold Silver Price : सोना हुआ सस्ता! आज कीमतों में गिरावट, खरीदने का सही मौका?

About the Author

Laxman Singh Rathor

Administrator

Laxman Singh Rathor को पत्रकारिता के क्षेत्र में दो दशक का लंबा अनुभव है। 2005 में Dainik Bhakar से कॅरियर की शुरुआत कर बतौर Sub Editor कार्य किया। वर्ष 2012 से 2019 तक Rajasthan Patrika में Sub Editor, Crime Reporter और Patrika TV में Reporter के रूप में कार्य किया। डिजिटल मीडिया www.patrika.com पर भी 2 वर्ष कार्य किया। वर्ष 2020 से 2 वर्ष Zee News में राजसमंद जिला संवाददाता रहा। आज ETV Bharat और Jaivardhan News वेब पोर्टल में अपने अनुभव और ज्ञान से आमजन के दिल में बसे हैं। लक्ष्मण सिंह राठौड़ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि खबरों की दुनिया में एक ब्रांड हैं। उनकी गहरी समझ, तथ्यात्मक रिपोर्टिंग, पाठक व दर्शकों से जुड़ने की क्षमता ने उन्हें पत्रकारिता का चमकदार सितारा बना दिया है। jaivardhanpatrika@gmail.com

Visit Website View All Posts
Visitor Views : 270

Post navigation

Previous: IBJA Gold Silver Price : सोना हुआ सस्ता! आज कीमतों में गिरावट, खरीदने का सही मौका?
Next: WhatsApp mobile recharge feature : अब WhatsApp से ही होगा मोबाइल रिचार्ज! जानिए कैसे काम करेगा नया फीचर

Related Stories

Rajsamand Drug Smuggling News
  • क्राइम/हादसे

Rajsamand Drug Smuggling News : राजसमंद में 70 लाख से ज्यादा डोडा पकड़ा, 1 आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार

Parmeshwar Singh Chundwat May 24, 2026
Accident news today Rajsamand
  • क्राइम/हादसे

Rajsamand Road Accident News : राजसमंद में दर्दनाक हादसा! बेकाबू ट्रेलर ने परिवार को कुचला, 3 की मौके पर मौत

Parmeshwar Singh Chundwat May 24, 2026
Rajsamand Jail News
  • क्राइम/हादसे

Rajsamand Jail News : राजसमंद जेल में बड़ा खेल! दीवार के बाहर से फेंका गया चरस और सिगरेट का पार्सल

Parmeshwar Singh Chundwat May 24, 2026
  • Poltical
  • Web Stories
  • अजब गजब
  • इतिहास / साहित्य
  • ऑटो
  • कमाई टिप्स
  • क्राइम/हादसे
  • खेल
  • तकनीकी
  • दिन विशेष
  • देश-दुनिया
  • धार्मिक
  • फाइनेंस
  • बायोग्राफी
  • बैंक
  • बॉलीवुड
  • भर्ती
  • मोबाइल
  • मौसम
  • राशिफल
  • विविध
  • शिक्षा
  • समाचार
  • सरकारी योजना
  • सोना चांदी भाव
  • स्वास्थ्य

Jaivardhan TV

YouTube Video UCkaBxhzSvuqEmluN5aAXxtA_vJBZI_cVlJo पीपली अहिरान से युवक लापता, दिखे तो बताइए 9001951547
#rajsamandnews #rajsamandpolice
राजसमंद जिले के पीपली अहिरान गांव से युवक ललित श्याम शर्मा पुत्र मदनमोहन शर्मा 20 मई 2026 से लापता है। यह युवक मूलत: उदयपुर जिले में बेदला के पास पुरोहित की बाड़ी निवासी है। हुलिया है, दाढ़ी बढ़ी हुई,कान में सोने के लॉन्ग, हाथ में चांदी का कड़ा, गले में चांदी का मादलिया है। अंतिम बार खंडेल चौराहे पर देखे गए। किसी को दिखाई दे तो तत्काल संपर्क करें। मोबाइल नंबर 9001951547, 8696962313 व 9983401344 पर फोन कर सकते है।
Rajsamand news
Rajsamand Police
पीपली अहिरान से युवक लापता, दिखे तो बताइए 9001951547
#rajsamandnews #rajsamandpolice
राजसमंद जिले के पीपली अहिरान गांव से युवक ललित श्याम शर्मा पुत्र मदनमोहन शर्मा 20 मई 2026 से लापता है। यह युवक मूलत: उदयपुर जिले में बेदला के पास पुरोहित की बाड़ी निवासी है। हुलिया है, दाढ़ी बढ़ी हुई,कान में सोने के लॉन्ग, हाथ में चांदी का कड़ा, गले में चांदी का मादलिया है। अंतिम बार खंडेल चौराहे पर देखे गए। किसी को दिखाई दे तो तत्काल संपर्क करें। मोबाइल नंबर 9001951547, 8696962313 व 9983401344 पर फोन कर सकते है।
Rajsamand news
Rajsamand Police
पीपली अहिरान से युवक लापता, दिखे तो बताइए 9001951547#rajsamandnews #rajsamandpolice
नई जिंदगी फाउंडेशन में नि:शुल्क सिलाई प्रशिक्षण: सीखें हुनर, पाएं रोजगार!
.
#Naijindagifoundation #Freetailoringtrannig #Jaivardhannews #todaynewsनई जिंदगी एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन
पता- जलचक्की चौराहा, IDBI बैंक के उपर, राजसमंद
Contact No- 70231-36617, 77421-86617, 70735-36617Owner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
नई जिंदगी फाउंडेशन में नि:शुल्क सिलाई प्रशिक्षण: सीखें हुनर, पाएं रोजगार! #naijindagifoundation
भीम जिला उप चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप, सुनिए #bhimnews #bhimhospital #govthospital  #jaivardhannews
#rajsamandOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
भीम जिला उप चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप, सुनिए #bhimnews #bhimhospital #govthospital
Subscribe

वेब स्टोरी

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram